बड़ी खबर

Sukma

  • जिला प्रशासन की सक्रियता से उल्टी-दस्त की स्थिति पर नियंत्रण

    08-Sep-2025

    सुकमा। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर ग्राम पंचायत पाकेला के आश्रित ग्राम मांगीतोंग में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए रविवार को स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को आवश्यक उपचार और जागरूकता प्रदान की। ग्राम में कुल 54 घरों में निवासरत 164 लोगों का मलेरिया सहित विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया गया।

    स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सा विभाग की टीम ने 40 लोगों में सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण पाए तथा 8 लोगों को दस्त की समस्या से प्रभावित पाया। गंभीर कुपोषण से ग्रसित 1 बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र में उपचार हेतु भेजने निर्देशित किया, वहीं एक गर्भवती महिला का पंजीयन कर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया। गांव में स्थित पेयजल स्रोतों में क्लोरीनीकरण कर संक्रमण से बचाव सुनिश्चित किया गया। साथ ही, ग्रामीणों को साफ पानी उबालकर पीने और मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी गई। शिविर में निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं।
     
    कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता ग्रामीणों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था है। समय पर शिविर लगाने से स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
     
    शिविर में एसडीएम छिंदगढ़ विजय प्रताप खेस, सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह, तहसीलदार इरशाद अहमद, बीएमओ डॉ. नारंग, सरपंच, वार्ड पंच एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन की जानकारी दी और बताया कि उल्टी-दस्त से ग्रामीण प्रभावित नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन-प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ है।
  • वन्यजीवों की सुरक्षा में सुकमा जिले की बड़ी पहल

    25-Aug-2025

    सुकमा। जिले के इतिहास में पहली बार वन विभाग ने वनकर्मियों, संयुक्त वन प्रबंधन समिति एवं जैव विविधता प्रबंधन समिति के सदस्यों के लिए वन्यजीव संरक्षण एवं प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पहल न केवल वन विभाग की क्षमता वृद्धि बल्कि स्थानीय समुदाय को संरक्षण की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुई है।

    सुकमा एवं दोरनापाल उपमंडल के कर्मचारियों का प्रशिक्षण 23 और 24 अगस्त को जिला मुख्यालय सुकमा में आयोजित हुआ। इसमें राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य एवं ख्यातिप्राप्त वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र मिश्रा ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया। वहीं 20 और 21 अगस्त को कोन्टा में आयोजित प्रशिक्षण में नोवा नेचर फाउंडेशन के सुराज ने वन्यजीव प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
     
    इस प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पहली बार जेएफएमसी और बीएमसी के सदस्य भी इसमें शामिल हुए। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम केवल वन विभाग तक सीमित न रहकर स्थानीय समुदाय तक पहुंचा, जिससे वन्यजीव संरक्षण के प्रति साझा जिम्मेदारी और जागरूकता का नया अध्याय शुरू हुआ।
     
    वनमंडलाधिकारी सुकमा श्री अक्षय भोसलें ने कहा कि सुकमा जैसे घने वनों वाले जिले में वन्यजीव संरक्षण हमेशा से चुनौती रहा है। यह प्रशिक्षण केवल विभागीय कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय की सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। जैसे-जैसे जिले में सामान्य स्थिति लौट रही है, वन क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ रही है। ऐसे में विभाग और समुदाय का संयुक्त प्रयास भविष्य में दूरगामी परिणाम देगा।
     
    सुकमा का विशाल वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है, जहाँ कई दुर्लभ और महत्वपूर्ण वन्यजीव पाए जाते हैं। विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान वनकर्मियों और समितियों को वैज्ञानिक तरीकों, कानूनी प्रावधानों और संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया। साथ ही यह भी बताया गया कि वन्यजीव संरक्षण कैसे पर्यावरणीय संतुलन, जल स्रोतों की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व को प्रोत्साहित करता है।
  • महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं का सहारा

    25-Aug-2025

    सुकमा। जरूरत और अभाव से जूझ रही सुकमा जिले की महिलाएं अब महतारी वंदन योजना से सशक्त हो रही हैं। छिंदगढ़ पंचायत के वेकोपारा निवासी श्रीमती सोमलिन पति आनंद ने बताया कि उन्हें हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपये ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है। इस राशि को वह बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर रही हैं।

    भावुक होकर उन्होंने कहा कि हम जैसे परिवारों के लिए यह सहायता बहुत बड़ी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जो वादा किया था, उसे पूरा कर रहे हैं। यह योजना हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं।
    सोमलिन ने यह भी बताया कि वह बच्चों को समझाती हैं कि यह मदद सरकार की पहल से संभव हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन के लिए आभार जताया।
    महिलाओं का कहना है कि इस योजना ने उनमें आत्मविश्वास जगाया है और आगे बढ़ने की राह प्रशस्त की है। सुकमा जिले के नेल्लानार क्षेत्र सहित विभिन्न गांवों में योजना के तहत सर्वे कार्य जारी है, जिससे अधिक जरूरतमंद माताओं को भी इसका लाभ मिल सके।
  • नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़ेसट्टी में स्वास्थ्य व जागरूकता की गूंज

    25-Aug-2025

    सुकमा। छत्तीसगढ़ के प्रथम नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़े सेट्टी ने एक नई मिसाल कायम की। यहाँ कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में आयोजित ग्रामसभा में पंचायत प्रतिनिधियों, जिला पंचायत पदाधिकारियों और पिरामल फाउंडेशन के सदस्यों ने मिलकर ग्रामीणों से महिला एवं बाल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर शिविर आयोजित की।

    इसी क्रम में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत सेक्टर फूलबगड़ी के बीएमओ डॉ. भीमा बारसे द्वारा बड़े सेट्टी में 19 कुपोषित बच्चों की जांच की गई। स्वास्थ्य सेवाओं की इस पहल को लेकर ग्रामीणों ने संतोष और उत्साह व्यक्त किया।
     
    इसके साथ ही महतारी मेगा हेल्थ कैंप और बाल संदर्भ शिविर का आयोजन भी पंचायत में हुआ। इसमें आसपास के गांवों से आईं महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा दवाइयों का वितरण हुआ। इस अवसर पर 77 महिलाओं की स्वास्थ्य जांच इस अवसर पर की गई।
     
    स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता पर भी जोर दिया गया। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बालिकाओं और माताओं को “गुड टच, बैड टच”, चाइल्ड हेल्पलाइन और महिला हेल्पलाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
     
    नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़े सेट्टी पंचायत की यह पहल स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में ग्रामीणों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीण और अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। 
  • IED प्लांट करने में एक्सपर्ट चार नक्सली गिरफ्तार, सुकमा जंगल से दबोचे गए

    25-Jul-2025
    सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुदूर और कभी नक्सलवाद से कांपते इलाके बस्तर अब धीरे-धीरे बदलाव की राह पर हैं। जिन इलाकों में कभी सिर्फ हथियार और डर का राज था। अब वहां विकास की राह दौड़ रही है। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षाबलों के जवान आए दिन जंगलों में घूम रहे हैं और लगातार सफलताएं भी मिल रही है। इसी बीच एक बार फिर सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। जवानों ने 4 नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, मामला सुकमा जिले का है। जहां जवानों ने 4 माओवादियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि सभी नक्सली IED प्लांट करने की वारदात में शामिल थे। जिला बल और CRPF की संयुक्त कार्रवाई की है। आपको बता दें कि इससे पहले जवानों को गुरुवार को बड़ी ​सफलता मिली है। बस्तर संभाग के अलग अलग जिलों से कुल 66 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। जिसमें कई इनामी नक्सली भी शामिली है। 
  • प्रधान पाठक की संदिग्ध हालात में मौत, बाथरूम में मिला शव

    21-Jul-2025

    सुकमा। जिले के कोंटा थाना क्षेत्र में एक प्रधान पाठक की मौत से सनसनी फैल गई है। मृतक शिक्षक चैन सिंह नेताम का शव सोमवार सुबह उनके घर के बाथरूम में फांसी के फंदे से लटका मिला। वे करीगुंडम स्कूल में पदस्थ थे और कोंटा वार्ड-7 में अपने घर में रह रहे थे।

     
    सूचना मिलते ही कोंटा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिजनों के अनुसार, चैन सिंह रविवार की रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। सुबह काफी देर तक दरवाजा न खोलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, लेकिन वे कमरे में नहीं मिले। बाथरूम में जाकर देखने पर उनका शव फंदे पर लटका मिला।
     
     
     
    परिजनों ने बताया कि चैन सिंह पिछले कुछ दिनों से परेशान थे, लेकिन परेशानी की वजह क्या थी, यह अब तक साफ नहीं हो सका है। उनके इस कदम से परिजन और साथी शिक्षक स्तब्ध हैं। पूरे इलाके में शोक की लहर है।
     
    पुलिस जांच में जुटी:
    कोंटा पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी।
  • सीआरपीएफ टीम ने नक्सली को दबोचा, सुकमा जंगल में मिली सफलता

    13-Jul-2025
    सुकमा. जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. जगरगुंडा पुलिस और 150वीं वाहिनी सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पामेड़ एरिया कमेटी में सक्रिय नक्सली रामा बोड़के को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार नक्सली कई गंभीर वारदातों में शामिल रहा है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी रामा बोड़के पर ग्राम पूवर्ती में एक ग्रामीण की हत्या करने और मृतक के परिजनों को जान से मारने की धमकी देकर मारपीट करने का आरोप है. इस संबंध में थाना जगरगुंडा में नक्सल निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है. इस मामले में अब तक 6 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं अन्य आरोपियों की तलाश के लिए सघन अभियान जारी है. गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ की जा रही है और उससे और भी अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है. 
  • जम्मू-कश्मीर के शोपियां में 3 आतंकी ढेर, एनकाउंटर जारी

    15-Jun-2025

    सुकमा। जिले के तोंगपाल पुलिस को मुखबीर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि दो व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ लेकर जगदलपुर जाने के लिये तोंगपाल नाका के पास एनएच 30 सड़क किनारे खड़े हैं । उक्त सूचना पर थाना तोंगपाल से थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेन्द्र यादव के हमराह स्टाप जांच नाका के पास एनएच 30 रोड के किनारे दो व्यक्ति जिनके पास दो ट्राली बैग व एक लटकन बैग रखे थे जो पुलिस पार्टी को देखकर भागने लगे जिन्हे पुलिस पार्टी द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया।

     
    पूछ-ताछ में अपना नाम मोनू कुमार पिता स्व. रमेशचंद उम्र 19 वर्ष एवं शिवम कुमार पिता बबलू उम्र 18 वर्ष दोनों निवासी रोहटा रोड डूंगर पूथखास थाना मेरठ उ.प्र. का रहने वाले बताये तथा उनके कब्जे में रखे बैगो की तलाशी लेने पर कुल 26 किलो मादक पदार्थ गांजा परिवहन करते हुये पाया गया। उक्त कृत्य विधि विरूद्ध पाये जाने से दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना तोंगपाल में अप. क्र. 13/2025 थारा 20 (ख) एनडीपीएस एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर दोनों आरोपी मोनू कुमार और शिवम कुमार को गिरफ्तार कर कार्यवाही उपरांत आज शनिचार को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमाण्ड में जेल दाखिल किया गया ।
  • डिलीवरी बॉय से लूटपाट करने वाले 4 शातिर बदमाश गिरफ्तार

    21-May-2025

    भानुप्रतापपुर। ई-कार्ट डिलीवरी बॉय से लूटपाट कर फरार हुए चार आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गए। इस घटना में आरोपियों ने पार्सल डिलीवरी के बहाने युवक से मारपीट कर 38 हजार 896 रुपये की सामग्री लूट ली थी। मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, प्रार्थी मनोहर मातरम (उम्र 20 वर्ष), निवासी सुखई 20 मई को भानुप्रतापपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह इंस्टा कार्ड  
    प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में कार्य करता है। 20 मई को वह मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 19 BM 7787) से भानबेड़ा और भोड़िया की ओर ऑनलाइन पार्सल की डिलीवरी करने गया था। इस दौरान ग्राम मर्देल निवासी हरेश कुमार उयके ने कॉल कर पार्सल लेने की बात कही। कुछ देर बाद आरोपी हरेश अपने तीन साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और प्रार्थी से पार्सल छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी और ई-कार्ट कंपनी का पार्सल बैग लूट कर फरार हो गए, जिसमें कुल ₹38,896 की सामग्री थी। प्रार्थी की रिपोर्ट पर धारा 396, 115(1), 351(2), 309(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इन्दिरा कल्याण ऐलिसेला (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल (IPS) एवं एसडीओपी शेर बहादुर सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की लोकेशन का पता चला, जहां से वे भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हरेश कुमार उयके (उम्र 28 वर्ष) अजय कुमार उयके (उम्र 25 वर्ष) लिलेश कुमार उयके महेंद्र कुमार कावड़े (उम्र 23 वर्ष) गिरफ्तार किये गए चारों आरोपी ग्राम मर्देल के निवासी हैं।

  • अब गृहमंत्री अमित शाह ने भी कहा- सुकमा का बड़ेसट्टी बना नक्सल मुक्त होने वाला पहला गांव, मिलेंगे एक करोड़

    20-Apr-2025

    सुकमा। सरकार की नई आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति और इलवद पंचायत योजना के तहत इस गांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले का बड़ेसट्टी गांव नक्सलवाद से मुक्त होने वाला पहला गांव बन गया है। सरकार की नई आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति और इलवद पंचायत योजना के तहत इस गांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। नक्सलमुक्त होने पर गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
    गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया एप एक्स पर लिखा- ‘छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में विभिन्न आॅपरेशन्स में कोबरा कमांडो और छत्तीसगढ़ पुलिस ने 22 कुख्यात नक्सलियों को आधुनिक हथियारों और विस्फोटक सामग्रियों के साथ गिरफ्तार किया है। साथ ही, सुकमा की बडेसेट्टी पंचायत में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे यह पंचायत पूरी तरह नक्सलमुक्त हो गई है। छिपे हुए नक्सलियों से मेरी अपील है कि मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति को अपनाकर यथाशीघ्र हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों। 31 मार्च 2026 से पहले हम देश को नक्सलवाद के दंश से मुक्त करने के लिए संकल्पित हैं।’

    2021 में स्थापित हुआ था कैंप:

    ्रगौरतलब है कि सुकमा जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर बड़ेसेट्टी में शुक्रवार को 11 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद गांव नक्सलमुक्त हो गया। बड़ेसट्टी के सरपंच कलमू जोगा (33) ने  बताया कि पुलिस की मदद से स्थानीय पंचायत ने हमारे इलाके में प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों को हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। नक्सलवाद के लिए बदनाम रहे बड़ेसट्टी ने 2021 में शांति की ओर पहला कदम तब उठाया, जब वहां छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) का कैंप स्थापित किया गया।


    बड़ेसट्टी में तैनात सीएएफ  की पहली बटालियन के कंपनी कमांडर जमुना कुमार रजक ने बताया कि कैंप स्थापित होने के बाद इलाके में एक सड़क का निर्माण हुआ और विकास होने लगा। जल्द ही नक्सली गतिविधियां कम होने लगीं। पंचायत के आठ बस्तियों में से छह में बिजली की आपूर्ति है।
     

  • 3 कुख्यात नक्सली गिरफ्तार

    10-Apr-2025

    सुकमा। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र से पुलिस ने एक इनामी समेत तीन सक्रिय नक्सजिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र से पुलिस ने एक इनामी समेत तीन सक्रिलियों को गिरफ्तार किया है। सुकमा। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र से पुलिस ने एक इनामी समेत तीन सक्रिय नक्सजिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र से पुलिस ने एक इनामी समेत तीन सक्रिलियों को गिरफ्तार किया है।

  • सुकमा में 4 नक्सलियों ने डाले हथियार

    04-Apr-2025

    सुकमा। सुकमा पुलिस को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे से पहले बड़ी सफलता मिली है. 20 लाख के ईनामी चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के समक्ष तीन पुरुष और एक महिला नक्सलियों ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण किया. पुरुष नक्सलियों पर जहां 8-8 लाख रुपए तो वहीं एक पुरुष और एक महिला नक्सली पर 2-2 लाख रुपए का छत्तीसगढ़ शासन ने इनाम रखा हुआ था. आत्मसमर्पण करने पर इन नक्सलियों को शासन के नई पुनर्वास नीति के तहत 25 हजार की बजाए 50 हजार रुपए प्रदान किया गया है.

  • अपडेट सुकमा एनकाउंटर पर, 17 नक्सली मारे गए

    29-Mar-2025

    सुकमा। सुकमा और दंतेवाड़ा के सरहदी इलाके में शनिवार को सुरक्षाबलों ने शनिवार को एक मुठभेड़ में 17 नक्सलियोंं को मार गिराया। मुठभेड़ में चार जवान भी घायल हो गए। इनमें से तीन जवान डीआरजी और एक सीआरपीएफ के हैं। मुठभेड़ स्थल पर भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। मारे गए नक्सलियों में से 7 की पहचान कर ली गई है। इसमें दरभा डिवीजन के सचिव कुहाड़ामी जगदीश उर्फ बुधरा है। इसके अलावा रोशन उर्फ भीमा, माड़वीदेवे, दशरी कोवासी, सलवम जोगी, हुंगी निलावाया और खेड़मे कोरमागोदी थाना कुकानार हैं।  बस्तर पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि केरलापाल थाना क्षेत्र के जंगल में सुबह करीब आठ बजे उस समय गोलीबारी हुई जब सुरक्षाकर्मियों का एक संयुक्त दल नक्सल विरोधी अभियान पर निकला था। सुंदरराज ने बताया कि केरलापाल क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर शुक्रवार रात शुरू किए गए अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान शामिल थे। उन्होंने बताया, ‘अब तक मुठभेड़ स्थल से 17 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं । अभियान अब भी जारी है।’ अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान डीआरजी के दो जवान मामूली रूप से घायल हुए हैं, उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से एके-47 राइफल, सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), इंसास राइफल, .303 राइफल, रॉकेट लांचर और बैरल ग्रेनेड लांचर (बीजीएल) सहित भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद किया गया है।

  • सुकमा के जंगल से नक्सल सामग्री और प्रिंटर-इन्वर्टर मशीन बरामद

    09-Mar-2025

    सुकमा। जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र गोमगुड़ा के जंगलों में नक्सलियों के ठिकाने पर दबिश देकर पुलिस ने उनके प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा सामान बरामद किया है। जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस बल, कोबरा 203 बटालियन और सीआरपीएफ 241 बटालियन की संयुक्त टीम को जलेरगुड़ा जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना हुई। ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों के प्रिंटर, इन्वर्टर मशीन और अन्य सामग्री बरामद की। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए ठिकाने के आसपास कई जगह स्पाइक ट्रैप बिछाए थे। हालांकि, सुरक्षाबलों की सतर्कता के चलते किसी प्रकार की हानि नहीं हुई। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। इलाके में अभी भी सर्चिंग अभियान जारी है, ताकि किसी और ठिकाने का पता लगाया जा सके।

  • ACB-EOW ने वन अधिकारी और कारोबारियों यहां मारी रेड, कैश जब्त

    08-Mar-2025

    सुकमा। जिले में ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) और EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) की टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों को लेकर की गई है। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदिग्ध लेन-देन से जुड़ी जानकारियां सामने आई हैं। DFO (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) के कार्यालय और निवास पर जांच जारी हैं। कारोबारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई हैं। कोन्टा और छिंदगढ़ में कई जगहों पर पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार दक्षिण बस्तर के अन्य जिलों में भी ACB और EOW की कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। जानकारी के मुताबिक छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक अकाउंट डिटेल्स और डिजिटल डेटा जब्त किया गया है। इसके अलावा कई संदिग्ध लेन-देन की जानकारी भी अधिकारियों के हाथ लगी है। ACB और EOW की टीमें अब इन दस्तावेजों की जांच कर रही हैं और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

  • 5 नक्सलियों ने किया सरेंडर

    07-Mar-2025

    सुकमा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में एक महिला सहित 5 नक्सलियों ने पुलिस अफसरों के सामने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित 2 पुरूष पर 2-2 लाख कुल 4 लाख रूपये का ईनाम घोषित है। जिला सुकमा क्षेत्रान्तर्गत नक्सली संगठन में सक्रिय 1 महिला सहित 5 नक्सलियों क्रमश: 01. माड़वी नंदा (पेद्दाबोडक़ेल आरपीसी सीएनएम अध्यक्ष ईनामी 2 लाख) करंगढ़ सरपंचपारा करकनगुड़ा थाना चिंतलनार जिला सुकमा, मडक़म माड़ा (पेद्दाबोडक़ेल आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष ईनामी 2 लाख) करकनगुड़ा सरपंचपारा थाना  चिंतालनार जिला सुकमा, महिला कवासी पाले (ग्राम करकनगुड़ा केएमएस अध्यक्ष) करकनगुड़ा थाना चिंतलनार जिला सुकमा, मडक़म दषरू (पेद्दाबोडक़ेल आरपीसी सीएनएम उपाध्यक्ष) भीमापुरम थाना चिंतलनार जिला सुकमा, मडक़म नंदा (ग्राम करकनगुड़ा मिलिसिया सदस्य) करकनगुड़ सरपंचपारा थाना चिंतलनार जिला सुकमा के द्वारा नक्सल संगठन को छोडक़र समाज की मुख्यधारा मे जुडऩे के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में सुखविन्द्र सिंह सहायक कमाण्डेन्ट 223 वाहिनी सीआरपीएफ, सहिल छिकारा, सहायक कमाण्डेन्ट 203 कोबरा वाहिनी एवं निरीक्षक रोशन सिंह राजपूत, प्रभारी नक्सल सेल जिला सुकमा के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया गया। नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने 223 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा के कार्मिकों की विशेष भूमिका रही। उपरोक्त सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के प्रोत्साहन राशि व अन्य सुविधाएं दी जाएगी। 

  • 32 लाख के 7 कुख्यात नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

    28-Feb-2025

    सुकमा। छ्त्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 32 लाख रुपए के 7 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें एक दंपती भी शामिल है। 3 माओवादियों पर 8-8 लाख रुपए का इनाम है। ये तीनों नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 के सदस्य हैं। नक्सली हिड़मा और देवा के साथ काम कर चुके हैं। जबकि अन्य 4 नक्सली 2-2 लाख रुपए के इनामी हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। दरअसल, आत्मसमर्पित नक्सलियों में रव्वा मूके उर्फ भीमे और हेमला हिड़मा एक ही टीम में काम करते थे। दोनों को एक-दूसरे से प्यार हुआ। फिर दोनों ने बड़े लीडरों से अनुमति ली और शादी कर ली। लेकिन नक्सली लीडर्स ने इन्हें बच्चे की इजाजत नहीं दी। ये दोनों अपना घर बसाना चाहते थे। इसलिए सरेंडर करने का मन बनाया। नक्सल संगठन में रहते ये दोनों इंसास जैसे हथियार चलाते थे। मीनपा, टेकलगुडेम में जवानों पर हमला कर करीब 38 जवानों की हत्या में शामिल थे। इन दोनों पर छ्त्तीसगढ़ पुलिस ने 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। दोनों ने अब हथियार डाल दिए हैं। इसके अलावा इन्हीं की टीम के एक और नक्सली बारसे सोना ने भी सरेंडर किया है। बारसे पर भी 8 लाख रुपए का इनाम घोषित है। ये दक्षिण सब जोनल बस्तर ब्यूरो मोपोस टीम इंचार्ज, बटालियन नंबर 1 का राजनीति इंचार्ज और एसजेडसीएम सन्नू दादा का गार्ड था। कई बड़ी घटनाओं में भी शामिल रहा है। वहीं, उईका लालू, माड़वी कोसी, मड़कम हुंगा, मुचाकी बुधरा ने भी सरेंडर किया है। इन चारों पर 2-2 लाख रुपए कुल 8 लाख रुपए का इनाम घोषित है। सुकमा SP किरण चव्हाण ने कहा कि, सभी नक्सली बड़े कैडर्स के साथ काम कर चुके हैं। इनमें एक सरेंडर नक्सली माड़वी हिड़मा का गार्ड रह चुका है। ऐसे में पूछताछ में इनसे कई खुलासे हो सकते हैं। 

  • विकासखंड स्तर के 3 सेक्टर अधिकारियों को नोटिस जारी

    09-Feb-2025

    सुकमा। त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 हेतु द्वितीय प्रशिक्षण जनपद पंचायत कोंटा के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद स्कूल कोंटा में 07 फरवरी शुक्रवार को आयोजित की गई थी। प्रशिक्षण में अनुपस्थित पाए जाने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोंटा पी श्रीनिवास राव, वन क्षेत्रपाल जगरगुण्डा नारायण सिंह सलाम, अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग कोंटा प्रकाश कुमार प्रधान को रिटर्निंग ऑफिसर के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 3 दिवस के अंदर समाधानकारक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने लेख किया गया है। उक्त अधिकारियों की डयूटी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सेक्टर अधिकारी के रूप में लगाई गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार ध्रुव के द्वारा निर्वाचन कार्य में ड्यूटी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करने की हिदायत दी गई है। 

  • नक्सली हिड़मा के गांव में खुला स्कूल, नाम रखा गया "CRPF गुरुकुल"

    06-Feb-2025

    सुकमा. बस्तर की तस्वीर अब बदलने लगी है. सीआरपीएफ 150वीं बटालियन ने नक्सलियों के टॉप कमांडर हिडमा के गांव में सीआरपीएफ गुरुकुल की शुरुआत की है, जहां आदिवासी बच्चे अपना भविष्य गढ़ रहे हैं. वहीं सरकार ने मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है, जिसे पूरा करने सुरक्षा बलों के जवान लगातार नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे. सालभर पहले सीआरपीएफ की 150वीं बटालियन ने सुकमा के अति नक्सल प्रभावित पूवर्ती और टेकलगुडियम में बच्चों को शिक्षित करने के उद्देश्य से गुरुकुल शुरू किया था. यहां 50 से ज्यादा बच्चे पहुंच रहे हैं. सीआरपीएफ की पहल से अब नक्सल प्रभावित गांव पूवर्ती व टेकलगुडियम के बच्चों को शिक्षा दी जा रही है. इस गांव में सुरक्षा बलों का कैंप भी खोला गया है, जिसका नक्सलियों ने विरोध किया था. गुरुकुल में टाइलेट, बाथरूम एवं हैंडपंप जिला प्रशासन से स्थापित किए जाने की संभावना है. साथ ही भविष्य में इसे बारहवीं कक्षा तक ले जाने का भी प्रयास किया जाना है. 150वीं वाहिनी CRPF के एसएस हाॅकीप द्वितीय कमान अधिकारी, विकास कुमार राय द्वितीय कमान अधिकारी, अमरेश्ज्ञ कुमार घोष उप कमांडेंट, भैरव प्रसाद उप कमाडेंट, अजय त्यागी सहायक कमांडेंट, मुकेश कुमार सिंह सहायक कमांडेंट, चंद्रप्रकाश तिवारी सहायक कमांडेंट, रवि चंदर सहायक कमांडेंट,राकेश कुमार शर्मा सहायक कमांडेंट की देखरेख में अति-संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सीआरपीएफ गुरुकुल का संचालन किया जा रहा है. 

  • CM विष्णुदेव साय का बेहतरीन प्रयास, छग के पर्यटन को मिल रहा प्रोत्साहन

    11-Jan-2025

    सुकमा। सुकमा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। इसी विरासत का अनमोल रत्न है ‘दुड़मा वाटरफॉल,’ जो अब न केवल स्थानीय लोगों के बीच बल्कि राज्यभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर यह जलप्रपात जिला मुख्यालय सुकमा से लगभग 28 किलोमीटर दूर छिंदगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत चिपुरपाल में स्थित है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का यह एक बेहतरीन उदाहरण है। सरकार और जिला प्रशासन की पहल से दुड़मा वाटरफॉल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहाँ तक पहुँचने के लिए पक्की सड़क, मिनी गार्डन, दुकानों, पेयजल, शौचालय और बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। दुड़मा वाटरफॉल की प्राकृतिक सुंदरता सोशल मीडिया पर भी वायरल है। वीडियो मेकर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स ने इस स्थल की मनमोहक तस्वीरों और वीडियो को साझा कर इसे और भी लोकप्रिय बना दिया है।  दुड़मा में पिकनिक मनाने पहुंचे मडियम सोड़ी ने कहा, मैंने इस जगह की खूबसूरती के बारे में सुना था, लेकिन यहाँ आकर इसकी प्राकृतिक छटा को देखकर मन प्रसन्न हो गया। यह जगह परिवार के साथ समय बिताने के लिए शानदार है। वहीं, दंतेवाड़ा जिले से आए मनसा बघेल ने बताया, मुझे दुड़मा की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। मैंने अपने दोस्तों को यहाँ चलने के लिए कहा और हम सभी ने यहाँ आकर खूब आनंद लिया। दुड़मा वाटरफॉल के चारों ओर का हरा-भरा जंगल और ठंडी हवाएं इसे और भी खास बनाती हैं। यहाँ की शांतिपूर्ण और सुरम्य वातावरण पर्यटकों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। यह जलप्रपात हर उम्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है, चाहे वह प्रकृति प्रेमी हों या एडवेंचर के शौकीन। दुड़मा वाटरफॉल को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मूलभूत ढांचे को और मजबूत किया गया है। इसके अलावा, पर्यटन विभाग भविष्य में और अधिक सुविधाओं को जोड़ने की योजना बना रहा है।  छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा में दुड़मा वाटरफॉल ने एक नई पहचान बनाई है। यह स्थल न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार और आजीविका का भी साधन बन रहा है। पर्यटकों के उत्साह और सरकार की पहल से यह स्पष्ट है कि दुड़मा वाटरफॉल छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थल बन चुका है। 

  • सुकमा जिले के दुर्गम गांवों में स्वास्थ्य की नई रोशनी

    30-Dec-2024

     रायपुर, सुकमा जिले के सभी विकासखण्डों में विशेषकर पहुँचविहीन जनजातीय गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए विशेष हेल्थ कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इन कैम्पों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के आखिरी व्यक्ति तक स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं को पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। ये हेल्थ कैम्प कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में लगाए जा रहे हैं।

     
    बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम तीन नदी-नालों को पार करते हुए और पगडंडियों के सहारे दूरस्थ वनांचल ग्राम सिरकेट्टी पहुंची। वहां वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में निक्षय निरामया छत्तीसगढ़ के तहत 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान के अंतर्गत एनटीईपी, एनवीबीडीसीपी, पिरामल फाउंडेशन और लेप्रा सोसाइटी के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर के दौरान लगभग 1057 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें क्षय, मलेरिया, कुष्ठ, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग की गई। 45 क्षय रोग संदिग्ध व्यक्तियों का बलगम सैंपल लेकर जाँच के लिए जिला क्षय उन्मूलन केंद्र भेजा गया। इसके अतिरिक्त, 157 ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच के बाद निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया।
     
     
    अपने गांव में ही निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पाकर ग्रामीणजन खुश हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने और अपने परिवार के सदस्यों की जांच कराने शिविर में पहुंचे। शिविर में उन्हें मौसमी बीमारियों से बचाव, साफ-सफाई बनाए रखने और मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी गई। इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग के श्री मुकेश रॉय, कु. मालती नेताम, श्री श्यामलाल ध्रुव पिरामल फाउंडेशन से जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री राजेश सोलंकी और लेप्रा सोसाइटी से जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री अमित कुण्डू का सहयोग सराहनीय रहा।
  • नक्सली हिड़मा का घर तोड़ा गया

    18-Dec-2024

    सुकमा। जिले के पूवर्ती गांव में स्थित नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी सदस्य माड़वी हिड़मा और बटालियन नंबर-1 के कमांडर देवा बारसे का घर टूट गया है। सूत्रों का कहना है कि, जब से यहां कैंप खुला है, तो हिड़मा अपनी मां को लेकर चला गया है। घर खंडहर बन गया है। पड़ोसी गांव वाले आए और उन्होंने तोड़ दिया। यहां से कुछ ही दूरी पर सुरक्षाबलों का कैंप है। अब सवाल है कि ये घर किसने तोड़ा है ? क्या ये घर ग्रामीणों ने तोड़ा है? घर को तुड़वाने में क्या पुलिस की भूमिका है? क्या ये घर वाकई नक्सलियों ने ही तोड़ा है? फिलहाल इन पूरे सवालों के जवाब पर अभी संशय बना हुआ है। इसी साल पूवर्ती गांव में सुरक्षाबलों का कैंप खुला है। जिस दिन कैंप खुला उस दिन हिड़मा की मां अपने घर में ही थी। SP किरण चव्हाण ने हिड़मा की मां से मुलाकात की थी। जैसे-जैसे दिन गुजरता गया और फोर्स ने इस गांव में अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी तो हिड़मा की मां भी गांव से कहीं चली गई। 

  • भेज्जी एनकाउंटर स्थल वीडियो, जहां मारे गए 10 नक्सली

    22-Nov-2024

    सुकमा। जिले में 22 नवंबर की सुबह जवानों ने 10 माओवादियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। इस सफलता के बाद जवान जब कोंटा पहुंचे तो जमकर थिरके। 'आदिवासी जंगल का रखवाला रे' गाने पर जवानों के डांस का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें हाथों में AK-47, SLR जैसे हथियार पकड़कर जवान डांस करते दिख रहे हैं। दरअसल, जवानों ने कोंटा और किस्टाराम एरिया कमेटी के 10 माओवादियों को उनके ठिकाने में घुसकर मारा है। मौके से AK-47, SLR और इंसास जैसे हथियार बरामद किए हैं। अच्छी बात रही कि दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में जवानों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। नक्सलियों के ठिकाने में घुसकर मिली इस कामयाबी का अब जश्न मनाया जा रहा है।  वहीं 15 से 19 नवंबर तक कांकेर में भी जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ 4 दिनों का ऑपरेशन लॉन्च किया था। जिसमें 5 माओवादियों को मार गिराया गया था। जब जवान लौटे तो शेरों के शेर यारों गाने में जमकर डांस किया था। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। 

  • सुकमा नक्सली हमले में घायल जवानों को एयरलिफ्ट किया गया

    03-Nov-2024

    सुकमा। रविवार सुबह सुकमा जिले के साप्ताहिक बाजार में ड्यूटी कर रहे दो जवानों पर नक्सलियों ने हमला किया। हमले से दोनों जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत एयरलिफ्ट किया गया। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों जवानों के हथियार इंसास राइफल को नक्सलियों ने लूट भाग गए। साप्ताहिक बाजार में हुए नक्सली हमले की एसपी किरण चौहान ने पुष्टि की। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण हर साप्ताहिक बाजार में जवानों को ड्यूटी के लिए साप्ताहिक बाजार में लगाया जाता है। मौका पाकर नक्सलियों ने धारदार हथियार से साप्ताहिक बाजार में ड्यूटी कर रहे जवानों पर हमला किया। जवानों को घायल होने के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए ले जाया गया। एक जवान की हालत गंभीर है। यह घटना सुबह 9 की बताई जा रही है। घायल जवानों के नाम करतम देव, सोढ़ी कन्ना है। इस घटना के बाद नक्सली की तलाश के लिए क्षेत्र में सर्चिंग ऑपरेशन जारी है। 

  • भारतीय निशानेबाज अखिल श्योराण ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में जीता कांस्य पदक

    17-Oct-2024

    आईएसएसएफ विश्व कप फाइनल भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जहां भारतीय निशानेबाज अखिल श्योराण ने बुधवार, 16 अक्टूबर को पदक जीता। अखिल ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में कांस्य पदक जीता। इस प्रकार, यह पदक अखिल के लिए निराशाओं से भरे साल में राहत लेकर आया है।

     
    दरअसल, बागपान निवासी अखिल श्योराण के लिए यह साल काफी निराशाजनक रहा है। पिछले साल, उन्होंने बाकू में विश्व चैंपियनशिप में पेरिस ओलंपिक के लिए कोटा हासिल किया था, लेकिन फिर नई दिल्ली और भोपाल में ओलंपिक क्वालीफायर के दौरान घायल हो गए थे। इस वजह से वह पेरिस नहीं जा सके और उनका ओलंपिक पदक जीतने का सपना टूट गया.
     
    उन्होंने पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता चीन के लियू युकुन को हराकर पदक जीता। हंगरी के इस्तवान पेनी ने कर्णी सिंह रिज पर स्वर्ण पदक जीता। अखिल के अलावा अन्य भारतीय निशानेबाज भी निराश हैं. आशी चोकसी और निशाल दोनों महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में पदक तालिका में जगह बनाने में असफल रहीं।
     
    वहीं, ओलंपियन रिदम सांगवान शूट-ऑफ में कांस्य पदक से चूक गए और 25 मीटर स्पोर्ट पिस्टल में चीनी निशानेबाज के साथ तीसरे स्थान पर रहे। हालाँकि, अखिल ने धैर्य बनाए रखा और साल के अंतिम टूर्नामेंट में 452.6 के स्कोर के साथ भारत के लिए दूसरा पदक जीता। इसके विपरीत, इस्तवान पेनी ने फाइनल में 465.3 अंक बनाए।
     
    इससे पहले, अखिल क्वालीफाइंग राउंड में 589 के स्कोर के साथ छठे स्थान पर रहे और आठ निशानेबाजों के बीच फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। प्रतियोगिता में एक अन्य भारतीय निशानेबाज चैन सिंह 592 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे। हालांकि, फाइनल में वह सातवें स्थान पर रहे।
     
    महिलाओं की 50 मीटर थ्री-पोजीशन राइफल क्वालीफाइंग में, हांग्जो एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता आशी 587 के स्कोर के साथ टीम स्पर्धा में नौवें स्थान पर रहीं। निशाल 585 के स्कोर के साथ 10वें स्थान पर रहीं।
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