जगदलपुर। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में एनएच 30 पर दरभा के पास एक दुखद हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई. मृतकों में पति-पत्नी और उनके दो बच्चे शामिल हैं. हादसा उस समय हुआ जब परिवार की स्विफ्ट डिजायर कार बाढ़ के पानी में बह गई।
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां वाड्रफनगर पुलिस ने 10 दिनों से फरार चल रहे जिला बदर आरोपी मयंक यादव (28 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। मयंक पर 15 अगस्त की रात गुटखा मांगने को लेकर हुए विवाद में एक युवक से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। आरोपी पर पहले से ही 10 अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। मामला 15 अगस्त की रात करीब 11 बजे का है। पुलिस के अनुसार वाड्रफनगर निवासी प्रदीप कुमार देवांगन (33 वर्ष) ने आरोपी मयंक यादव से गुटखा मांगा था। इस पर मयंक अचानक भड़क गया और उसने प्रदीप के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। यही नहीं, आरोपी ने लोहे के कड़े से हमला कर प्रदीप को गंभीर चोट पहुंचाई। जान से मारने की धमकी भी दी वारदात के दौरान जब प्रदीप ने पुलिस से शिकायत करने की बात कही तो मयंक ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। घायल प्रदीप को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, वाड्रफनगर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसकी चोट को शार्प ऑब्जेक्ट से लगी चोट बताया। घटना के बाद पीड़ित प्रदीप की शिकायत पर वाड्रफनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 155/25 के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू की। लेकिन वारदात के बाद से मयंक फरार हो गया। पुलिस लगातार उसकी पतासाजी कर रही थी। आखिरकार 25 अगस्त को आरोपी को बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। Also Read - छत्तीसगढ़ के पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी जमशेदपुर प्रतियोगिता में लाए 16 मेडल, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी बधाई आरोपी ने कबूला जुर्म, हथियार बरामद गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मयंक ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का कड़ा पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में रामानुजगंज जेल भेज दिया गया। आरोपी पर पहले से 10 केस दर्ज पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी मयंक यादव पर पहले से ही 10 अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, धमकी, अवैध गतिविधियों और अन्य धाराओं के मामले शामिल हैं, जो अभी अदालत में विचाराधीन हैं। वाड्रफनगर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी पहले से ही जिला बदर था, इसके बावजूद वह लगातार क्षेत्र में घूमकर लोगों को धमकाता और विवाद करता था। पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी फरारी के दौरान कहां-कहां छिपा रहा और क्या किसी अन्य वारदात में भी शामिल था। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में चोरी और उठाईगिरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां सुकमा से इलाज कराने और बेटी से मिलने आई एक महिला के साथ ई-रिक्शा में उठाईगिरी हो गई। अज्ञात महिलाएं उसका जेवरों से भरा डिब्बा लेकर फरार हो गईं। चोरी गए गहनों की कीमत करीब 5 लाख रुपए आंकी गई है। जानकारी के अनुसार पीड़िता सुकमा जिले के शिक्षा विभाग में पदस्थ है। वह पचपेड़ी नाका से गोलबाजार आ रही थी। इसी दौरान रास्ते में कुछ महिलाएं ई-रिक्शा में बैठीं। मौका पाकर उन्होंने पीड़िता के पास रखे सोने के जेवरों से भरा डिब्बा चुरा लिया। डिब्बे में सोने की चेन, सोने का लॉकेट और दो सोने के टॉप्स रखे हुए थे।गोलबाजार पहुंचने पर जब महिला ने अपना सामान चेक किया तो उसे उठाईगिरी का पता चला। घबराई हुई पीड़िता तुरंत कोतवाली थाना पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उठाईगिरी करने वाले गिरोह रायपुर में सक्रिय हैं और इन पर अंकुश लगाने के लिए टीम गठित की गई है। वहीं इस घटना से आम नागरिकों में दहशत का माहौल है।
रायगढ़। आयुक्त नगर निगम बृजेश सिंह क्षत्रिय ने आज शहर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने नालंदा परिसर, ऑक्सीजोन और निगम परिसर में निर्माणाधीन पानी टंकी का निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। आयुक्त नगर निगम क्षत्रिय ने सर्वप्रथम वे नालंदा परिसर पहुंचकर वहां चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ईई को निर्माण कार्यों में अपेक्षित तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद वे इतवारी बाजार स्थित ऑक्सीजोन पहुंचे और वहां बनने वाले ओपन एयर थिएटर, बच्चों का खेल क्षेत्र, जिम, साइंस पार्क, फूड कोर्ट के संबंध में योजना के अनुसार काम करने के निर्देश ठेकेदार को दिए। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तत्पश्चात उन्होंने नगर निगम परिसर में बन रही पानी टंकी का काम देखा और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश ठेका कंपनी को दिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था और सफाई कर्मियों की अटेंडेंस की भी जानकारी ली। इस दौरान ईई अमरेश लोहिया, एई अशोक सिंह सहित निगम अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मामूली विवाद ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि तीन मजदूरों ने मिलकर ईंट भट्टा के मुंशी की बेरहमी से हत्या कर दी। मामला चंगोरी गांव के शिवलाल चक्रधारी के ईंट भट्टे का है, जहां 24 अगस्त की रात को शराबखोरी के बीच हुए विवाद ने खूनी अंजाम ले लिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान किशन लाल साहू (मुंशी) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में मामला दुर्घटना बताया गया, लेकिन गहराई से पड़ताल करने पर यह संगठित हत्या का मामला निकला। घटना कैसे हुई? 24 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे आरोपी मजदूर—काशीराम चौहान, धनसाय साहू और एक नाबालिग विधिविरुद्ध संघर्षरत बालक अपने क्वार्टर के बाहर बैठकर शराब पी रहे थे। उसी समय मृतक मुंशी किशन लाल साहू वहां आया और पुराने विवाद को लेकर उनसे झगड़ने लगा। वाद-विवाद इतना बढ़ा कि तीनों ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बना ली। आरोपियों ने पहले किशन लाल को हाथ-मुक्कों से मारा और पकड़कर दबोचा, फिर काशीराम चौहान ने पास में रखे टंगिया से उसके सिर पर प्राणघातक वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से वह वहीं गिर पड़ा और खून से लथपथ हो गया।
हादसा दिखाने की कोशिश हत्या के बाद आरोपी डर गए और उन्होंने इस वारदात को हादसा बताने की योजना बनाई। काशीराम चौहान ने मृतक के मोबाइल से भट्टा मालिक सुभाष चक्रधारी को फोन कर बताया कि शराब पीते समय मजाक-मजाक में किशन लाल गिर पड़ा और टंगिया से सिर में चोट लग गई। इस पर मालिक ने कार से किशन लाल को अस्पताल पहुंचाया, जहां 25 अगस्त की सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में खुला राज प्रारंभिक रूप से थाना दुर्ग में मर्ग दर्ज हुआ, लेकिन जांच अंजोरा चौकी पुलिस को सौंपी गई। जब मृतक के साथ मौजूद मजदूरों से सख्ती से पूछताछ हुई, तो सच्चाई सामने आई। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पुराने विवाद और बार-बार के झगड़ों से परेशान होकर किशन लाल की हत्या की। पुलिस ने उनके मेमोरेंडम बयान दर्ज किए, जिसमें उन्होंने साफ किया कि वे सभी एक ही क्वार्टर में रहते-खाते थे और अक्सर खाने-पीने को लेकर झगड़ा होता था। घटना की रात भी इसी बात पर विवाद हुआ था।
बरामदगी और गिरफ्तारी आरोपियों ने हत्या के बाद घटनास्थल से टंगिया और शराब की बोतल खेत के मेढ़ किनारे फेंक दी थी। काशीराम का खून से सना टी-शर्ट भी क्वार्टर में छुपाया गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर टंगिया, कपड़े और शराब की बोतल बरामद कर लिए हैं। धनसाय साहू के पास से भी खून लगे कपड़े (हाफ पैंट और अंडरवियर) जप्त किए गए हैं। इसके बाद तीनों—काशीराम चौहान, धनसाय साहू और नाबालिग को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
जांच में पुलिस की भूमिका इस पूरे मामले में चौकी प्रभारी अंजोरा संतोष कुमार साहू और उनकी टीम के साथ एसीसीयू की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बारीकी से पूछताछ और घटनास्थल की गहन जांच के बाद ही यह हत्या का राज उजागर हो पाया। इस वारदात से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मजदूरों के बीच हुई साधारण कहासुनी ने हत्या का रूप ले लिया, जिससे ईंट भट्टा संचालकों और मजदूरों में भय का माहौल है। यह घटना सामाजिक ताने-बाने को भी झकझोरने वाली है, क्योंकि आपसी विवाद और शराबखोरी की वजह से एक निर्दोष की जान चली गई।
रायपुर। राजधानी रायपुर के सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक ट्रक चालक ने ऑटो चालक पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना 25 अगस्त 2025 की रात करीब 9:15 बजे आमानाका स्थित अंडर ब्रिज के पास की है। इस हमले में ऑटो चालक घायल हो गया और उसकी ऑटो भी क्षतिग्रस्त हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का विवरण शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह रोजाना की तरह ऑटो चलाकर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में ट्रक (क्रमांक CG 04 DT 1455) आ रहा था। ट्रक चालक ने अचानक जानलेवा इरादे से ऑटो को जोरदार ठोकर मार दी, जिससे ऑटो सड़क पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित का आरोप है कि ट्रक से ठोकर मारने के बाद आरोपी चालक ने वहीं रुककर उसे गाली-गलौज की। इतना ही नहीं, ट्रक चालक ने हाथ और डंडे से मारपीट करते हुए गंभीर चोटें पहुंचाईं। हमले से पीड़ित सड़क पर गिर पड़ा और राहगीरों की मदद से किसी तरह जान बचाकर पुलिस तक पहुंच सका। पुलिस कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही सरस्वती नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पीड़ित को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की नीयत से हमला करने की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई गई है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान घटना स्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि ट्रक चालक ने जानबूझकर ऑटो को ठोकर मारी और बाद में आक्रामक तरीके से पीड़ित पर हमला किया। कई लोगों ने बीच-बचाव कर पीड़ित को बचाया। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है ताकि केस को मजबूत बनाया जा सके। सड़क हादसे से जानलेवा हमले में बदली घटना यह मामला सड़क दुर्घटना से कहीं अधिक गंभीर साबित हुआ। आमतौर पर सड़क हादसे के बाद लोग विवाद में पड़ते हैं, लेकिन इस घटना में ट्रक चालक का आक्रामक रवैया और पीड़ित पर जानलेवा हमला करना मामले को और गंभीर बना देता है। यही वजह है कि पुलिस ने इसे सिर्फ सड़क दुर्घटना का मामला मानने के बजाय हत्या के प्रयास जैसी धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
दुर्ग। जिले में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर नकेल कसते हुए पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना मोहन नगर पुलिस और गठित टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चोरी की 19 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है। इस दौरान पुलिस ने दो विधि से संघर्षरत बालकों और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं, चोरी के वाहन खरीदने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
कैसे पकड़े गए आरोपी? वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल (भापुसे) के निर्देशन में जिले में "सशक्त एप" के माध्यम से लावारिस और चोरी की गई वाहनों की पहचान और ट्रैकिंग की जा रही थी। इसी क्रम में ग्रीन चौक के पास पुलिस को मुखबिर से तीन संदिग्ध युवकों की मौजूदगी की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें पकड़ा और कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पिछले चार महीने में कुल 19 मोटरसाइकिल और एक्टिवा चोरी कर चुके हैं। चोरी के पीछे का कारण पकड़े गए आरोपी और विधि से संघर्षरत बालकों ने पुलिस को बताया कि वे अपने शौक पूरा करने के लिए मोटरसाइकिलें चुराते थे। चोरी की गई गाड़ियों को वे तुरंत ही अपने परिचितों को कम दामों पर बेच देते थे। खास बात यह रही कि खरीददार जानते हुए भी चोरी की गाड़ियां खरीदते थे, क्योंकि ये बिना नंबर और बिना कागजात की होती थीं। बरामद वाहन पुलिस ने आरोपियों से कुल 19 वाहन बरामद किए, जिनमें – 10 एक्टिवा स्कूटी 09 मोटरसाइकिलें शामिल हैं। बरामद वाहनों की कुल कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है। खरीददारों पर भी कार्रवाई पुलिस ने खुलासा किया कि चोरी की गाड़ियों को खरीदने में 14 लोग शामिल थे। इन सभी के खिलाफ भी अब कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, खरीददार पूरी तरह जानते थे कि वाहन चोरी का है, बावजूद इसके उन्होंने इसे खरीदा। यह भी अपराध की श्रेणी में आता है। सशक्त एप की भूमिका दुर्ग पुलिस ने हाल ही में "सशक्त एप" की शुरुआत की थी, जिसके तहत चोरी या लावारिस वाहनों का डेटा ऑनलाइन अपडेट किया जाता है। इसी ऐप की मदद से पुलिस को चोरी के वाहनों का लोकेशन और विवरण जुटाने में मदद मिली और बड़ी संख्या में वाहन बरामद हुए। कार्रवाई में शामिल टीम इस पूरी कार्रवाई में गठित टीम के – सउनि. चंद्रशेखर सोनी प्र. आर. मनीष अग्निहोत्री आरक्षक हिमांशु जंघेल आरक्षक खिलेश कुर्रे आरक्षक रवि शंकर मरकाम आरक्षक गजेन्द्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की अपील दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सस्ती कीमत या बिना कागजात वाले वाहन खरीदने से बचें। ऐसे वाहन चोरी के हो सकते हैं और पकड़े जाने पर खरीदार पर भी अपराध का केस दर्ज होगा।
बीजापुर। राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) के अवसर पर रायपुर में आयोजित होने वाले राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बीजापुर जिले के अंतरराष्ट्रीय सॉफ्टबॉल खिलाड़ी राकेश कड़ती को शहीद कौशल यादव पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, जूनियर सॉफ्टबॉल गर्ल्स टीम को उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ट्रॉफी से अलंकृत किया जाएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान और तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता रविंद्र चौबे द्वारा भूपेश बघेल को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपने की मांग पर सियासी घमासान छिड़ गया है। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मामले की शिकायत हाईकमान से कर दी है। अब जल्द ही कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक बुलाए जाने की संभावना है, जिसमें चौबे के बयान पर चर्चा हो सकती है।
बिलासपुर। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देशभर के हाई कोर्ट के 14 न्यायाधीशों के तबादले का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में पदस्थ जस्टिस संजय एस. अग्रवाल को इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजा गया है। वहीं उनकी जगह पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम जस्टिस अतुल श्रीधरन को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट स्थानांतरित किया गया है।
वैसे तो रोजाना ही भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है, लेकिन भादों माह प्रभु की उपासना के लिए अत्यंत शुभ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था, जिसकी खुशी में देशभर में गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस दौरान भक्तजन घरों, दफ्तरों, दुकानों और मंदिरों में गणपति जी की मूर्ति को स्थापित करते हैं और 10 दिनों तक उनकी विधिनुसार उपासना करते हैं। इसके अलावा प्रभु की विशेष कृपा प्राप्ति के लिए मोदक, मोतीचूर लड्डू, खीर और मालपुआ जैस भोग लगाए जाते हैं, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। इस वर्ष 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है। इस दिन गणपति जी की मूर्ति की स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, आइए विस्तार से जानते हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मंगली बाजार के पास, पोस्ट गौरेला निवासी शंकर लाल साहू बीते गुरुवार, 21 अगस्त की शाम से अपने घर से लापता हैं। परिवार के अनुसार उनकी वर्तमान मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
रायपुर। मुख्यमंत्री साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका स्थित एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कंपनी को छत्तीसगढ़ में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई तथा उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएँ न केवल कृषि मूल्य शृंखलाओं को मज़बूत करेंगी बल्कि उच्च-तकनीकी विनिर्माण को भी प्रोत्साहित करेंगी और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नए रोजगार अवसर सृजित करेंगी।
रायपुर । छत्तीसगढ़ विश्वविधालयीन पेंशनर्स कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप मिश्र और सचिव शिरीश त्रिवेदी ने बताया कि फेडरेशन के आव्हान पर पूरे प्रदेश के 33 जिलों में महंगाई भत्ता एवं ग्यारहसुत्ररीय मांगों के लिए आज एक दिवसीय प्रांतव्यापी सामूहिक अवकाश लेकर रविशंकर शुक्ल वि वि के कर्म चारी संघ और शिक्षक संघ के साथ साथ बडी संख्या में पेंशनर्स भी आंदोलन काम बंद / कलम बंद में कर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
न मानदेय न कीट बाक्स न बीमा फिर भी वर्षा से कर रहे गौ सेवा
पत्रकारों को मुरूम माफियाओं द्वारा देख लेने की धमकी
सारंगढ़ बिलाईगढ़। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अंतर्गत शासकीय संस्थाओं तथा अशासकीय संस्थाओं को नवीन आवेदन और नवीनीकरण का आवेदन 31 अगस्त तक जमा किया जाना है, जिसका संभावित भुगतान तिथि 10 सितम्बर 2025 निर्धारित है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा विभागीय पोर्टल पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन https://postmatric-scholarship.cg.nic.in में ऑनलाईन आवेदन किया जाता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कहा है कि बालिका की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना केवल विधिक जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि नैतिक और संवैधानिक दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि बालिका के लिए सुरक्षित वातावरण केवल उसे अपराध से बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक पहल से आरंभ होता है- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समान अवसर की उपलब्धता अपरिहार्य है। सभी संस्थानों का उद्देश्य केवल अन्याय को रोकना नहीं, बल्कि सशक्तिकरण करना है।
सुकमा। जिले के इतिहास में पहली बार वन विभाग ने वनकर्मियों, संयुक्त वन प्रबंधन समिति एवं जैव विविधता प्रबंधन समिति के सदस्यों के लिए वन्यजीव संरक्षण एवं प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पहल न केवल वन विभाग की क्षमता वृद्धि बल्कि स्थानीय समुदाय को संरक्षण की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुई है।
सुकमा। जरूरत और अभाव से जूझ रही सुकमा जिले की महिलाएं अब महतारी वंदन योजना से सशक्त हो रही हैं। छिंदगढ़ पंचायत के वेकोपारा निवासी श्रीमती सोमलिन पति आनंद ने बताया कि उन्हें हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपये ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है। इस राशि को वह बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर रही हैं।