रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने जिले में नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए लगातार अभियान छेड़ रखा है। इसी कड़ी में चक्रधरनगर पुलिस ने एक बड़े नशीली इंजेक्शन सप्लाई सिंडीकेट का भंडाफोड़ करते हुए ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले से आए दो प्रमुख सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट और संगठित अपराध की धाराओं में न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजा गया। कैसे बेनकाब हुआ सिंडीकेट
19 सितंबर को चक्रधरनगर पुलिस ने पंजरी प्लांट मरीन ड्राइव क्षेत्र में दबिश देकर इंदिरा नगर निवासी धीरज बरेठ को रंगे हाथों पकड़ा था। आरोपी नदी किनारे छिपकर नशीली इंजेक्शन बेच रहा था। उसकी तलाशी में पुलिस ने आठ नग पेंटाजोसिन इंजेक्शन और बिक्री की रकम ?300 जब्त की। पूछताछ के दौरान धीरज ने खुलासा किया कि वह इंजेक्शन ओडिशा निवासी किशन डंडारिया और रायगढ़ के चंद्रकांत निषाद उर्फ बाबू से खरीदकर महंगे दामों पर बेचता है।
पुलिस की पड़ताल और सप्लाई चेन का खुलासा पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन में टीम ने सप्लाई चेन को ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू की। जांच में सामने आया कि यह केवल स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए संचालित हो रहा है। मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने ओडिशा के दो सप्लायरों किशन डंडारिया और राजेश डंडारिया को घेराबंदी कर दबोचा। दोनों के पास से वह मोबाइल जब्त हुआ, जिसका इस्तेमाल यूपीआई के जरिए नशीली इंजेक्शन की अवैध लेन-देन में किया जा रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने चंद्रकांत निषाद, धीरज बरेठ और रुकसार सारथी सहित अन्य साथियों के साथ मिलकर इंजेक्शन सप्लाई करने की बात स्वीकार की। यह एक संगठित अपराध होने की पुष्टि होने पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 111 के तहत प्रकरण दर्ज किया।
पहले से पकड़े गए आरोपी इससे पहले सहआरोपी चंद्रकांत निषाद उर्फ बाबू और रुकसार सारथी को थाना सिटी कोतवाली रायगढ़ में अपराध क्रमांक 472/25 धारा 22, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक संगठित गैंग सक्रिय है, जो पड़ोसी राज्य से नशीली दवाओं की सप्लाई कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी किशन डंडारिया उर्फ अशोक (33 वर्ष), निवासी नवधा चौक, बृजराज नगर, झारसुगुड़ा (ओडिशा)
राजेश डंडारिया (35 वर्ष), निवासी नवधा चौक, बृजराज नगर, झारसुगुड़ा (ओडिशा) दोनों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजा गया है, ताकि पुलिस इनके नेटवर्क और अन्य सप्लायर्स की कड़ी तक पहुंच सके। पुलिस टीम की भूमिका इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई। टीम में सहायक उप निरीक्षक नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक अभय नारायण यादव की अहम भूमिका रही। पुलिस की सख्ती नशीली दवाओं और इंजेक्शनों की सप्लाई पर रोक लगाने रायगढ़ पुलिस ने हाल के महीनों में कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मादक पदार्थ सीधे युवाओं को निशाना बनाते हैं और समाज को खोखला कर रहे हैं। इसलिए ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता है। क्या है पेंटाजोसिन इंजेक्शन पेंटाजोसिन एक नियंत्रित औषधि है, जिसका सीमित चिकित्सीय उपयोग होता है। लेकिन नशेड़ियों में इसका दुरुपयोग तेजी से बढ़ा है। लंबे समय तक इसके सेवन से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों इसे बेहद खतरनाक श्रेणी में मानते हैं।
रायगढ़। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत रायगढ़ जिले में स्वच्छता जागरूकता की लहर दौड़ रही है। इसी कड़ी में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) रायगढ़ ने सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए विशेष सफाई अभियान का आयोजन किया। इस अभियान के तहत शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम और उसके आसपास की सड़कों पर सफाई की गई। अभियान का नेतृत्व क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार रावत ने किया। उनके मार्गदर्शन में बैंक के लगभग 25 अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और साफ-सफाई कर नागरिकों को स्वच्छता का संदेश दिया। अधिकारियों ने न केवल स्टेडियम परिसर को साफ किया, बल्कि आसपास की सड़कों से कचरा हटाकर स्थानीय निवासियों के लिए बेहतर और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में योगदान दिया। राष्ट्रव्यापी पहल से जुड़ा अभियान यह कार्यक्रम स्वच्छता ही सेवा 2025 पहल के तहत आयोजित किया गया। यह पहल 2 अक्टूबर तक पूरे देश में चल रही है, जिसका उद्देश्य सिर्फ तत्कालीन सफाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों में दीर्घकालिक रूप से स्वच्छता की आदत विकसित करना है। इस पहल को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर चलाए जाने वाले स्वच्छ भारत मिशन से जोड़कर देखा जा रहा है। सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण एसबीआई अधिकारियों का यह कदम सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है। बैंक के कर्मचारियों ने यह साबित किया कि केवल सरकारी या स्थानीय प्रशासन ही नहीं, बल्कि हर नागरिक और संस्था की जिम्मेदारी है कि वे अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाएं। स्टेडियम और आसपास की सड़कों से हटाए गए कचरे ने अभियान के महत्व को और स्पष्ट किया। अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी इस अवसर पर एलडीएम रायगढ़ कमल किशोर सिंह, विकास शर्मा, दीपक भदानी, रवि कुमार और क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय रायगढ़ के अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। सभी ने मिलकर हाथों में झाड़ू और कचरा बैग लेकर सफाई की और स्थानीय नागरिकों से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की। नागरिकों में जागरूकता अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी रहा। एसबीआई अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने घर, गली और आसपास की जगह को साफ रखने का संकल्प ले, तो पूरे समाज में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को स्वच्छता आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की। स्वच्छता ही सेवा अभियान का सबसे बड़ा संदेश यही है कि सफाई केवल एक दिन का काम नहीं, बल्कि यह जीवनशैली का हिस्सा बननी चाहिए। रायगढ़ में एसबीआई द्वारा चलाए गए इस अभियान ने लोगों के बीच यही संदेश दिया कि स्वच्छता को अपनाना हमारी जिम्मेदारी है और इससे समाज के स्वास्थ्य व पर्यावरण दोनों को लाभ मिलेगा।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में आज रायगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए ACB की टीम ने एनटीपीसी में उप महाप्रबंधक (DGM) पद पर तैनात विजय दुबे को साढ़े चार लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद ACB द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी ट्रैप कार्रवाई मानी जा रही है। शिकायत और जांच की पृष्ठभूमि प्रार्थी सौदागर गुप्ता निवासी तिलाईपाली, थाना तमनार, जिला रायगढ़ ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके ग्राम तिलाईपाली स्थित मकान का मौखिक बंटवारा कर तीन हिस्से किए गए थे, जिसमें वे और उनके दो पुत्र अलग-अलग हिस्सों में निवास कर रहे हैं। एनटीपीसी द्वारा मकान और जमीन का अधिग्रहण किए जाने पर उन्हें मुआवजा राशि मिल चुकी थी, लेकिन पुनर्वास के लिए उनके पुत्रों को करीब 30 लाख रुपये और मिलना था। इसमें से 14 लाख रुपये पहले ही प्राप्त हो चुके थे, जबकि शेष 16 लाख रुपये दिलाने के एवज में आरोपी उप महाप्रबंधक विजय दुबे ने 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने पहले ही 50,000 रुपये अग्रिम के रूप में ले लिया था। लेकिन वे रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे, बल्कि आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहते थे। शिकायत की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसीबी ने आज 16 सितंबर को ट्रैप कार्रवाई की। इसमें प्रार्थी से 4.50 लाख रुपये लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया गया। अपराध छिपाने के लिए आरोपी ने प्रार्थी को एक पेट्रोल पंप के पास बुलाकर रिश्वत की रकम ली थी।
ACB की कार्रवाई और कानूनन प्रावधान ACB की टीम ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। ACB ने आरोपी की अन्य संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई न केवल आरोपी के खिलाफ है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदेश में चल रही व्यापक अभियान का हिस्सा है। राज्य में अब तक की सबसे बड़ी ट्रैप कार्रवाई ACB सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी राशि की ट्रैप कार्रवाई है। इससे पहले इतनी बड़ी रिश्वत की रकम के साथ किसी अधिकारी को नहीं पकड़ा गया था। इसके साथ ही ACB की टीम ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। पिछले एक वर्ष में रायगढ़ जिले में यह ACB बिलासपुर की आठवीं ट्रैप कार्रवाई है। वरिष्ठ अधिकारियों का बयान एसीबी अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। अधिकारी ने कहा कि “भ्रष्टाचार से समाज और प्रशासन दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसी कार्रवाइयाँ आम जनता में विश्वास बढ़ाने और प्रशासन को पारदर्शी बनाने में मदद करती हैं।” अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान आरोपी की अन्य संपत्तियों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। ACB ने जनता से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाए तो उसकी जानकारी एसीबी को दी जाए। अधिकारियों ने कहा कि “जनभागीदारी और प्रशासनिक सतर्कता से ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष 2025 को रजत जयंती वर्ष घोषित किया गया है। इस अवसर पर जिले में आज श्रम विभाग, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, ईएसआईसी और ईएसआईएस के संयुक्त तत्वावधान में श्रमिक स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया। रायगढ़ के न्यू ऑडिटोरियम हॉल, पंजरी प्लॉट में आयोजित इस शिविर में लगभग 1200 श्रमिकों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसमें रक्तचाप, मधुमेह, हिमोग्लोबिन, नेत्र परीक्षण सहित महिला श्रमिकों के लिए विशेष स्त्री रोग परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महापौर जीवर्धन चौहान ने श्रमिकों के लिए आयोजित स्वास्थ्य शिविर की सराहना की एवं श्रमिकों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। मौके पर जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता सुखलाल चौहान, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष रामश्याम डनसेना, भगत, सुखलाल चैहान, सोहन चौधरी, अतिरिक्त औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा राहूल पटेल, उप संचालक एवं सहायक श्रमायुक्त, घनश्याम पाणिग्राही उपस्थित रहे। सहायक श्रमायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण एवं जागरूकता बढ़ाने की दृष्टि से श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसके अलावा 18 बड़े कारखानों के द्वारा निकटवर्ती ग्रामों में स्वास्थ्य जॉच शिविर का आज आयोजन कर 3000 से अधिक श्रमिकों को स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ प्रदाय किया गया। कर्मचारी राज्य बीमा निगम रायगढ़ शाखा प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा लागू SPREE योजना के तहत् पंजीकरण कराने वाले नियोक्तओं के लिए कवरेज से पहले की अवधि में कोई निरीक्षण या कानूनी कार्यवाही नहीं की जाएगी। इसके साथ ही व्यक्ति (कवरेज) नियोक्ताओं द्वारा घोषित तिथि से मानी जाएगी। कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने SPREE योजना के अंतर्गत 01 जुलाई से 31 दिसम्बर 2025 तक की विशेष पंजीकरण विंडो आरंभ की है। इस पहल का उदे्श्य ऐसे सभी नियोक्ताओं को ई.एस.आई.सी में व्याप्त करना है जो अभी तक ईएसआईसी के अधिनियम के दायरे में नहीं आए है। योजना के तहत नियोक्ता श्रम सुविधा पोर्टल या एमसीए पोर्टल के माध्यम से स्वयं बहुत ही आसानी के साथ पंजीकरण कर सकते है। साथ ही ईएसआईसी से मिलने वाले नगद हितलाभ एवं चिकित्सा हितलाभ से संबंधित जानकारी दी गई।
रायगढ़। जिले में सड़क हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई। गणेश विसर्जन कर ट्रैक्टर ट्राली के पीछे बैठकर घर लौट रहा था, तभी तेज रफ्तार ट्रैक्टर से वह गिर गया। इससे उसके सिर पर गंभीर चोट आई। घटना धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र का है।
रायगढ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम बायंग (कछार) में 38 करोड़ रुपये की लागत से मांड नदी बायंग एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इससे लाभान्वित गांवों में भू-जल संवर्द्धन होगा तथा आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी। एनीकट कम काजवे निर्माण से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।
रायगढ़। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा रायगढ़ जनकल्याणकारी कार्यों में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रही है। समाज के जरूरतमंद एवं असहाय वर्गों की सेवा में समर्पित यह संस्था व्हीलचेयर ऑक्सीजन सिलेंडर, एयर बेड, कृत्रिम अंग, नि:शुल्क दवाएं, एंबुलेंस सुविधा, फिजियोथेरेपी सेवाएं, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरण और प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण जैसी अनेकों सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध करवा रही है। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा रायपुर से प्राप्त निर्देशानुसार, कलेक्टर एवं रेडक्रॉस अध्यक्ष श्री मयंक चतुर्वेदी तथा सचिव/मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले के फैक्ट्री वर्कर, वाहन चालक, नगर सैनिक, अस्पताल स्टाफ, माइन्स एवं रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूल-कॉलेजों के यूथ रेडक्रॉस वॉलंटियर्स और आम नागरिकों को प्राथमिक उपचार एवं ब्च्त् का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अगस्त माह में रेडक्रॉस मास्टर ट्रेनर डॉ. अविनाश गुप्ता एवं डॉ.गुलशन सिदार द्वारा मां शाकंभरी स्टील्स प्रा.लि.सम्बलपुरी में 10 कर्मचारियों को, नलवा स्टील एंड पावर लिमिटेड तराईमाल में 60 कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। रायगढ़ से दो युवा वॉलंटियर्स ने बढ़ाया जिले का गौरव इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, राज्य शाखा हरियाणा द्वारा 22 से 28 अगस्त 2025 तक इंटर स्टेट यूथ रेड क्रॉस ट्रेनिंग कैम्प फॉर ब्वायस का आयोजन पंजाबी धर्मशाला, ब्रह्मसरोवर, कुरुक्षेत्र हरियाणा में किया गया। इस शिविर में भाग लेने हेतु रायगढ़ जिले से बटमूल आश्रम महाविद्यालय के दो सक्रिय यूथ रेडक्रॉस वॉलंटियर्स नीजू दास और रितेश बेहरा को चयनित कर भेजा गया। इन विद्यार्थियों का चयन प्राचार्य डॉ.पी.एल.पटेल एवं यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. विक्रांत गुप्ता की अनुशंसा पर किया गया। सचिव एवं प्रभारी अधिकारी द्वारा उन्हें समस्त आवश्यक सामग्री और गणवेश उपलब्ध करवाकर शिविर के लिए रवाना किया गया। इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में छत्तीसगढ़ राज्य की 26 सदस्यीय टीम ने हिस्सा लिया। शिविर में शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं खेल आयोजन भी हुए, जिसमें छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति अत्यंत सराहनीय रही। प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले ने मनरेगा योजना को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में नई पहल की है। अब जिले की सभी 549 पंचायतों में क्यूआर कोड प्रणाली शुरू की गई है। ग्रामीण अपने स्मार्टफोन से क्यूआर कोड स्कैन कर अपने गांव में पिछले पाँच वर्षों में स्वीकृत व्यक्तिगत और सामुदायिक कार्यों की विस्तृत जानकारी—व्यय, प्रगति और विवरण तुरंत प्राप्त कर सकेंगे।
रायगढ़। कापू पुलिस ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए कदमचौक से एक स्थायी वारंटी आरोपी को चोरी की स्कूटी बेचने की फिराक में दबोच लिया। थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति चोरी की जुपिटर स्कूटी बेचने ग्राहक तलाश रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते पुलिस ने मौके से संदेही को पकड़ा जिसके पास से स्कूटी क्रमांक सीजी 13 बीई 9161 बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने 27 अगस्त की रात वन विभाग परिसर, शराब भट्टी के सामने मेन रोड से स्कूटी चोरी की थी। इस संबंध में थाना कापू में अपराध क्रमांक 144/2025 धारा 303(2) बीएनएस पंजीबद्ध है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी देवेंद्र उर्फ राजा उर्फ छोटू डनसेना पिता स्व. नानसाय डनसेना उम्र 33 वर्ष निवासी कुमरता के विरुद्ध पूर्व में धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध क्रमांक 102/2020 दर्ज है, साथ ही माननीय न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी किया गया था। आरोपी से बरामद चोरी की स्कूटी को पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन में स्थायी वारंटियों और सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कापू पुलिस ने आरोपी देवेंद्र डनसेना को चोरी और स्थायी वारंट के प्रकरण में गिरफ्तार कर आज न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर जेल भेजा गया।
रायगढ़। शहर के ह्रदयस्थल श्रीरामलीला मैदान में आज 27 अगस्त से श्रीगणेश मेला एवं दस दिवसीय 40वें चक्रधर समारोह का भव्य आगाज़ हो रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 7 बजे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका करेंगे
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां वाड्रफनगर पुलिस ने 10 दिनों से फरार चल रहे जिला बदर आरोपी मयंक यादव (28 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। मयंक पर 15 अगस्त की रात गुटखा मांगने को लेकर हुए विवाद में एक युवक से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। आरोपी पर पहले से ही 10 अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। मामला 15 अगस्त की रात करीब 11 बजे का है। पुलिस के अनुसार वाड्रफनगर निवासी प्रदीप कुमार देवांगन (33 वर्ष) ने आरोपी मयंक यादव से गुटखा मांगा था। इस पर मयंक अचानक भड़क गया और उसने प्रदीप के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। यही नहीं, आरोपी ने लोहे के कड़े से हमला कर प्रदीप को गंभीर चोट पहुंचाई। जान से मारने की धमकी भी दी वारदात के दौरान जब प्रदीप ने पुलिस से शिकायत करने की बात कही तो मयंक ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। घायल प्रदीप को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, वाड्रफनगर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसकी चोट को शार्प ऑब्जेक्ट से लगी चोट बताया। घटना के बाद पीड़ित प्रदीप की शिकायत पर वाड्रफनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 155/25 के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू की। लेकिन वारदात के बाद से मयंक फरार हो गया। पुलिस लगातार उसकी पतासाजी कर रही थी। आखिरकार 25 अगस्त को आरोपी को बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। Also Read - छत्तीसगढ़ के पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी जमशेदपुर प्रतियोगिता में लाए 16 मेडल, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी बधाई आरोपी ने कबूला जुर्म, हथियार बरामद गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मयंक ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का कड़ा पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में रामानुजगंज जेल भेज दिया गया। आरोपी पर पहले से 10 केस दर्ज पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी मयंक यादव पर पहले से ही 10 अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, धमकी, अवैध गतिविधियों और अन्य धाराओं के मामले शामिल हैं, जो अभी अदालत में विचाराधीन हैं। वाड्रफनगर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी पहले से ही जिला बदर था, इसके बावजूद वह लगातार क्षेत्र में घूमकर लोगों को धमकाता और विवाद करता था। पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी फरारी के दौरान कहां-कहां छिपा रहा और क्या किसी अन्य वारदात में भी शामिल था। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
रायगढ़। आयुक्त नगर निगम बृजेश सिंह क्षत्रिय ने आज शहर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने नालंदा परिसर, ऑक्सीजोन और निगम परिसर में निर्माणाधीन पानी टंकी का निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। आयुक्त नगर निगम क्षत्रिय ने सर्वप्रथम वे नालंदा परिसर पहुंचकर वहां चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ईई को निर्माण कार्यों में अपेक्षित तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद वे इतवारी बाजार स्थित ऑक्सीजोन पहुंचे और वहां बनने वाले ओपन एयर थिएटर, बच्चों का खेल क्षेत्र, जिम, साइंस पार्क, फूड कोर्ट के संबंध में योजना के अनुसार काम करने के निर्देश ठेकेदार को दिए। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तत्पश्चात उन्होंने नगर निगम परिसर में बन रही पानी टंकी का काम देखा और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश ठेका कंपनी को दिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था और सफाई कर्मियों की अटेंडेंस की भी जानकारी ली। इस दौरान ईई अमरेश लोहिया, एई अशोक सिंह सहित निगम अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
रायपुर। राजधानी रायपुर में सूदखोरी और आर्गेनाइज क्राइम के मामले में फरार चल रहे कुख्यात तोमर बंधु—वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर—को लेकर बड़ा मोड़ सामने आया है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। कोर्ट ने रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह से यह स्पष्ट करने को कहा कि आखिरकार एक ही आरोपियों के खिलाफ एक साथ सात एफआईआर दर्ज करने की क्या आवश्यकता थी और यह कार्रवाई किस आधार पर की गई। हाईकोर्ट ने इस पर विस्तृत जवाब मांगा है और एसएसपी को निर्देश दिया है कि वे व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ दो सप्ताह के भीतर अदालत में जवाब दाखिल करें।
फरार चल रहे तोमर बंधु, गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया याचिकाकर्ता वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर पर रायपुर के तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थानों में सूदखोरी और एक्सटॉर्शन (उगाही) के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उनके ठिकानों पर दबिश दी थी, जहां से भारी मात्रा में कैश, चेक और जमीनों के दस्तावेज बरामद हुए। जांच के दौरान पुलिस को कई और अहम सबूत मिले, जिनके आधार पर यह मामला संगठित अपराध (ऑर्गेनाइज क्राइम) से जुड़ा हुआ माना गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ अलग-अलग 7 FIR दर्ज की और सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि, गिरफ्तारी के डर से दोनों आरोपी पिछले दो महीने से फरार चल रहे हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों भाइयों ने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। इसी याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े हुए।
पुलिस पर दबाव में कार्रवाई का आरोप याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस ने दबाव और दुर्भावनापूर्ण तरीके से कार्रवाई की है। आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर दोनों भाइयों को संगठित अपराध जैसे गंभीर केस में फंसाने की कोशिश की है। वकील ने दलील दी कि पुलिस ने एक ही तरह के आरोपों पर सात एफआईआर दर्ज कर दी, जो कानूनन सही नहीं है। जांच निष्पक्ष नहीं है, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव में की जा रही है। तोमर बंधु को ‘हिस्ट्रीशीटर’ बताकर गलत छवि बनाई जा रही है। इन्हीं तर्कों के आधार पर वकील ने अग्रिम जमानत देने की मांग की, ताकि दोनों भाई न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग कर सकें। हाईकोर्ट ने तलब की केस डायरी मामले की पिछली सुनवाई के दौरान ही हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई को देखते हुए केस डायरी तलब की थी। मंगलवार को जब सुनवाई हुई, तब अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस को यह बताना होगा कि किस कानूनी आधार पर सात अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। हाईकोर्ट ने एसएसपी रायपुर से कहा कि वे व्यक्तिगत शपथपत्र देकर दो सप्ताह में इसका स्पष्टीकरण दें। कोर्ट के रुख से यह साफ हो गया है कि पुलिस की कार्रवाई पर न्यायालय गंभीरता से सवाल उठा रहा है। पुलिस के अनुसार कैसे चलता था सूदखोरी का नेटवर्क पुलिस की जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तोमर बंधु लंबे समय से रायपुर में सूदखोरी और उगाही के धंधे में सक्रिय थे। रोहित तोमर ने अपनी पत्नी भावना तोमर के नाम से एक ऑफिस खोला था।
इसी ऑफिस से सूदखोरी का पूरा कारोबार संचालित होता था। लोगों को ऊंची ब्याज दर पर कर्ज दिया जाता था और समय पर रकम न लौटाने पर धमकी, मारपीट और संपत्ति कब्जाने तक की घटनाएं सामने आईं। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क संगठित अपराध के तौर पर काम करता था, जिसमें कई स्थानीय लोग भी शामिल थे। फरार आरोपियों पर इनाम घोषित पुलिस ने पिछले दो महीनों से वीरेंद्र और रोहित तोमर की गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी, लेकिन वे हाथ नहीं आए। दोनों आरोपी फरार हैं और पुलिस के अनुसार लगातार ठिकाने बदलकर बचने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए रायपुर पुलिस ने इनाम की घोषणा भी की है। साथ ही उनके खिलाफ जारी लुकआउट नोटिस और गिरफ्तारी वारंट भी प्रभावी हैं। हाईकोर्ट की सख्ती से बढ़ा तनाव हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब पुलिस प्रशासन के सामने यह चुनौती है कि वह अदालत में ठोस आधार पेश करे। यदि पुलिस यह साबित करने में असफल रहती है कि सात एफआईआर दर्ज करने की वैधता क्यों थी, तो यह पूरा मामला उलझ सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी एफआईआर एक ही घटना और आरोपों पर आधारित हैं, तो यह ‘मल्टीपल एफआईआर’ की श्रेणी में आता है, जिसे उच्चतम न्यायालय ने कई मामलों में अवैध करार दिया है। लेकिन यदि हर एफआईआर अलग-अलग पीड़ितों और अलग-अलग लेन-देन से संबंधित है, तो पुलिस का पक्ष मजबूत हो सकता है। बड़ा सवाल: क्या बच पाएंगे तोमर बंधु? तोमर बंधुओं का आपराधिक रिकॉर्ड और सूदखोरी का कारोबार रायपुर पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। अब जबकि मामला हाईकोर्ट की निगरानी में है, पुलिस को अपने कदमों का कानूनी आधार मजबूत करना होगा। दूसरी ओर, तोमर बंधु इस कोशिश में हैं कि उन्हें अग्रिम जमानत मिल जाए और वे गिरफ्तारी से बच सकें। लेकिन पुलिस द्वारा बरामद कैश, चेक और जमीनों के दस्तावेज उनके खिलाफ गंभीर सबूत के तौर पर खड़े हैं।
रायगढ़। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के कुशल मार्गदर्शन में तमनार पुलिस ने ट्रेलर लूटपाट की घटना का महज़ 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से चार ट्रेलर वाहन, एक कार और मोबाइल फोन समेत कुल डेढ करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। प्रकरण में प्रार्थी संजय पटेल निवासी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने मई 2025 में एसबीआई कोरबा शाखा से ऑक्शन में चार ट्रेलर वाहन CG 12 BQ 0369, CG 12 BQ 0371, CG 12 BQ 0372, CG 12 BQ 0373 खरीदे थे, जो वर्तमान में सुगोई ट्रांसपोर्ट में परिचालित थे। दिनांक 18 अगस्त की रात ट्रेलर क्रमांक CG 12 BQ 0371 को अज्ञात बदमाशों ने तमनार क्षेत्र के हुकराडीपा के पास से लूट लिया और चालक एम.डी. जुबेर व अन्य ड्राइवरों के साथ मारपीट कर उनके मोबाइल भी छीन लिए। जांच में पाया गया कि घटना का मुख्य षड्यंत्रकारी पूर्व वाहन स्वामी अमन गोस्वामी ही था, थाना तमनार में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 170/2025 धारा 309(4),309(6) BNS के तहत अपराध कायम कर आरोपियों की धरपकड़ में जुट गई ।
पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल ने टीआई कमला पुसाम के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर तत्काल जिले में नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू की और ओडिशा तक दबिश दी। कार्रवाई के दौरान ओड़िशा हमीरपुर स्थित पेट्रोल पंप के पास खेत में छिपाए गए चारों ट्रेलर बरामद कर लिये गए। पुलिस की दबिश में अमन गोस्वामी सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी स्विफ्ट कार और कैम्पर वाहन में सवार होकर आए थे और सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों की संख्या 5 से अधिक होने पर धारा 310 (2) BNS जोड़ी गई है। आरोपियों के मेमोरेन्डम पर चार ट्रेलर वाहन कीमत 1.5 करोड़ रुपये, चार मोबाइल कीमत 24 हजार रुपये और एक स्विफ्ट कार कीमत 6 लाख रुपये सहित कुल 1 करोड़ 56 लाख 24 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपी 1. अमन गोस्वामी पिता नारद गोस्वामी, 28 वर्ष, निवासी कुसमुण्डा गेवरा बस्ती, कोरबा 2. नारद गोस्वामी पिता स्व. शंकर गोस्वामी, 57 वर्ष, निवासी कुसमुण्डा गेवरा बस्ती, कोरबा 3. जितेन्द्र गिरी पिता आनंद गिरी, 38 वर्ष, निवासी बाजीपाली, जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा) 4. मनीष प्रकाश केंवट पिता ओमप्रकाश केंवट, 28 वर्ष, निवासी शिलादेही, जिला जांजगीर-चांपा 5. लेखराम केंवट पिता छेदीलाल केंवट, 24 वर्ष, निवासी केशला, जिला जांजगीर-चांपा 6. रामरतन पटेल पिता मोनोलाल पटेल, 27 वर्ष, निवासी मोहाडीह, जिला जांजगीर-चांपा 7. कुंजराम पटेल पिता मकरम पटेल, 30 वर्ष, निवासी शिलादेही, जिला जांजगीर-चांपा दो अन्य फरार बरामद संपत्ति चार ट्रेलर वाहन (1,50,00,000 रुपये), चार मोबाइल फोन (24,000 रुपये), एक स्विफ्ट डिजायर कार CG 12 AP 1298 (6,00,000 रुपये), कुल मूल्य 1,56,24,000 रुपये।
रायपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिलासपुर में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं और खतरनाक चाकुओं की खुलेआम व आनलाइन बिक्री को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मीडिया में प्रकाशित खबर कि शहर में पान दुकानों, जनरल स्टोर्स और गिफ्ट शाप में 100 से 500 रुपये में डिजाइनर, बटन और फोल्डिंग चाकू बिना किसी पूछताछ के आसानी से खरीदे जा सकते हैं। कोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए गृह विभाग के प्रमुख सचिव को पक्षकार बनाया और व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि, ऑनलाइन व खुलेआम ये खतरनाक चाकू कैसे बिक रहे हैं, बेचने और खरीदने वाले दोनों पर कार्रवाई करें।
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, ये बटनदार, डिजाइनर चाकू कोई सब्जी काटने के लिए तो लेता नहीं होगा, इसकी गंभीरता को समझिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि आपके पास आर्म्स एक्ट भी है तो फिर इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। 120 मामले, 7 मौतें, 122 घायल: कोर्ट में पेश रिपोर्ट के अनुसार, बिलासपुर में सिर्फ जनवरी से जुलाई 2025 के बीच चाकूबाजी की 120 घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 122 लोग घायल हुए। कई मामले मामूली कहासुनी या विवाद में भड़ककर हुए। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत कुछ कार्रवाइयां जरूर कीं, लेकिन हथियारों की आसानी से उपलब्धता ने हालात को और गंभीर बना दिया। ऑनलाइन बिक्री पर जताई चिंता: सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल प्रफुल्ल एन. भारत ने कोर्ट को बताया कि ऐसे खतरनाक चाकू न केवल बाजार में बल्कि आनलाइन प्लेटफार्म पर भी बिक रहे हैं। राज्य सरकार ने आनलाइन बिक्री पर भी कार्रवाई की है, लेकिन पूरी तरह रोकने के लिए सख्त और ठोस रणनीति की जरूरत है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
रायगढ़। जिले में एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया है। प्रसव के बाद मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना महिला थाना को दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी परिजनों को होने के बाद उसे 31 जुलाई को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। अस्पताल की ओर से मामले की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और पीड़िता का बयान दर्ज किया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि पीड़िता कबाड़ बीनने का काम करती है और उसका पड़ोस में रहने वाले एक लड़के से अफेयर था। बताया गया कि अक्टूबर 2024 में दोनों घर से भागकर ओडिशा के झारसुगुड़ा चले गए थे। वहां कुछ समय तक दोनों साथ रहे। इसी दौरान कबाड़ चोरी के एक मामले में लड़के को ओडिशा पुलिस ने गिरफ्तार कर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया।
रायगढ़। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल द्वारा जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों पर पैनी निगाह रखते हुए किसी भी तरह के झगड़ा, मारपीट व वाद-विवाद की स्थिति में तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत 10 अगस्त को नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन पर जूटमिल पुलिस थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। थाना प्रभारी को पेट्रोलिंग दौरान सूचना मिली कि पुराना बस स्टैण्ड मटन मार्केट क्षेत्र में कुछ युवक आपस में झगड़ा कर रहे हैं। तत्काल टीआई जूटमिल अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचकर युवकों को समझाइश दी, लेकिन वे नहीं माने, जिसके बाद झगड़ा मारपीट कर रहे रितेन उर्फ खदरू सारथी, सोनु चौहान और अशोक चौहान को थाने लाया गया। इसी बीच राजीवगांधीनगर में मार्कण्डेय यादव और कांशीराम चौक में कवि खटर्जी द्वारा मोहल्लेवासियों से विवाद की शिकायत पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां अनावेदकों ने पुलिस दल के प्रति आक्रोश दिखाया जिसके चलते उसे भी गिरफ्तार किया गया। सभी अनावेदकों के कृत्यों को गंभीरता से लेते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु जूटमिल पुलिस ने सभी पांच अनावेदकों के विरूद्ध धारा 170/126, 135(3) BNSS के तहत इस्तगासा तैयार कर एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजने का आदेश मिला।
जेल भेजे गए आरोपियों में रितेन उर्फ खदरू सारथी (23) निवासी सांगीतराई डीपापारा, सोनु चौहान (19) निवासी कयाघाट, अशोक चौहान (28) निवासी बजरंगपारा निगम कॉलोनी, मार्कण्डेय यादव (21) निवासी राजीवगांधीनगर और कवि खटर्जी (21) निवासी गांधीनगर कांशीराम चौक शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी और कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक मो. दिलदार कुरैशी, प्रधान आरक्षक रामनाथ बनर्जी, आरक्षक सुरेन्द्र बंशी, आरक्षक लखेश्वर पुरसेठ, आरक्षक जितेश्वर चौहान और आरक्षक शशिभूषण साहू की अहम भूमिका रही।
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