बिलासपुर। जिले में नए आपराधिक कानूनों (BNS) के तहत जांच प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग लगातार डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भापुसे) के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘ई-साक्ष्य ऐप’ के उपयोग की ट्रेनिंग दी गई। गुरुवार को सभी विवेचकों को ऐप के उपयोग, उसकी प्रक्रिया और कानूनी महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। यह ऐप पुलिस को अपराध स्थल से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और अन्य डिजिटल सबूतों को सुरक्षित और संगठित ढंग से संग्रहित करने में मदद करता है।
प्रशिक्षण में बताया गया कि यदि कोई केस नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज किया जाता है, तो संबंधित विवेचक को ई-साक्ष्य ऐप में अकाउंट बनाकर सबूत अपलोड करना अनिवार्य होगा। विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में ऐप पर सबूत अपलोड करना जरूरी कर दिया गया है। एसएसपी रजनेश सिंह ने खुद कुछ विवेचकों के मोबाइल से पहले अपलोड किए गए डेटा और वीडियो का निरीक्षण किया और संतोष जताया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि थाना प्रभारी और राजपत्रित अधिकारी इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को यह भी सिखाया गया कि कौन-से फोटो और वीडियो आवश्यक हैं और किस प्रकार अनावश्यक सामग्री से बचा जा सकता है। एसएसपी ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब से हर केस में ई-साक्ष्य ऐप का इस्तेमाल अनिवार्य होगा और इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
Adv