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Bilaspur

  • सांसद भोजराज नाग को झटका, हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका खारिज करने की मांग ठुकराई

    12-Sep-2025

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग की ओर से दायर उस अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को प्रथम दृष्टया निरस्त करने की मांग की थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता ने लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना में हुई कथित अनियमितताओं के पर्याप्त तथ्य पेश किए हैं। ऐसे में मामला मेरिट पर सुनवाई योग्य है।

    क्या है पूरा मामला?
    कांकेर संसदीय सीट से सांसद चुने गए भोजराज नाग के खिलाफ बीरेश ठाकुर ने 18 जुलाई 2024 को हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव परिणाम रद्द करने, कई बूथों की पुनः मतगणना और 15 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान की मांग की।
     
    याचिका में आरोप लगाया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में गड़बड़ी और छेड़छाड़ हुई। वोटिंग डेटा के प्रसारण में जानबूझकर देरी की गई। कई मतदान केंद्रों पर वोटों की गिनती में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। बीरेश ठाकुर ने गोंडरदेही, डोंडी लोहारा समेत कई विधानसभा क्षेत्रों के बूथों पर वोटों के अंतर और डेटा ट्रांसमिशन में हेरफेर की आशंका जताई है।
     
    सांसद की दलील
    भोजराज नाग ने कोर्ट में दलील दी कि याचिका में भ्रष्ट आचरण का कोई ठोस आरोप नहीं है। यह रिप्रेज़ेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट 1951 की धारा 81, 82 और 83 का उल्लंघन है। चुनाव आयोग को पक्षकार नहीं बनाया गया है, इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इसके अलावा, याचिका वकील के जरिए दाख़िल की गई है जबकि क़ानून के अनुसार उम्मीदवार को खुद याचिका दाख़िल करनी चाहिए।
     
    हाईकोर्ट का निर्णय
    कोर्ट ने सांसद की सभी दलीलों को खारिज कर दिया और कहा याचिका में सभी आवश्यक तथ्य और साक्ष्य मौजूद हैं। याचिकाकर्ता ने स्पष्ट रूप से ईवीएम गड़बड़ी, डेटा ट्रांसमिशन में देरी और मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का उल्लेख किया है। चुनाव आयोग को पक्षकार बनाने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है। बीरेश ठाकुर ने याचिका विधिवत दाख़िल की है और सभी पन्नों पर उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं।
     
    अगली सुनवाई
    न्यायालय ने साफ कर दिया कि भोजराज नाग की आपत्ति में दम नहीं है, इसलिए चुनाव याचिका को खारिज नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर 2025 को निर्धारित की है।
  • 6 होमगार्ड जवान सस्पेंड, दफ्तर में पार्टी करते वीडियो हुआ था वायरल

    10-Sep-2025

    बैकुंठपुर। पिछले दिनों 3 सितम्बर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो में देखा जा सकता था कि, जिले के नगर सेना के कार्यालय में कुछ लोग जमकर शराबखोरी कर रहे थे। ये सभी जिले के होमगार्ड के ही जवान थे जो एक सरकारी दफ्तर में पार्टी मना रहे थे।

    वीडियो के सामने आने के बाद जाँच के आदेश और दोषी सैनिकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी। वही अब सरकारी दफ्तर में शराबखोरी करने वाले 6 नगर सेना के जवानों को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
     
    यह आदेश जिला सेनानी संजय गुप्ता की तरफ से जारी किया गया है। विभाग की तरफ से कहा गया है कि, इस तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • हाईकोर्ट में चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर सुनवाई, अगली तारीख 8 सितंबर तय

    02-Sep-2025

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह सुनवाई जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा, वहीं बचाव पक्ष ने जमानत की मांग पर दलीलें दीं। हालांकि, विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली तारीख 8 सितंबर तय की है।  ईडी ने रखा अपना पक्ष ईडी ने अदालत को अवगत कराया कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ठोस सबूतों और वित्तीय लेन-देन के आधार पर की गई है। एजेंसी ने दावा किया कि शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और गवाहों के बयानों से साफ है कि बघेल ने अवैध कमाई को अपने व्यवसाय में लगाया। ईडी के वकीलों ने कहा कि इस स्तर पर जमानत देना जांच को प्रभावित कर सकता है।

    गौरतलब है कि 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को ईडी ने उनके जन्मदिन के दिन रायपुर से हिरासत में लिया था। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि शराब घोटाले से उन्होंने 16 करोड़ 70 लाख रुपए की अवैध कमाई की और उसे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश किया।   2161 करोड़ रुपए का घोटाला ईडी की जांच में सामने आया है कि साल 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ रुपए का शराब घोटाला हुआ। यह वह समय था जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क को बड़े नेताओं और अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ था।

    ईडी के अनुसार, इस घोटाले में कई नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। इस कड़ी में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे कवासी लखमा पहले से ही जेल में बंद हैं। एजेंसी का कहना है कि धीरे-धीरे पूरे रैकेट का सच सामने लाया जाएगा और जिन-जिन लोगों की संलिप्तता है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।   बचाव पक्ष की दलील चैतन्य बघेल की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट को बताया कि गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ईडी के आरोप निराधार हैं और अभी तक किसी भी जांच में प्रत्यक्ष सबूत सामने नहीं आए हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि चैतन्य का सीधे-सीधे इस घोटाले से कोई संबंध नहीं है और वह केवल एक उद्यमी के रूप में काम कर रहे हैं। हाईकोर्ट की कार्यवाही सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी गईं। जस्टिस अरविंद वर्मा ने कहा कि   मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए विस्तृत सुनवाई आवश्यक है। इसलिए अगली सुनवाई की तारीख 8 सितंबर 2025 तय की गई है। इस केस ने छत्तीसगढ़ की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा की केंद्र सरकार ईडी का दुरुपयोग कर राजनीतिक बदले की कार्रवाई कर रही है। वहीं भाजपा का दावा है कि राज्य में शराब घोटाले से जुड़े नेताओं और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

  • कर्तव्य में लापरवाही पर शिक्षक निलंबित

    29-Aug-2025

    रायपुर। संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर ने गंभीर अनियमितताओं के कारण शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लोफंदी में पदस्थ डीलेश्वर प्रसाद कंगण, संकुल समन्वयक एवं शिक्षक एल.बी. को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है

    जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में यह सामने आया कि श्री कंगण द्वारा सत्र 2025-26 में किसी भी कक्षा का अध्यापन कार्य नहीं किया जा रहा था और डेली डायरी का नियमित संधारण भी नहीं किया गया। विद्यार्थियों से पूछताछ में भी यह पुष्टि हुई कि वे कक्षाओं में पढ़ाई नहीं कराते थे। इसके अतिरिक्त, संकुल समन्वयक के दायित्वों की उपेक्षा करते हुए उन्होंने निर्धारित विद्यालयों का नियमित अवलोकन नहीं किया तथा 25 अगस्त 2025 को शासकीय प्राथमिक शाला रामनगर कछार समय से पूर्व बंद पाए जाने की सूचना भी उच्च अधिकारियों को नहीं दी।
     
    इन गंभीर लापरवाहियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन माना गया है। परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत श्री कंगण को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
  • 9 बड़े जुआरी पकड़े गए, सरकारी ठेकेदार और कारोबारी शामिल

    19-Aug-2025

    बिलासपुर। पुलिस ने रसूखदार जुआरियों के जुए के बड़े फड़ में छापेमारी की, और महापौर के जेठ, पीडब्ल्यूडी ठेकेदार और होटल कारोबारी समेत 9 रसूखदार जुआरियों को कैश और क्वाइन के साथ गिरफ्तार किया. ये जुआरी लाखों रुपए का दांव लगा रहे थे. मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है. दरअसल, एसएसपी रजनेश सिंह को सूचना मिली, कि सरकंडा थाना क्षेत्र के कोनी रोड स्थित महावीर अग्रवाल के बाड़ा में कारोबारी जुआ खेल रहे हैं. जहां कैश और क्वाइन पर हार-जीत का दांव लगाया जा रहा है. एसएसपी के निर्देश पर टीआई नीलेश पांडेय समेत पुलिस टीम ने रेड कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान जुआरियों को भागने का मौका न मिले, इसलिए पुलिस ने पहले चारों तरफ घेराबंदी की. जिसके बाद बाड़ा में दबिश दी. टीम अंदर पहुंची तब कैश और क्वाइन लेकर बैठे जुआरी बड़े दांव लगा रहे थे. पुलिस ने उनके पास से 41 हजार 500 रुपए, एक पेटी क्वाइन, ताश पत्ती और 11 मोबाइल बरामद किया. कार्रवाई के बाद रसूखदार जुआरियों ने अपने-अपने करीबी नेता और अफसरों को फोन लगाना शुरू किया. इस दौरान आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश भी की गई. लेकिन, एसएसपी रजनेश सिंह ने किसी की नहीं सुनी.

  • रतनपुर में 10 जुआरी गिरफ्तार, बांध से सटे जंगल में पुलिस टीम की रेड

    11-Aug-2025

    बिलासपुर। जंगल में सजी जुआ की महफिल में पुलिस ने छापेमारी कर 10 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने नगदी रकम, मोबाइल फोन, ताश के पत्ते, मोटर साइकिलें और अन्य सामान भी जब्त की है। यह कार्रवाई रतनपुर पुलिस ने ग्राम चपोरा चांपी बॉध के पास के जंगल की है। मिली जानकारी के अनुसार, रतनपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम चपोरा चांपी बॉध के पास जंगल में बड़ी संख्या में लोग अवैध जुआ खेल रहे हैं। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वहां छापेमारी की। इस दौरान मौके पर जुआ खेलते हुए 10 जुआरी पकड़ाए। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से कुल 83,000 रुपये नगदी, 1-1 मोबाइल फोन, 52 पत्तों की ताश की गड्डी, 5 मोटर साइकिलें, एक कम्बल और एक बोरी पानी के पाउच भी जब्त किए हैं। पकड़े गए जुआरियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फ़िलहाल, पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में होगा नए न्यायाधीश का शपथ ग्रहण, न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल संभालेंगे पद

    10-Aug-2025

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में 11 अगस्त को एक अहम अवसर आने वाला है, जब न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल नए न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10:30 बजे उच्च न्यायालय परिसर स्थित मुख्य न्यायाधीश के न्यायालय कक्ष में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में न्यायपालिका, बार एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति रहने की संभावना है। अतिरिक्त रजिस्ट्रार (न्यायिक) सुमित कपूर ने बताया कि इस अवसर पर बार काउंसिल, अधिवक्ता संघ और न्यायिक अधिकारियों सहित तमाम सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल न्यायपालिका के लिए बल्कि विधि जगत से जुड़े सभी लोगों के लिए एक विशेष क्षण होगा, क्योंकि नए न्यायाधीश के जुड़ने से न्यायालय की कार्यक्षमता और भी मजबूत होगी।  

    सूत्रों के अनुसार, न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल का विधिक अनुभव और उनकी ईमानदार छवि न्यायपालिका में नए दृष्टिकोण और कार्यशैली को लेकर आएगी। वे अब तक कई महत्वपूर्ण मामलों में अपने सटीक निर्णयों और गहन कानूनी समझ के लिए जाने जाते हैं। उनका न्यायिक करियर विभिन्न अदालतों में सेवा देते हुए उत्कृष्ट उपलब्धियों से भरा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशगण भी मौजूद रहेंगे। समारोह के दौरान विधि पेशे से जुड़े वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ताओं को न्यायमूर्ति अग्रवाल से औपचारिक मुलाकात का अवसर मिलेगा। न्यायमूर्ति के रूप में उनकी नियुक्ति को लेकर विधि जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।  
    बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय में फिलहाल लंबित मामलों की संख्या अधिक है, और ऐसे में नए न्यायाधीश के शामिल होने से न केवल मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी बल्कि न्याय वितरण की प्रक्रिया भी और सुचारु होगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायमूर्ति अग्रवाल की नियुक्ति न्यायपालिका की मजबूती और पारदर्शिता को और बढ़ावा देगी। शपथ ग्रहण से पहले न्यायालय प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था और औपचारिकताओं को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कार्यक्रम गरिमामय तरीके से संपन्न हो सके। इस अवसर पर विधि समुदाय के साथ-साथ आम नागरिकों में भी उत्सुकता है, क्योंकि न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की नियुक्ति को न्यायिक सुधारों की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। उनकी कार्यशैली और दृष्टिकोण से उम्मीद है कि न्यायालय में पारदर्शी और त्वरित न्याय की परंपरा और सशक्त होगी। कुल मिलाकर, 11 अगस्त का दिन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण होगा, जब न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल अपने पद की शपथ लेकर न्यायिक यात्रा का नया अध्याय शुरू करेंगे।

  • मुआवजे की मांग ले कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे मलुहा के किसान

    08-Aug-2025

    बिलाईगढ़। अपर सोनिया जलाशय के डुबान क्षेत्र में भूमि जाने के बाद पिछले 24 वर्षों से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे मलुहा के 6 किसान एक बार फिर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए हैं। यह धरना बिलाईगढ़ नगर पंचायत के इंदिरा मार्केट में भीम रेजिमेंट के नेतृत्व में शुरू हुआ

    किसानों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से लेकर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार तक सैकड़ों आवेदन दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन और “तारीख पर तारीख” ही मिली। मुआवजा न मिलने पर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हक के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर न्याय नहीं दे रही है।
     
    किसान मनीष चेलक ने साफ कहा, “जब तक हमें मुआवजा नहीं मिलेगा, हम धरने से नहीं उठेंगे।” प्रदर्शन के पहले दिन स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचा और एक बार फिर आश्वासन दिया, लेकिन किसान अब आश्वासन से आगे ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
     
    बहरहाल, अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 24 साल से लंबित यह मुआवजा मामला इस बार किसानों को उनका हक दिला पाएगा या फिर यह धरना भी केवल वादों तक सिमटकर रह जाएगा।
  • सिम्स में मरीजों को खराब खाना परोसने का आरोप, हाईकोर्ट ने किया संज्ञान

    02-Aug-2025
    बिलासपुर। बिलासपुर के मेडिकल कालेज सिम्स के रेजिडेंट डॉक्टर व भविष्य के डॉक्टर का खाना प्रतिबंधित पालीथीन पैकेट में अस्वच्छ जगह में रखे जाने की खबर पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है. मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने मामले में डीन से जवाब तलब किया है. दरअसल, मीडिया में आई खबरों में बताया गया, कि सिम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों और एमबीबीएस छात्रों, जो सिम्स में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए लाए जाने वाले खाद्य पदार्थों को पॉलीथीन बैग में बाहर रखा जाता है और वह भी अस्वच्छ स्थिति में. हाईकोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लेकर सुनवाई की. खबरों के मुताबिक प्रत्येक खाद्य पैकेट में एक चिट होती है जिस पर संबंधित रेजिडेंट डॉक्टर/छात्र का नाम लिखा होता है. उक्त खाद्य पैकेट बाहर इसलिए रखे जाते हैं क्योंकि डिलीवरी बॉय को हॉस्टल परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है. हालांकि CIMS में पढ़ने वाले छात्रों के लिए मेस में खाने की व्यवस्था है, लेकिन ज़्यादातर छात्र बाहर से खाना मंगवाना पसंद करते हैं, जो लोग बाहर से खाना पहुंचाते हैं. उन्हें हॉस्टल परिसर में आने की अनुमति नहीं है, इसलिए खाने के पैकेट हॉस्टल के बाहर बने वाहन पार्किंग शेड में छोड़कर चले जाते है. सिम्स के मेस में रोज़ाना खाना बनता है, लेकिन खाने की गुणवत्ता घटिया पाए जाने के बाद ज्यादातर स्टूडेंट्स बाहर से खाना मंगाकर खाते हैं. सिम्स के मुख्य वार्डन के मुताबिक मेस का संचालन सिम्स प्रबंधन द्वारा नहीं किया जा रहा है, बल्कि एक समिति गठित की गई है. रेजिडेंट डॉक्टर और एमबीबीएस छात्र CIMS के मेस/हॉस्टल में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन को ले सकते हैं. मामले को लेकर सिम्स बिलासपुर के डीन अगली सुनवाई से पहले अपना व्यक्तिगत हलफनामा दायर करने कहा गया है. जिसमें यह बताया जाएगा कि इस संबंध में क्या वैकल्पिक व्यवस्थाएँ की गई हैं. 
  • बिलासपुर में दो बहनें लापता

    02-Aug-2025
    बिलासपुर। जिले में दो बहनें अचानक लापता हो गई हैं. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है. दोनों की उम्र 9 और 11 साल बताई जा रही है. काफी देर तक खोजबीन के बाद कुछ पता नहीं लगने पर परिजनों ने पुलिस थाने पहुंचकर अपहरण की शिकायत दी. पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, मामला बिल्हा थाना क्षेत्र के वार्ड 9 का है, जहां रहने वाली दो बच्चियां अचानक लापता हो गई. 9 साल की बालिका चौथी कक्षा के बाद से स्कूल छोड़ चुकी है. गुरुवार को भाई को छोड़ने के लिए स्कूल गई हुई थी. इस दौरान उनके साथ लड़के के 11 साल की बड़ी बहन भी थी. शाम तक दोनों घर वापस नहीं लौटी. खेत से लौटकर परिजनों ने दोनों बच्चियों को ढूंढने की कोशिश की तो उनका कुछ पता नहीं चला और देर शाम हो गई. परिजनों ने बिल्हा थाने पहुचंकर शिकायत दर्ज कराई. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस जांच में जुट गई. जीआरपी से भी सहयोग माँगा गया है. लगातार क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. 
  • NIA कोर्ट ने ननों की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

    01-Aug-2025
    बिलासपुर। मानव तस्करी के आरोप में दुर्ग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार 2 कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी मामले में बिलासपुर NIA कोर्ट में आज सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. पीड़ित पक्ष की बेल एप्लिकेशन पर निर्णय कल आएगा। बता दें कि ननों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को विपक्षी दल के नेताओं का एक डेलिगेशन दुर्ग पहुंचा था। इन नेताओं ने जेल में बंद दोनों ननों से मुलाकात की थी। इस दौरान गिरफ्तारी को गलत बताया था। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने मानव तस्करी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में केरलवासी दो नन की गिरफ्तारी को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की आलोचना की और इसे असंवैधानिक तथा अवैध बताया।छत्तीसगढ़ी फिल्में इस मुद्दे को लेकर रायपुर से लेकर दिल्ली तक सियासत में गहमा गहमी है। वहीं, दूसरी तरफ दुर्ग जिले की एक सत्र अदालत ने इस मामले में बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने बुधवार को कहा था कि उसे राज्य में मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार दो कैथोलिक नन की जमानत याचिका पर सुनवाई करने का अधिकार नहीं है। 
  • किराए के कमरे में युवक-युवती आपत्तिजनक स्थिति में मिले

    31-Jul-2025
    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत बंगालीपारा इलाके में मंगलवार की देर शाम एक शर्मनाक व आपत्तिजनक मामला सामने आया। पीएससी की तैयारी कर रहे एक युवक के किराए के कमरे में युवक और युवती को आपत्तिजनक हालत में पाया गया। मोहल्ले के लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और हिंदू संगठन के प्रतिनिधियों ने जब कमरे में दबिश दी, तो अंदर का नज़ारा चौंकाने वाला था। मामले की पुष्टि करते हुए सरकंडा पुलिस ने बताया कि युवक सरगुजा जिले के लखनपुर का रहने वाला अर्श अली है, जो बंगालीपारा क्षेत्र में एक किराए के मकान में रहकर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की तैयारी कर रहा है। वह एक स्थानीय कोचिंग संस्थान से भी जुड़ा हुआ है।छत्तीसगढ़ी फिल्में स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति इलाके के लोगों का कहना है कि अर्श अली द्वारा पिछले कुछ समय से लगातार अलग-अलग युवतियों को अपने कमरे में लाया जा रहा था, जिससे पूरे मोहल्ले में अस्वस्थ वातावरण बनता जा रहा था। लोगों को संदेह था कि युवक का आचरण अनुशासनहीन है और वह शराब तथा अन्य आपत्तिजनक गतिविधियों में संलिप्त है। मोहल्लेवालों ने इस बारे में हिंदू संगठन के स्थानीय कार्यकर्ताओं को सूचित किया। संगठन के कुछ प्रतिनिधियों ने इस पर संज्ञान लिया और पुलिस के साथ मिलकर मंगलवार शाम को संयुक्त रूप से युवक के कमरे पर छापा मारा। कमरे में मिली आपत्तिजनक स्थिति छापेमारी के दौरान पुलिस ने युवक को एक युवती के साथ कमरे में आपत्तिजनक अवस्था में पाया। पूछताछ में युवक ने पहले युवती को मित्र बताया, फिर बहन कहने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने औपचारिक रूप से दोनों की पहचान की जांच की, तो स्पष्ट हो गया कि दोनों के बीच भाई-बहन जैसा कोई संबंध नहीं है। बताया जा रहा है कि युवती भी सरगुजा जिले की ही रहने वाली है और संभवतः कोचिंग या पढ़ाई के सिलसिले में बिलासपुर आई हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती के परिजनों से संपर्क किया और उसे उनके हवाले कर दिया।  युवक पर की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पुलिस ने युवक अर्श अली के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 151 (सार्वजनिक शांति भंग की आशंका) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल स्थानीय समाज में अशांति पैदा करती हैं, बल्कि पढ़ाई के नाम पर रह रहे युवाओं की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। पुलिस द्वारा कमरे की तलाशी में कुछ शराब की बोतलें और संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद की गई हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त किया गया है। यदि जांच में अन्य आपत्तिजनक सामग्री या गतिविधियां सामने आती हैं, तो आगे सख्त धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।  
    किरायेदार सत्यापन की आवश्यकता पर बल पुलिस ने इस मामले को चेतावनी स्वरूप लेते हुए मकान मालिकों से किरायेदारों का नियमित सत्यापन कराने की अपील की है। सरकंडा थाना प्रभारी ने कहा कि “अक्सर देखा जाता है कि छात्र बनकर कुछ लोग गलत इरादों से शहरों में किराए पर रहना शुरू कर देते हैं और फिर धीरे-धीरे आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं। मकान मालिकों को चाहिए कि वे अपने किरायेदारों का थाने में जाकर पुलिस वेरिफिकेशन अवश्य कराएं।” घटना के बाद हिंदू संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि “बिलासपुर जैसे शैक्षणिक केंद्र में इस तरह की गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पढ़ाई के नाम पर किराए में रहकर धार्मिक और सामाजिक मर्यादा के विपरीत कार्य करना बेहद शर्मनाक है। हम पुलिस से मांग करते हैं कि इस मामले में उच्चस्तरीय जांच हो और युवक के मोबाइल व अन्य संचार माध्यमों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच भी की जाए।” 
  • सारनाथ एक्सप्रेस ट्रेन से गांजा जब्त, दो युवक अरेस्ट

    28-Jul-2025
    बिलासपुर। बिलासपुर में रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने संयुक्त कार्रवाई में ट्रेन नंबर 15160 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस में अवैध गांजा तस्करी करते दो युवकों को गिरफ्तार किया. पकड़े गए आरोपियों के पास से 1 लाख 60 हजार का गांजा बरामद किया गया है. पुलिस अधीक्षक रेल रायपुर श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा और उप पुलिस अधीक्षक रेल बिलासपुर तोबियस खाखा के निर्देशन में ट्रेनों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई. 25 जुलाई 2025 को जीआरपी बिलासपुर और आरपीएफ उसलापुर की संयुक्त टीम ने ट्रेन में चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा. पकड़े गए युवकों की पहचान विकास मिश्रा (28 वर्ष, निवासी झालवा, पीपलगांव, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश) और सौरभ सेन (23 वर्ष, निवासी सनौली, बैंसकाटी, कौसांबी, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई. विकास मिश्रा के कब्जे से 4 पैकेट में 4 किलोग्राम गांजा और सौरभ सेन के पास से भी 4 पैकेट में 4 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया. कुल 8 किलोग्राम गांजे के साथ दोनों को हिरासत में लिया गया. 
  • शोरूम मालिक को मैनेजर ने लगाया चूना, डेढ़ लाख लेकर फुर्र

    26-Jul-2025
    बिलासपुर. शहर के चेतक शोरूम में मैनेजर पद पर कार्यरत युवक गाड़ी बिक्री की 1.26 लाख रुपये की रकम गबन कर फरार हो गया. आरोपी ने शोरूम पार्टनर को केवल दस्तावेज और रसीदें दीं, लेकिन नकद रकम नहीं लौटाई. घटना के बाद से उसका मोबाइल बंद है. मामला महाराणा प्रताप चौक के त्रिपुर आटो का है. मामले की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक मंगला चौक निवासी चंचल अग्रवाल त्रिपुर आटो चेतक शोरूम के पार्टनर हैं. जहां कुछ महीने पहले उमेश शुक्ला निवासी सरकंडा को मैनेजर के पद पर नियुक्त किया गया था. उमेश का काम था कि वह हर दिन की बिक्री का हिसाब और नकदी रात में शोरूम को सौंपे. लेकिन 22 जुलाई 2025 को उसने एक स्कूटर की बिक्री से मिली 1.26 लाख रुपये की राशि जमा नहीं की. उसने सिर्फ संबंधित दस्तावेज और बिक्री रसीदें दीं, और पैसे लेकर फरार हो गया. इसके बाद से उमेश शुक्ला का मोबाइल बंद है. जब आरोपी की पत्नी से शोरूम वालों ने संपर्क किया, तो पता चला, कि उमेश इससे पहले भी अपनी पिछली नौकरी में इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुका है. मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने उमेश शुक्ला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 316(5) के तहत धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया है. 
  • हाईकोर्ट ने सील नर्सिंग होम को दोबारा खोलने की अनुमति दी

    25-Jul-2025
    बिलासपुर। महासमुंद जिले के सरायपाली में संचालित मातृ केयर नर्सिंग होम को दोबारा खोलने की अनुमति मिल गई है। हाईकोर्ट ने अस्पताल को सील करने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया। कोर्ट ने अस्पताल खोलने की अनुमति देने के साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। मामला सरायपाली के रहने वाले प्रशांत कुमार साहू की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि अस्पताल में लापरवाही से इलाज किया गया, जिससे उनकी पत्नी विकलांग हो गई।  प्रशांत ने सरायपाली थाने में लिखित शिकायत दी थी कि 10 अक्टूबर 2024 को उनकी पत्नी का ऑपरेशन डॉक्टर शिबाशीष बेहरा ने किया था, लेकिन ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही हुई, जिसके चलते उनकी पत्नी को स्थायी शारीरिक नुकसान पहुंचा। शिकायत के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, महासमुंद ने मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई और जांच शुरू की गई। इसके बाद प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया था। अस्पताल संचालक शिबाशीष बेहरा ने इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने फिलहाल अस्पताल को फिर से चालू करने की अनुमति दी है और विभाग से जवाब मांगा है। 
  • युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं दे सकते जमानत : हाईकोर्ट

    24-Jul-2025
    बिलासपुर। हाईकोर्ट ने CG-PSC भर्ती घोटाले में एग्जाम कंट्रोलर सहित तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. मामले में जस्टिस बीडी गुरु ने कहा कि ‘जो प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक करता है, वह लाखों युवाओं के भविष्य से खेलता है, यह कृत्य हत्या से भी गंभीर अपराध है. प्रश्नपत्र लीक कर पीएससी जैसी प्रतिष्ठित संस्था को शर्मसार किया है. मामले के आरोपी बाड़ द्वारा फसल खाने जैसा उदाहरण हैं.’बता दें, कि CG-PSC 2020 में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई. जिस पर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने सवाल उठाते हुए मामले में जनहित याचिका लगाई. याचिका में बताया गया, कि कैसे अफसर और कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारों को चयनित किया गया, और डिप्टी कलेक्टर जैसे पद दिए गए हैं. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भी टिप्पणी करते हुए कहा था कि एक साथ इस तरह से रिश्तेदारों का चयन इत्तेफाक नहीं हो सकता. हाईकोर्ट ने भर्ती की जांच के आदेश भी दिए.  
    राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ तब इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा   ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की. फिर बाद में मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया. सीबीआई की जांच में पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह के इशारे पर बड़े पैमाने पर प्रश्न पत्र लीक किए जाने का खुलासा हुआ. आरोप है कि प्रश्न पत्र उनके दो भतीजों नितेश सोनवानी और साहिल सोनवानी को दिए गए. इसके बाद परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने इन्हें बजरंग पावर एंड इस्पात के निदेशक श्रवण गोयल तक पहुंचाया, जिन्होंने यह पेपर अपने बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार को दिलवाया. इसी आधार पर सभी ने डिप्टी कलेक्टर व डीएससी जैसे पद हासिल किए. इस मामले में अध्यक्ष रहे टामन सिंह के साथ ही उनके भतीजे नितेश सोनवानी और साहिल सोनवानी को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद टामन सिंह सोनवानी सहित उनके दोनों भतीजों ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी. सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता ने तर्क देते हुए झूठे केस में फंसाने के आरोप लगाए. बचाव पक्ष ने यह तर्क भी दिया कि पीएससी के नियमों के तहत भतीजा परिवार की परिभाषा में नहीं आता. लिहाजा, यह कहना कि अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने परिवार के सदस्यों का चयन कराया है, यह गलत है. ज्ञात हो, कि इस मामले में अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, भतीजा नितेश सोनवानी, साहिल सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर के साथ ही उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल उसके बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार को गिरफ्तार किया गया है. 
  • बिलासपुर में हुई मूसलाधार बारिश, स्कूल परिसर सहित कई जगहों में जलभराव

    24-Jul-2025
    बिलासपुर। छतीसगढ़ के कई इलाकों में मौसम विभाग के अलर्ट के साथ एक बार फिर बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। न्यायधानी बिलासपुर में भी देर रात से गरज- चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है। इससे कई जगहों पर जलभराव की स्थिति है। कई लोगों के घरों में भी बारिश का पानी भर गया है। नाले नालियां पैक हैं। सड़कों में पानी बह रहा है। खास तौर पर मोपका, नेहरू नगर, सिरगिट्टी, सरकंडा के कई निचले क्षेत्र व कॉलोनियों इससे प्रभावित हैं। लोगों को इससे खासा परेशान होना पड़ रहा है। गौरतलब है कि, मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना जताई है। आने वाले दो तीन दिन मौसम इसी तरह रह सकता है। 
  • हाईकोर्ट ने 4 पुलिसकर्मियों की सजा को कम किया, पहले हुई थी उम्रकैद

    24-Jul-2025
    बिलासपुर। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि हिरासत में मौत केवल कानून का उल्लंघन है। बल्कि, यह लोकतंत्र और मानव अधिकारों पर गहरा आघात है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो यह समाज के लिए गंभीर खतरा है। इस टिप्पणी के साथ ही जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस दीपक कुमार तिवारी दोषी थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों की उम्रकैद की सजा को घटाकर 10 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया। साथ ही हिरासत में मौत को गैरइरादतन हत्या का मामला माना है। पूरा मामला जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाने का है, जहां अभिरक्षा में युवक की मौत हो गई थी।  
    दरअसल, साल 2016 में ग्राम नरियरा निवासी सतीश नोरगे को शराब पीकर हंगामा करने के आरोप में मुलमुला थाना पुलिस ने हिरासत में लिया था। जिसके कुछ घंटों बाद ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद लोगों ने जमकर हंगामा मचाया और दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर की मांग की। विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन के बाद जब शव का पोस्टमार्टम कराया गया, तब रिपोर्ट में युवक के शरीर पर 26 जगह चोट के निशान मिले। लिहाजा, इस मामले में थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह राजपूत, कांस्टेबल सुनील ध्रुव, दिलहरण मिरी और सैनिक राजेश कुमार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। पुलिस ने थाना प्रभारी सहित सभी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिसके बाद कोर्ट में जार्च शीट प्रस्तुत किया। ट्रायल के बाद स्पेशल कोर्ट एट्रोसिटी ने साल 2019 में सभी आरोपियों को दोषी ठहराया। साथ ही सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जिसके खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। वहीं, मृतक की पत्नी ने इसका विरोध करते हुए हस्तक्षेप आवेदन लगाया था। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए यह पाया कि आरोपियों की हत्या की मंशा स्पष्ट नहीं थी। लेकिन, आरोपी जानते थे कि पीटने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसके चलते हाईकोर्ट ने आरोपियों को आंशिक रूप से राहत देते हुए हत्या की सजा को धारा 304 भाग-1 के तहत गैर इरादतन हत्या माना और सजा को उम्र कैद से घटाकर 10 साल का कठोर कारावास कर दिया है।
     
  • पुलिस की नशे में धुत कार चालक पर बड़ी कार्रवाई, एयर गन जब्त, 10 हजार रुपये जुर्माना

    21-Jul-2025

    बिलासपुर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए बिलासपुर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में महाराणा प्रताप चौक पर की गई वाहन चेकिंग के दौरान एक युवक को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसकी कमर से एक एयर गन भी बरामद की गई। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार क्रमांक CG 10 BU 2504  को रायपुर रोड की ओर से आते समय रोका गया। ब्रेथ एनालाइजर से जांच करने पर चालक नशे की हालत में पाया गया। आरोपी की पहचान अर्चित केडिया पिता स्व. उत्तम केडिया, उम्र 19 वर्ष, निवासी रामावर्ध कॉलोनी, रायपुर रोड, थाना सिरगिट्टी, बिलासपुर के रूप में हुई है। चालक की कमर से एक पिस्टलनुमा एयर गन बरामद की गई, जिसे बीएनएसएस की धारा 106 के तहत जब्त किया गया। वहीं, शराब पीकर वाहन चलाने पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत न्यायालय में प्रस्तुत कर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में की गई। बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के सघन वाहन चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि शहर में सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।

  • हाईकोर्ट ने अटल विवि के कुलपति को थमाया अवमानना नोटिस

    19-Jul-2025
    बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय और डी.पी. विप्र महाविद्यालय के बीच स्वायत्तता (ऑटोनॉमस) को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के कुलपति ए.डी.एन. बाजपेई, कुलसचिव और कार्यपरिषद के सभी सदस्यों को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई डी.पी. विप्र महाविद्यालय की स्वायत्तता के मामले में हाईकोर्ट के आदेशों की कथित तौर पर अवहेलना करने के लिए की गई है। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को आदेश दिया था कि डीपी विप्र कॉलेज को यूजीसी से मिली स्वायत्तता के संबंध में वह नोटिफिकेशन जारी करे।  डी.पी. विप्र महाविद्यालय लंबे समय से अपनी स्वायत्तता को लेकर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट की सिंगल और डबल बेंच ने पहले ही विश्वविद्यालय के खिलाफ फैसला सुनाया था। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय के कुलपति ने कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया। महाविद्यालय का आरोप है कि कुलपति ने जानबूझकर कोर्ट की अवमानना की है। महाविद्यालय ने अपनी याचिका में न सिर्फ कुलपति, बल्कि कुलसचिव और कार्यपरिषद के सभी सदस्यों को भी इस अवमानना का दोषी बताया है। हाईकोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी किया और दो हफ्ते के भीतर जवाब देने का आदेश दिया है। डी.पी. विप्र महाविद्यालय का कहना है कि विश्वविद्यालय का रवैया न सिर्फ उनके हितों के खिलाफ है, बल्कि यह कोर्ट की गरिमा को भी चुनौती देता है। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को दो हफ्ते का समय दिया है, जिसमें उन्हें अपने जवाब दाखिल करने होंगे। 
  • ई-साक्ष्य ऐप के जरिए केस इन्वेस्टिगेशन होगा डिजिटल, बिलासपुर पुलिस को दी गई ट्रेनिंग

    18-Jul-2025
    बिलासपुर। जिले में नए आपराधिक कानूनों (BNS) के तहत जांच प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग लगातार डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भापुसे) के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘ई-साक्ष्य ऐप’ के उपयोग की ट्रेनिंग दी गई। गुरुवार को सभी विवेचकों को ऐप के उपयोग, उसकी प्रक्रिया और कानूनी महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। यह ऐप पुलिस को अपराध स्थल से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और अन्य डिजिटल सबूतों को सुरक्षित और संगठित ढंग से संग्रहित करने में मदद करता है। 
    प्रशिक्षण में बताया गया कि यदि कोई केस नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज किया जाता है, तो संबंधित विवेचक को ई-साक्ष्य ऐप में अकाउंट बनाकर सबूत अपलोड करना अनिवार्य होगा। विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में ऐप पर सबूत अपलोड करना जरूरी कर दिया गया है। एसएसपी रजनेश सिंह ने खुद कुछ विवेचकों के मोबाइल से पहले अपलोड किए गए डेटा और वीडियो का निरीक्षण किया और संतोष जताया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि थाना प्रभारी और राजपत्रित अधिकारी इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को यह भी सिखाया गया कि कौन-से फोटो और वीडियो आवश्यक हैं और किस प्रकार अनावश्यक सामग्री से बचा जा सकता है। एसएसपी ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब से हर केस में ई-साक्ष्य ऐप का इस्तेमाल अनिवार्य होगा और इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। 
  • पालतू पशुओं को लावारिस हालत में छोड़ना अपराध, FIR दर्ज

    18-Jul-2025
    बिलासपुर. सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोपका तिराहा में एक व्यक्ति ने अपने पालतू पशुओं को लावारिस हालत में सड़क पर छोड़ दिया था. इससे यातायात जाम की स्थिति बन गई. मामले में सरकंडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मनीष सिंह के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है. जानकारी के अनुसार, नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी किशोर सिंह ने सरकंडा थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी.  15 जुलाई को उन्हें सूचना मिली थी कि मोपका में मनीष सिंह अपने 2 बैल और 6 गायों को बिना चारा-पानी और सुरक्षित स्थान के खुले में छोड़ दिया है. इससे न केवल पशुओं के जीवन पर संकट उत्पन्न हुआ, बल्कि आम राहगीरों को भी दुर्घटना का खतरा बना रहा. इस पर नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जहां करीब 20-25 पशु सड़क के बीच बैठे मिले, जिनमें 8 पशु मनीष सिंह के निकले. आरोपी की इस लापरवाही से सड़क पर भारी जाम की स्थिति निर्मित हो गई थी. शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने अपराध पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 03, 11(1)(द्ब) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पालतू पशुओं को लावारिस रूप से छोड़ने वालों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा और ऐसी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 
  • हाईकोर्ट से पति को राहत, बिना सबूत नपुंसकता का आरोप लगाना मानसिक प्रताड़ना

    17-Jul-2025
    बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने तलाक से जुड़े एक अहम मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि यदि पत्नी अपने पति पर बिना किसी चिकित्सकीय प्रमाण के नपुंसकता जैसा गंभीर आरोप लगाती है, तो यह मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने इसे वैध तलाक का आधार माना है। बता दें कि यह मामला जांजगीर-चांपा जिले के एक व्यक्ति से जुड़ा है, जिसकी शादी 2 जून 2013 को बलरामपुर जिले की रामानुजगंज निवासी एक महिला से हुई थी। पति एक शिक्षाकर्मी के तौर पर बैकुंठपुर के चरचा कॉलरी में कार्यरत था, जबकि पत्नी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है। शादी के कुछ समय बाद ही पत्नी ने पति पर नौकरी छोड़ने या ट्रांसफर कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। वर्ष 2017 से दोनों के बीच संबंध पूरी तरह टूट चुके थे और वे अलग-अलग रहने लगे थे। 
    करीब सात साल बाद, 2022 में पति ने फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी। सुनवाई के दौरान पत्नी ने पति पर आरोप लगाया कि वह यौन संबंध बनाने में अक्षम है, लेकिन उसने यह भी माना कि उसके पास इस आरोप का कोई मेडिकल सबूत नहीं है। इसके विपरीत, पति ने आरोप लगाया कि पत्नी ने उस पर पड़ोस की महिला से अवैध संबंध का झूठा इल्जाम लगाया, जिससे उसकी सामाजिक छवि को नुकसान हुआ। पति ने यह भी बताया कि रिश्तों को सुधारने के लिए जब सामाजिक स्तर पर बैठक हुई, तब पत्नी ने वहां भी झगड़ा किया और अपने ही जीजा के साथ बदसलूकी की। हाई कोर्ट ने इस व्यवहार को भी मानसिक क्रूरता की श्रेणी में रखा।  मामले की पूरी सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि बिना प्रमाण के नपुंसकता जैसा गंभीर आरोप लगाना न केवल व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि इससे उसके मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे हालात में विवाह को बनाए रखना न्याय और कानून के अनुरूप नहीं होगा। इस आधार पर हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के पहले के फैसले को गलत ठहराते हुए रद्द कर दिया और पति को तलाक की अनुमति दी। 
  • स्टॉक रखे धान गायब, 54 लाख रुपए का गबन

    16-Jul-2025
    बिलासपुर। धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी और 54 लाख रुपए के गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। रिसदा धान खरीदी केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार करियारे और कम्प्यूटर ऑपरेटर सुखसागर जांगड़े के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया गया है। जिला सहकारी बैंक के मैनेजर ने मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। दरअसल, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिले के रिसदा धान खरीदी केंद्र से अनियमितता की शिकायत सामने आई थी। ऑनलाइन डेटा के अनुसार केंद्र में कुल 40879.20 क्विंटल धान की खरीदी की गई। लेकिन भौतिक सत्यापन में धान खरीदी केंद्र में बड़ा शॉर्टेज मिला। 1763 क्विंटल धान कम पाया गया। जांच में पता चला कि धान खरीदी केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार करियारे और कंप्यूटर ऑपरेटर सुखसागर जांगड़े ने मिलकर इसमें गड़बड़ी की है और 54.67 लाख रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाते हुए पैसे का गबन कर लिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला सहकारी बैंक के मैनेजर ने इसकी लिखित शिकायत मस्तूरी थाने में दर्ज कराई है। जिसपर पुलिस ने रिसदा धान खरीदी केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार करियारे और कम्प्यूटर ऑपरेटर सुखसागर जांगड़े के खिलाफ अलग- अलग धाराओं में FIR दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक मामले में जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
     
  • पेंटर की हत्या, नदी में मिली लाश

    16-Jul-2025
    बिलासपुर। 2 दिन से लापता पेंटर की लाश अरपा नदी में मिली है। उसके शरीर पर जख्मों के निशान देखकर परिजन ने हत्या की आशंका जताई है। युवक अपने दोस्त के साथ निकला था, जिसके बाद वो घर नहीं पहुंचा। पुलिस शव का पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। परिजनों के मुताबिक 13 जुलाई को राजू सूर्यवंशी (26) अपने दोस्त कुश कुमार के साथ निकला था। उसने अपने दोस्त के साथ शराब भी पी। जिसके बाद दोनों अपने घरों की ओर निकल गए। लेकिन, राजेंद्र अपने घर नहीं पहुंचा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। टीआई विवेक पांडेय ने बताया कि 15 जुलाई को कुछ लोगों ने पचरीघाट के पास नदी में एक युवक का शव अरपा नदी में बहते देखा, जिसके बाद लोगों की भीड़ जुट गई। उन्होंने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी। खबर मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर युवक की पहचान नहीं हो पाई। बाद में उसकी पहचान सीपत क्षेत्र के राजेंद्र उर्फ राजू सूर्यवंशी (26) के रूप में हुई।
     
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