महासमुंद। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा 14वीं जूनियर एवं सब-जूनियर नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 का आयोजन 29 से 31 अगस्त तक अटल बिहारी वाजपेई दिव्यांग खेल प्रशिक्षण केंद्र, ग्वालियर में किया गया। इसमें महासमुंद जिले की समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त संस्था फॉर्च्यून फाउंडेशन कर्मापटपर बागबाहरा के 05 खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर 05 पदक जीते। संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय टीम के प्रशिक्षक और मैनेजर निरंजन साहू ने बताया कि दल में 3 बालक एवं 2 बालिका खिलाड़ी शामिल थे। इनके साथ कोच मैनेजर व गाइड रनर देवेंद्र ठाकुर और मेघराज यादव, सहायक स्टाफ दिव्य लोचन और रश्मि साहू भी मौजूद रहे। जिसमें टी-11 कैटेगरी, जूनियर पुरुष वर्ग में सुखदेव ने 400 मीटर व 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किए। टी-12 कैटेगरी में निखिल कुमार यादव ने 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता। इसी प्रकार टी-2 कैटेगरी में नोशन लाल पटेल ने 1500 मीटर दौड़ में चतुर्थ स्थान प्राप्त किया तथा सब-जूनियर महिला वर्ग टी-12 कैटेगरी में नीलम टंडन ने 400 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता। टी-11 कैटेगरी में देवमोती ने लॉन्ग जम्प में कांस्य पदक हासिल किया। बतादें कि सुखदेव ने इससे पहले 7वीं ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 11-12 जुलाई 2025, बेंगलूरु में भी 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं द।
रायगढ़। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा रायगढ़ जनकल्याणकारी कार्यों में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रही है। समाज के जरूरतमंद एवं असहाय वर्गों की सेवा में समर्पित यह संस्था व्हीलचेयर ऑक्सीजन सिलेंडर, एयर बेड, कृत्रिम अंग, नि:शुल्क दवाएं, एंबुलेंस सुविधा, फिजियोथेरेपी सेवाएं, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरण और प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण जैसी अनेकों सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध करवा रही है। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा रायपुर से प्राप्त निर्देशानुसार, कलेक्टर एवं रेडक्रॉस अध्यक्ष श्री मयंक चतुर्वेदी तथा सचिव/मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले के फैक्ट्री वर्कर, वाहन चालक, नगर सैनिक, अस्पताल स्टाफ, माइन्स एवं रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूल-कॉलेजों के यूथ रेडक्रॉस वॉलंटियर्स और आम नागरिकों को प्राथमिक उपचार एवं ब्च्त् का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अगस्त माह में रेडक्रॉस मास्टर ट्रेनर डॉ. अविनाश गुप्ता एवं डॉ.गुलशन सिदार द्वारा मां शाकंभरी स्टील्स प्रा.लि.सम्बलपुरी में 10 कर्मचारियों को, नलवा स्टील एंड पावर लिमिटेड तराईमाल में 60 कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। रायगढ़ से दो युवा वॉलंटियर्स ने बढ़ाया जिले का गौरव इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, राज्य शाखा हरियाणा द्वारा 22 से 28 अगस्त 2025 तक इंटर स्टेट यूथ रेड क्रॉस ट्रेनिंग कैम्प फॉर ब्वायस का आयोजन पंजाबी धर्मशाला, ब्रह्मसरोवर, कुरुक्षेत्र हरियाणा में किया गया। इस शिविर में भाग लेने हेतु रायगढ़ जिले से बटमूल आश्रम महाविद्यालय के दो सक्रिय यूथ रेडक्रॉस वॉलंटियर्स नीजू दास और रितेश बेहरा को चयनित कर भेजा गया। इन विद्यार्थियों का चयन प्राचार्य डॉ.पी.एल.पटेल एवं यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. विक्रांत गुप्ता की अनुशंसा पर किया गया। सचिव एवं प्रभारी अधिकारी द्वारा उन्हें समस्त आवश्यक सामग्री और गणवेश उपलब्ध करवाकर शिविर के लिए रवाना किया गया। इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में छत्तीसगढ़ राज्य की 26 सदस्यीय टीम ने हिस्सा लिया। शिविर में शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं खेल आयोजन भी हुए, जिसमें छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति अत्यंत सराहनीय रही। प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
दुर्ग। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) ने मंगलवार को रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित कर पुलिस और अभियोजन अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। इस बैठक में कुल 259 प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई, जो तीन घंटे से अधिक समय तक चली। बैठक का मुख्य उद्देश्य उन खामियों और लापरवाहियों पर चर्चा करना रहा, जिनकी वजह से कई मामलों में आरोपी बरी हो जाते हैं। अग्रिम जमानत निरस्तीकरण के बावजूद गिरफ्तारी नहीं, आईजी ने जताई नाराजगी बैठक में आईजी गर्ग ने विशेष रूप से उन मामलों पर नाराजगी जताई, जिनमें माननीय न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत निरस्त करने के बाद भी पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं कर पाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अग्रिम जमानत खारिज कर दी जाती है, तो संबंधित पुलिस अधिकारी की जवाबदेही होगी कि वह जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों का अलग से ब्योरा तैयार किया जाए और जहां गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, वहां ठोस कारणों का उल्लेख किया जाए। विवेचना और अभियोजन में सुधार की जरूरत आईजी गर्ग ने कहा कि कई मामलों में दोषमुक्ति का कारण पुलिस विवेचना और अभियोजन में लापरवाही होता है। ऐसे मामलों में सुधार लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन अधिकारियों की वजह से विवेचना या अभियोजन में कमी रही है, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यकतानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। झूठी शिकायत करने वालों पर भी होगी कार्रवाई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि झूठी शिकायत करने वाले व्यक्तियों और निर्दोष लोगों को झूठा फंसाने वाले आरोपियों के खिलाफ अभियोजन अधिकारियों द्वारा न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। आईजी ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि गलत तरीके से मुकदमे दर्ज कराने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। इससे भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी इस समीक्षा बैठक में दुर्ग रेंज के सभी वरिष्ठ अधिकारी और अभियोजन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे। इसमें संयुक्त संचालक अभियोजन दुर्ग एस.एस. ध्रुव, उप निदेशक अभियोजन दुर्ग श्रीमती अनुरेखा सिंह, सहायक जिला अभियोजन बालोद प्रमोद घृतलहरे, उप निदेशक अभियोजन बेमेतरा आशीष कुमार सिन्हा, सहायक जिला अभियोजन बेमेतरा विनय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्रीमती पद्मश्री तंवर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बेमेतरा श्रीमती ज्योति सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद श्रीमती मोनिका ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती शिल्पा साहू, उप निरीक्षक राजकुमार प्रधान एवं पुलिस पीआरओ प्रशांत कुमार शुक्ला शामिल रहे। प्रकरणों की गहन पड़ताल बैठक में 259 प्रकरणों की अलग-अलग समीक्षा की गई। इसमें उन मामलों पर विशेष चर्चा की गई जहां सबूतों की कमी, गवाहों के मुकरने या विवेचना की त्रुटियों के कारण आरोपी दोषमुक्त हो गए। आईजी ने अधिकारियों को आदेशित किया कि भविष्य में विवेचना की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए और हर केस में ठोस सबूत व गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। आईजी गर्ग ने साफ कहा कि पुलिस का काम सिर्फ प्रकरण दर्ज करना और कोर्ट में पेश करना भर नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि अपराधी को सजा मिले। इसके लिए विवेचना से लेकर अभियोजन तक हर स्तर पर पारदर्शिता और गंभीरता बरती जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकरण में लापरवाही साबित होती है तो उस अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार और जिला प्रशासन की नवाचार पहल "प्रोजेक्ट रक्षा" के अंतर्गत आज ग्राम पंचायत कायाबंधा, कैम्प ब्लॉक आरंग में निःशुल्क कैंसर जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 35 से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। बालको मेडिकल सेंटर के सहयोग से लगाए गए इस शिविर में अब तक 360 से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस विशेष शिविर में मुख (ओरल), स्तन (ब्रेस्ट) और गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए जांच की गई।
शिविर में भाग लेने वाली महिलाओं को इन कैंसर के लक्षणों, बचाव के उपायों और नियमित जांच के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। प्रोजेक्ट रक्षा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को समय रहते कैंसर के प्रति सजग करना और प्रारंभिक चरण में ही उसकी पहचान कर उपचार सुनिश्चित कराना है। "आपका एक कदम – जीवन की रक्षा की ओर" जैसे प्रेरक संदेश के साथ मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन गांव-गांव जाकर यह अभियान चला रही है। बालको मेडिकल सेंटर की विशेषज्ञ टीम द्वारा संचालित इस मोबाइल वैन के माध्यम से सुदूर अंचलों तक पहुंचा जा रहा है। इस पहल से न केवल कैंसर के प्रति जागरूक किया जा रहा है, बल्कि महिलाएं बिना किसी खर्च के जांच करा रहीं है।
रायपुर। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले आज छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंचे। उन्होंने राज्य अतिथि गृह पहुना में छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में श्री अठावले ने विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन हितैषी योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ बनाने तथा समाज के वंचित वर्गों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति योजनाएँ, कौशल विकास कार्यक्रम और स्वरोजगार सहायता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव तारण प्रकाश सिन्हा एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, समाज कल्याण संचालक रोक्तिमा यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। केन्द्रीय मंत्री श्री अठावले ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। छत्तीसगढ़ सहित देशभर में योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी है। राज्यों के साथ बेहतर तालमेल से योजनाओं की पहुंच और परिणाम दोनों बेहतर होंगे।
रायपुर। सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते। बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएँ मायके में उपवास करती हैं। तीजा महिलाओं को मायके से जुड़ी यादों को तरोताज़ा करने का पर्व है।
तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद रूप कुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और विधायक अनुज शर्मा, सुनील सोनी तथा पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
बलरामपुर। जिले के तातापानी क्षेत्र में देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। लुतिया डैम लगातार हो रही भारी बारिश के कारण टूट गया, जिससे आसपास का इलाका पानी में डूब गया। हादसे में दो घर पूरी तरह बह गए और एक ही परिवार के 7 लोग लापता हो गए। अब तक 4 शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि शेष 3 लोगों की तलाश जारी है।
रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर संचालित ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी और कोबरा बटालियन के वीर जवानों से भेंट की और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद थे।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले ने मनरेगा योजना को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में नई पहल की है। अब जिले की सभी 549 पंचायतों में क्यूआर कोड प्रणाली शुरू की गई है। ग्रामीण अपने स्मार्टफोन से क्यूआर कोड स्कैन कर अपने गांव में पिछले पाँच वर्षों में स्वीकृत व्यक्तिगत और सामुदायिक कार्यों की विस्तृत जानकारी—व्यय, प्रगति और विवरण तुरंत प्राप्त कर सकेंगे।
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान हर्षोल्लास का माहौल अचानक मातम में बदल गया। बगीचा थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बोलेरो ने भीड़ को कुचल दिया, जिससे तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई और 25 से अधिक ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें कई की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री साय ने इस घटना पर शोक जताया है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़। नगर पंचायत पवनी में 60 लाख रुपये के कथित भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नगरवासियों ने सोमवार को धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में लगाए गए स्ट्रीट लाइट्स घटिया गुणवत्ता के कारण पहले ही खराब हो चुके हैं। यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता नहीं बल्कि नगरवासियों के साथ विश्वासघात भी है।
जशपुर। जशपुर पुलिस ने साइबर अपराध और म्यूल अकाउंट के मामलों में चलाए जा रहे ऑपरेशन अंकुश के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने लंबे समय से फरार आरोपी फिरोज खान को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पत्थलगांव थाना क्षेत्र में हुई 40 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला दर्ज था। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र की एक व्यवसायी महिला साइबर ठगी की शिकार हुई थी। महिला के खाते से ठगों ने जालसाजी कर करीब 40 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रकम विभिन्न म्यूल अकाउंट्स (अवैध लेन-देन में उपयोग होने वाले बैंक खातों) में ट्रांसफर की गई है। इन्हीं खातों के जरिये रकम को आगे भेजा जा रहा था।
आरोपी था फरार इस ठगी में शामिल आरोपियों की तलाश में जशपुर पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। इसी दौरान मुख्य आरोपी फिरोज खान का नाम सामने आया। फिरोज खान लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए अलग-अलग शहरों में छिपा हुआ था। रायपुर से पकड़ा गया पुलिस अधीक्षक जशपुर की टीम ने साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को रायपुर से ढूंढ निकाला। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध कबूल किया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को आगे पहुंचाया था। जशपुर पुलिस ने आरोपी फिरोज खान को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले के अन्य आरोपियों और म्यूल अकाउंट से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।
पुलिस का बयान जशपुर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “ऑपरेशन अंकुश” के तहत जिले में साइबर ठगी और म्यूल अकाउंट से जुड़े मामलों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान का मकसद ठगों के नेटवर्क को तोड़ना और लोगों को जागरूक करना है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल न करने दें। ऐसे मामलों में लापरवाही से खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के उम्दा क्षेत्र से 16 वर्षीय नाबालिग लड़की बीते 7 दिनों से लापता है। 27 अगस्त की सुबह वह रोज की तरह घर से काम पर जाने के लिए निकली थी, लेकिन उसके बाद से वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसी दिन थाने का दरवाजा खटखटाया, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया और कहा कि गुमशुदगी 24 घंटे पूरे होने के बाद ही दर्ज होगी। नतीजतन, 28 अगस्त को गुमशुदगी दर्ज हुई। मगर एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी नाबालिग का कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच, पीड़ित मां उगाला बंजारे ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर प्रशासन और पुलिस से बेटी की तलाश की गुहार लगाई है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
मां का दर्द छलका, वीडियो में लगाई गुहार मां उगाला बंजारे ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में रोते हुए कहा- “मेरी 16 साल की बेटी 7 दिन से लापता है। पुलिस मेरी कोई मदद नहीं कर रही। मैं बार-बार थाना आ रही हूं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। प्लीज सर, मैं हाथ जोड़कर अपील करती हूं, मेरी बेटी को ढूंढ दीजिए। उसके बिना मैं बिल्कुल बेसहारा हूं। मेरी जिंदगी में मेरी लड़की ही सबकुछ है।” उनके इस भावुक अपील वाले वीडियो ने स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा और अब यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
घटना का विवरण पीड़िता की मां ने बताया कि 27 अगस्त की सुबह बेटी रोज की तरह काम पर जाने के लिए घर से निकली थी। दोपहर तक जब वह नहीं लौटी तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। रिश्तेदारों, दोस्तों और आसपास के इलाकों में तलाश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अंततः परिवार थाने पहुंचा, मगर पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने में 24 घंटे की देरी की, जिससे कीमती समय बर्बाद हो गया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने पहले दिन ही गंभीरता से कार्रवाई की होती तो बेटी का पता लगाया जा सकता था। उगाला बंजारे का कहना है- “27 अगस्त को सुबह 8 बजे से मेरी बेटी लापता है। मैंने उसी दिन थाने में रिपोर्ट लिखाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने कहा कि गुमशुदगी 24 घंटे बाद ही दर्ज होगी। 28 अगस्त को मामला दर्ज हुआ। अब 7 दिन हो गए, लेकिन कोई भी अधिकारी हमें जानकारी नहीं दे रहा।” इस आरोप के बाद स्थानीय सामाजिक संगठन और आम लोग भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
पुलिस की सफाई मामले में भिलाई-3 थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने बयान दिया है। उन्होंने कहा- “मामले में पुलिस की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। जांच जारी है। केस में क्या अपडेट है, मैं इसे चेक करवा लेता हूं।” हालांकि परिजनों और स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस यदि सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ कदम उठाती तो अब तक बच्ची का सुराग मिल सकता था। लोगों में गुस्सा और चिंता इस घटना के बाद उम्दा क्षेत्र में लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। खासकर अभिभावकों का कहना है कि लगातार नाबालिगों के लापता होने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि “एक नाबालिग का 7 दिन तक गायब रहना और उसका कोई पता न लगना गंभीर मामला है। पुलिस को इस पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए थी। यदि परिवार समय पर वीडियो वायरल नहीं करता तो शायद यह मामला दबा ही रहता।” साइबर और क्राइम ब्रांच की मदद की जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल स्थानीय थाने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती। बच्ची के मोबाइल कॉल डिटेल्स, सोशल मीडिया गतिविधियों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच जरूरी है। परिवार की मांग है कि इस केस में पुलिस क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की मदद ले। बेटी की तलाश में परेशान मां ने अब सीधे जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही बच्ची का पता नहीं चला तो वह धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगी।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह सुनवाई जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा, वहीं बचाव पक्ष ने जमानत की मांग पर दलीलें दीं। हालांकि, विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली तारीख 8 सितंबर तय की है। ईडी ने रखा अपना पक्ष ईडी ने अदालत को अवगत कराया कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ठोस सबूतों और वित्तीय लेन-देन के आधार पर की गई है। एजेंसी ने दावा किया कि शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और गवाहों के बयानों से साफ है कि बघेल ने अवैध कमाई को अपने व्यवसाय में लगाया। ईडी के वकीलों ने कहा कि इस स्तर पर जमानत देना जांच को प्रभावित कर सकता है।
गौरतलब है कि 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को ईडी ने उनके जन्मदिन के दिन रायपुर से हिरासत में लिया था। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि शराब घोटाले से उन्होंने 16 करोड़ 70 लाख रुपए की अवैध कमाई की और उसे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश किया। 2161 करोड़ रुपए का घोटाला ईडी की जांच में सामने आया है कि साल 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ रुपए का शराब घोटाला हुआ। यह वह समय था जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क को बड़े नेताओं और अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ था।
ईडी के अनुसार, इस घोटाले में कई नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। इस कड़ी में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे कवासी लखमा पहले से ही जेल में बंद हैं। एजेंसी का कहना है कि धीरे-धीरे पूरे रैकेट का सच सामने लाया जाएगा और जिन-जिन लोगों की संलिप्तता है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। बचाव पक्ष की दलील चैतन्य बघेल की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट को बताया कि गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ईडी के आरोप निराधार हैं और अभी तक किसी भी जांच में प्रत्यक्ष सबूत सामने नहीं आए हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि चैतन्य का सीधे-सीधे इस घोटाले से कोई संबंध नहीं है और वह केवल एक उद्यमी के रूप में काम कर रहे हैं। हाईकोर्ट की कार्यवाही सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी गईं। जस्टिस अरविंद वर्मा ने कहा कि मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए विस्तृत सुनवाई आवश्यक है। इसलिए अगली सुनवाई की तारीख 8 सितंबर 2025 तय की गई है। इस केस ने छत्तीसगढ़ की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा की केंद्र सरकार ईडी का दुरुपयोग कर राजनीतिक बदले की कार्रवाई कर रही है। वहीं भाजपा का दावा है कि राज्य में शराब घोटाले से जुड़े नेताओं और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
रायपुर। राजधानी में ड्रग्स मामले की जांच के दौरान नव्या मलिक के बॉयफ्रेंड अयान परवेज को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। आरोपी को चार सितंबर तक पुलिस रिमांड पर रखेगी, ताकि मामले की गहन जांच की जा सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अयान परवेज इस मामले में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं। उन्होंने ड्रग्स मामले में कई खुलासे किए हैं, जिससे जांच और तेज़ हो सकेगी। अयान परवेज पेशे से टैक्स कंसलटेंट हैं और उनका पेशेवर अनुभव इस मामले में जांच के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। जांच में यह भी सामने आया कि अयान परवेज ने लॉ की डिग्री प्राप्त करने के बाद जीएसटी कंसलटेंट के रूप में काम किया है। उनके पेशेवर संपर्क और नेटवर्क पुलिस के लिए मामले की गहराई तक पहुँचने में मददगार हो सकते हैं। पुलिस ने बताया कि अयान परवेज की रिमांड लेने का उद्देश्य नव्या मलिक और अन्य आरोपियों के बीच संबंधों और ड्रग्स की सप्लाई चेन का पता लगाना है। अधिकारियों ने कहा कि रिमांड के दौरान अयान परवेज से पूछताछ कर उनके सभी संपर्कों, लेन-देन और ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएगी। इस मामले में पहले से ही नव्या मलिक को गिरफ्तार किया गया है और उनकी रिमांड चल रही है। अब अयान परवेज को भी रिमांड पर लेकर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अयान परवेज के पेशे और उनके पेशेवर नेटवर्क से जुड़े सबूत इस मामले में नई रोशनी डाल सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि उनका विवरण यह स्पष्ट करेगा कि ड्रग्स की सप्लाई किस स्तर तक फैली हुई थी और किन अन्य लोगों का इसमें योगदान था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रिमांड पर पूछताछ के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है। चार सितंबर तक अयान परवेज रिमांड पर रहेंगे, जिसके बाद जांच अधिकारी उनकी पेशी और आगे की कार्यवाही तय करेंगे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अयान परवेज के बयान से मामले में कई अहम पहलू सामने आएंगे, जो नव्या मलिक और अन्य आरोपियों के खिलाफ मजबूत सबूत उपलब्ध करवा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि मामले में अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। इस तरह की कार्रवाई यह दिखाती है कि पुलिस ड्रग्स के मामलों में सख्त कदम उठा रही है और अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर रही है।
रायपुर। ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरगुजा जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अंबिकापुर के दरिमा ग्राम पंचायत में जिला प्रशासन एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के संयुक्त तत्वावधान में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में 16 महिलाओं को रानी मिस्त्री तथा 19 पुरुषों को राजमिस्त्री का कौशल सिखाया गया। कुल 35 प्रतिभागियों ने व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान अर्जित किया।
रायपुर, राजधानी के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के नर्सिंग कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर 1 सितम्बर को एनएसयूआई प्रतिनिधि मंडल ने अधिष्ठाता से मुलाकात की।