बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग की ओर से दायर उस अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को प्रथम दृष्टया निरस्त करने की मांग की थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता ने लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना में हुई कथित अनियमितताओं के पर्याप्त तथ्य पेश किए हैं। ऐसे में मामला मेरिट पर सुनवाई योग्य है।
बैकुंठपुर। पिछले दिनों 3 सितम्बर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो में देखा जा सकता था कि, जिले के नगर सेना के कार्यालय में कुछ लोग जमकर शराबखोरी कर रहे थे। ये सभी जिले के होमगार्ड के ही जवान थे जो एक सरकारी दफ्तर में पार्टी मना रहे थे।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह सुनवाई जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा, वहीं बचाव पक्ष ने जमानत की मांग पर दलीलें दीं। हालांकि, विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली तारीख 8 सितंबर तय की है। ईडी ने रखा अपना पक्ष ईडी ने अदालत को अवगत कराया कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ठोस सबूतों और वित्तीय लेन-देन के आधार पर की गई है। एजेंसी ने दावा किया कि शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और गवाहों के बयानों से साफ है कि बघेल ने अवैध कमाई को अपने व्यवसाय में लगाया। ईडी के वकीलों ने कहा कि इस स्तर पर जमानत देना जांच को प्रभावित कर सकता है।
गौरतलब है कि 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को ईडी ने उनके जन्मदिन के दिन रायपुर से हिरासत में लिया था। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि शराब घोटाले से उन्होंने 16 करोड़ 70 लाख रुपए की अवैध कमाई की और उसे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश किया। 2161 करोड़ रुपए का घोटाला ईडी की जांच में सामने आया है कि साल 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ रुपए का शराब घोटाला हुआ। यह वह समय था जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क को बड़े नेताओं और अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ था।
ईडी के अनुसार, इस घोटाले में कई नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। इस कड़ी में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे कवासी लखमा पहले से ही जेल में बंद हैं। एजेंसी का कहना है कि धीरे-धीरे पूरे रैकेट का सच सामने लाया जाएगा और जिन-जिन लोगों की संलिप्तता है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। बचाव पक्ष की दलील चैतन्य बघेल की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट को बताया कि गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ईडी के आरोप निराधार हैं और अभी तक किसी भी जांच में प्रत्यक्ष सबूत सामने नहीं आए हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि चैतन्य का सीधे-सीधे इस घोटाले से कोई संबंध नहीं है और वह केवल एक उद्यमी के रूप में काम कर रहे हैं। हाईकोर्ट की कार्यवाही सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी गईं। जस्टिस अरविंद वर्मा ने कहा कि मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए विस्तृत सुनवाई आवश्यक है। इसलिए अगली सुनवाई की तारीख 8 सितंबर 2025 तय की गई है। इस केस ने छत्तीसगढ़ की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा की केंद्र सरकार ईडी का दुरुपयोग कर राजनीतिक बदले की कार्रवाई कर रही है। वहीं भाजपा का दावा है कि राज्य में शराब घोटाले से जुड़े नेताओं और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
रायपुर। संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर ने गंभीर अनियमितताओं के कारण शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लोफंदी में पदस्थ डीलेश्वर प्रसाद कंगण, संकुल समन्वयक एवं शिक्षक एल.बी. को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है
बिलासपुर। पुलिस ने रसूखदार जुआरियों के जुए के बड़े फड़ में छापेमारी की, और महापौर के जेठ, पीडब्ल्यूडी ठेकेदार और होटल कारोबारी समेत 9 रसूखदार जुआरियों को कैश और क्वाइन के साथ गिरफ्तार किया. ये जुआरी लाखों रुपए का दांव लगा रहे थे. मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है. दरअसल, एसएसपी रजनेश सिंह को सूचना मिली, कि सरकंडा थाना क्षेत्र के कोनी रोड स्थित महावीर अग्रवाल के बाड़ा में कारोबारी जुआ खेल रहे हैं. जहां कैश और क्वाइन पर हार-जीत का दांव लगाया जा रहा है. एसएसपी के निर्देश पर टीआई नीलेश पांडेय समेत पुलिस टीम ने रेड कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान जुआरियों को भागने का मौका न मिले, इसलिए पुलिस ने पहले चारों तरफ घेराबंदी की. जिसके बाद बाड़ा में दबिश दी. टीम अंदर पहुंची तब कैश और क्वाइन लेकर बैठे जुआरी बड़े दांव लगा रहे थे. पुलिस ने उनके पास से 41 हजार 500 रुपए, एक पेटी क्वाइन, ताश पत्ती और 11 मोबाइल बरामद किया. कार्रवाई के बाद रसूखदार जुआरियों ने अपने-अपने करीबी नेता और अफसरों को फोन लगाना शुरू किया. इस दौरान आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश भी की गई. लेकिन, एसएसपी रजनेश सिंह ने किसी की नहीं सुनी.
बिलासपुर। जंगल में सजी जुआ की महफिल में पुलिस ने छापेमारी कर 10 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने नगदी रकम, मोबाइल फोन, ताश के पत्ते, मोटर साइकिलें और अन्य सामान भी जब्त की है। यह कार्रवाई रतनपुर पुलिस ने ग्राम चपोरा चांपी बॉध के पास के जंगल की है। मिली जानकारी के अनुसार, रतनपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम चपोरा चांपी बॉध के पास जंगल में बड़ी संख्या में लोग अवैध जुआ खेल रहे हैं। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वहां छापेमारी की। इस दौरान मौके पर जुआ खेलते हुए 10 जुआरी पकड़ाए। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से कुल 83,000 रुपये नगदी, 1-1 मोबाइल फोन, 52 पत्तों की ताश की गड्डी, 5 मोटर साइकिलें, एक कम्बल और एक बोरी पानी के पाउच भी जब्त किए हैं। पकड़े गए जुआरियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फ़िलहाल, पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में 11 अगस्त को एक अहम अवसर आने वाला है, जब न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल नए न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10:30 बजे उच्च न्यायालय परिसर स्थित मुख्य न्यायाधीश के न्यायालय कक्ष में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में न्यायपालिका, बार एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति रहने की संभावना है। अतिरिक्त रजिस्ट्रार (न्यायिक) सुमित कपूर ने बताया कि इस अवसर पर बार काउंसिल, अधिवक्ता संघ और न्यायिक अधिकारियों सहित तमाम सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल न्यायपालिका के लिए बल्कि विधि जगत से जुड़े सभी लोगों के लिए एक विशेष क्षण होगा, क्योंकि नए न्यायाधीश के जुड़ने से न्यायालय की कार्यक्षमता और भी मजबूत होगी।
सूत्रों के अनुसार, न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल का विधिक अनुभव और उनकी ईमानदार छवि न्यायपालिका में नए दृष्टिकोण और कार्यशैली को लेकर आएगी। वे अब तक कई महत्वपूर्ण मामलों में अपने सटीक निर्णयों और गहन कानूनी समझ के लिए जाने जाते हैं। उनका न्यायिक करियर विभिन्न अदालतों में सेवा देते हुए उत्कृष्ट उपलब्धियों से भरा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशगण भी मौजूद रहेंगे। समारोह के दौरान विधि पेशे से जुड़े वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ताओं को न्यायमूर्ति अग्रवाल से औपचारिक मुलाकात का अवसर मिलेगा। न्यायमूर्ति के रूप में उनकी नियुक्ति को लेकर विधि जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय में फिलहाल लंबित मामलों की संख्या अधिक है, और ऐसे में नए न्यायाधीश के शामिल होने से न केवल मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी बल्कि न्याय वितरण की प्रक्रिया भी और सुचारु होगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायमूर्ति अग्रवाल की नियुक्ति न्यायपालिका की मजबूती और पारदर्शिता को और बढ़ावा देगी। शपथ ग्रहण से पहले न्यायालय प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था और औपचारिकताओं को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कार्यक्रम गरिमामय तरीके से संपन्न हो सके। इस अवसर पर विधि समुदाय के साथ-साथ आम नागरिकों में भी उत्सुकता है, क्योंकि न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की नियुक्ति को न्यायिक सुधारों की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। उनकी कार्यशैली और दृष्टिकोण से उम्मीद है कि न्यायालय में पारदर्शी और त्वरित न्याय की परंपरा और सशक्त होगी। कुल मिलाकर, 11 अगस्त का दिन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण होगा, जब न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल अपने पद की शपथ लेकर न्यायिक यात्रा का नया अध्याय शुरू करेंगे।
बिलाईगढ़। अपर सोनिया जलाशय के डुबान क्षेत्र में भूमि जाने के बाद पिछले 24 वर्षों से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे मलुहा के 6 किसान एक बार फिर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए हैं। यह धरना बिलाईगढ़ नगर पंचायत के इंदिरा मार्केट में भीम रेजिमेंट के नेतृत्व में शुरू हुआ
बिलासपुर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए बिलासपुर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में महाराणा प्रताप चौक पर की गई वाहन चेकिंग के दौरान एक युवक को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसकी कमर से एक एयर गन भी बरामद की गई। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार क्रमांक CG 10 BU 2504 को रायपुर रोड की ओर से आते समय रोका गया। ब्रेथ एनालाइजर से जांच करने पर चालक नशे की हालत में पाया गया। आरोपी की पहचान अर्चित केडिया पिता स्व. उत्तम केडिया, उम्र 19 वर्ष, निवासी रामावर्ध कॉलोनी, रायपुर रोड, थाना सिरगिट्टी, बिलासपुर के रूप में हुई है। चालक की कमर से एक पिस्टलनुमा एयर गन बरामद की गई, जिसे बीएनएसएस की धारा 106 के तहत जब्त किया गया। वहीं, शराब पीकर वाहन चलाने पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत न्यायालय में प्रस्तुत कर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में की गई। बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के सघन वाहन चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि शहर में सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
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