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छत्तीसगढ़

  • प्रदेश में बारिश ने मचाई तबाही, बाढ़ के साथ कई शहरों का संपर्क टूटा

    29-Aug-2020

     रायपुर : छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से नदी- नाले उफान पर हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी नदी महानदी ने विकराल रूप ले लिया है। महानदी में बाढ़ की वजह से जांजगीर जिले में स्थित शिवरीनारायण शहर पूरी तरह से टापू में तब्दील हो गया है। यहां चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लोग बाढ़ से खुद को बचाने के लिए अपने जरूरी सामानों और मवेशियों के साथ अन्य इलाकों की ओर कूच कर रहे हैं। शहर के ऊपरी इलाके में भी पूरी तरह से पानी भरा हुआ है। यहां राहत और बचाव का कार्य जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है । बाढ़ की स्थिति को देखते हुए हीराकुंड बांध का गेट खोल दिया गया है। बारिश से 4 हजार मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाढ़ प्रभावित 2091 लोगों को 45 राहत शिविरों में भेजा गया है। वहीं, रायगढ़ में बरमकेला के 18 और पुसौर क्षेत्र के 9 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। जिले में 21 राहत कैंप में 2389 लोगों को रखा गया है।

    पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बारिश रायपुर, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर और रायगढ़ में रिकॉर्ड की गई है। जानकारी के मुताबिक बारिश से करीब 12 हजार मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 6 हजार लोग बेघर हुए हैं। बलौदाबाजार में बारिश के कारण 26 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए है। यहां 24 कैंपों में 1393 लोगों को पहुंचाया गया है। कलेक्टर ने बताया कि बाढ़ में फंसे 35 लोगों को सुरक्षित निकाल कर राहत शिविर में भेजा गया है। राजनांदगांव-कवर्धा मार्ग बंद है। खैरागढ़ स्थित आमनेर नदी के पुल के ऊपर पानी बह रहा है। शिवनाथ नदी के किनारे की बस्तियों में पानी भर गया है। जिले के मोंगरा बैराज, सूखा नाला और घुमरिया बैराज से 38 हजार क्यूबिक मीटर पानी छोड़ा गया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 219 राहत कैंप संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, 11942 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
     
     
  • मंत्रालय में फूटा कोरोना बम एक साथ 45 लोग संक्रमित

    28-Aug-2020

     रायपुर : नया रायपुर स्थित संचालनालय इंद्रावती भवन में भी कोरोना का बम फूट गया है। शुक्रवार को यहां एक साथ 45 अधिकारी-कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। देर रात तक यह संख्या और भी बढ़ सकती है । बड़ी संख्या में संक्रमित मिलने के बाद कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है । इधर राजपत्रित अधिकारी संघ ने इंद्रावती भवन को कंटेन्मेंट जोन बनाने की मांग की है । जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों शिविर लगाकर 227 लोगों का कोरोना टेस्ट कराया गया था, जिसमें मछली पालन विभाग संचालक, पशु पालन विभाग के दो उप संचालक, सहकारिता से दो उप पंजीयक, पीएचई से सहायक संचालक जैसे अन्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पॉजिटिव पाए गए है । आज जांच कराए 100 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है। राजपत्रित अधिकारी संघ ने कहा कि कोरोना मरीजों के संपर्क में आए अधिकारी - कर्मचारी सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित और जिनकी उम्र 55 वर्ष से ऊपर है, ऐसे 227 कर्मचारियों और अधिकारियों का जांच कराया गया । कर्मचारियों के मोबाइल में जांच रिपोर्ट आना चालू हो गया है । अधिकतर विभागों के कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है । इंद्रावती भवन कोरोना का हॉट स्पॉट बन गया है। अब तक दो कर्मचारियों की मौत हो चुकी हैं । विभाग प्रमुख संक्रमित संख्या को देखकर भयभीत है । आज संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कोरोना प्रभावित विभाग प्रमुख को ऐतिहात के तौर पर कार्यालय दो दिन बंद रखने अनुरोध किया गया। 

  • राइस मिल के लिए दी गई एनओसी रद्द करने का हुआ प्रस्ताव पारित

    28-Aug-2020

     राजनांदगांव : ग्राम पंचायत तुमडीलेवा के आश्रित ग्राम परेवाडीह में निर्माणाधीन राइस मिल पर रोक लगाने आखिरकार बवाल शुरू हो ही गया । पंचायत में शुक्रवार को घंटों चली बैठक के बाद बीते सप्ताह राइस मिल चालू करने सरपंच द्वारा दी गई अनापत्ति प्रमाण पत्र को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित हुआ । पंचायत की बैठक में गांव वालों के विरोध के आगे सरपंच और सचिव को झुकना पड़ा । इस मुद्दे को लेकर पंचायत में सुबह 11 बजे बैठक आयोजित की गई थी। बरसते पानी में बड़ी संख्या में ग्रामीण विरोध करने पहुंचे थे। लंबे इंतजार के बाद बैठक शुरू हुई। बताया जाता है कि राइस मिल के लिए एनओसी नहीं देने का आग्रह गांव वालों ने पहले ही कर रखी थी, किंतु सरपंच ने किसी की परवाह किये बगैर एनओसी जारी कर दिया था । इस बात को लेकर ग्रामीणों ने जमकर नाराजगी जताई ।

    बता दे कि कुछ दिनों पूर्व ग्रामीणों ने राइस मिल के विरोध में राजनांदगांव जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी को ज्ञापन भी दिया था, लेकिन कोई कारवाई नहीं होने से राइस मिल के लिए निर्माण कार्य करवाने वालों का हौसला बुलंद हो गया।इतना ही नहीं उन्होंने गांव के तालाब किनारे अवैध खुदाई करा कर भारी मात्रा में मुरुम का अवैध उत्खनन कर निर्माण कार्य में लगा दिया। इससे गांव वाले और नाराज हो गये । उनकी यह नाराजगी पंचायत की बैठक में दिखी। 

  • रेत का अवैध उत्खनन करने वाले बख्शे नहीं जायेंगे - मुख्यमंत्री

    28-Aug-2020

     रायपुर : विधानसभा में अंतिम दिन विपक्ष ने रेत के मुद्दे में सरकार को घेरने की कोशिश करते हुए प्रदेश में रेत माफिया के आतंक का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में किसी की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेत के अवैध उत्खनन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रेत खनन को लेकर एनजीटी के नियम का पालन हो रहा है। अब तक 23 सौ से अधिक प्रकरण छह महीने में दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में एक साल में सिर्फ 1800 प्रकरण दर्ज किए गए थे।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि 107 रेत खदान की अनुज्ञा जारी की गई है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि शराब माफिया की तर्ज़ पर रेत माफिया आ गया है। कहीं प्रतिनिधियों पर हमला हुआ तो कहीं प्रशासनिक अधिकारी पर हमले की खबरें हैं। पांच हज़ार की रेत 25 हजार में मिल रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि गरीब घर कैसे बनाएगा। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि बरसात में रेत की खुदाई क्यों हो रही है  ? 
    सौ ट्रेक्टर, 50 हाईवा खुदाई कर रहे हैं। क्या रोक नहीं है ? मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जून से 15 अक्टूबर तक खनन में रोक है। यदि उत्खनन हुआ तो कार्रवाई होगी। नई नीति से राज्य को राजस्व मिल रहा था, उसमें वृद्धि भी होगी। नई व्यवस्था है, उसे और बेहतर करेंगे। पंचायतों को निर्माण के लिए रेत मुफ्त में देना तय किया गया है।
     
  • जेईई और नीट की परीक्षा रद्द कराने कांग्रेसी सड़क पर

    28-Aug-2020

     रायपुर : जेईई और नीट की परीक्षा के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन पूरे देश में हो रहा है। इसी विरोध में शुक्रवार को रायपुर के भी कांग्रेसी बरसते पानी में सड़क पर उतर आए और परीक्षा रद्द करने की मांग की। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, हमारी कोशिश यही कि परीक्षा न हो। हम केंद्र सरकार के फैसले का विरोध करते हैं।

    स्पीक अप फ़ार स्टूडेंट सेफ्टी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, यह पूरे देश के लिए कठिन समय है। अभी कोरोना संकट से जूझ रहा है। जेईई-नीट परीक्षा रद्द हो यही हमारी कोशिश है। केंद्र सरकार के फैसले का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा, मई में परीक्षा को टाला गया। अब जबकि कोरोना संकट पीक पर है तो परीक्षा कराना उचित नहीं है।
    वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा, परीक्षा जानलेवा साबित हो सकती है। कोरोना काल में परीक्षा कराना ठीक नहीं है। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, केंद्र सरकार लाखों छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा, क्या केंद्र सरकार इस बात की गारंटी दे सकती है कि जेईई-नीट के दौरान कोई भी छात्र और स्टाफ संक्रमित नहीं होगा।
    दूसरी ओर रायपुर स्थित टाउन हॉल के बाहर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष और कांग्रेस के संचार विभाग के चेयरमैन शैलेश नितिन त्रिवेदी भी शामिल हुए। शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि सत्ता के घमंड में मोदी सरकार छात्रों की मांगों की अनदेखी कर रही है। लाखों छात्र परीक्षा में बैठेंगे और संक्रमित होंगे।
  • नेत्रदान को पारिवारिक परम्परा बनाये - डॉ. दिनेश मिश्र

    27-Aug-2020
    डॉ. मिश्र फाउंडेशन द्वारा जनजागरण
     रायपुर : अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा   एक व्यक्ति के नेत्रदान के द्वारा   दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में प्रकाश आ सकता है, स्वयं तथा अपने परिवार के सदस्यों को नेत्र दान के लिए प्रेरित कर  नेत्र दान को अपनी पारिवारिक परम्परा बनाएं. 
    डॉ दिनेश मिश्र ने कहा किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के कठिनाई भरे जीवन का अंदाज सिर्फ आप कुछ पलों के लिए अपनी आँखें बंद कर ही लगा सकते हैं। आँखें बंद करते ही जीवन के सुन्दर दृश्य प्राकृतिक छटायें, सूर्य, जल, पृथ्वी, आकाश व जनजीवन के विभिन्न रूप अदृश्य हो जाते हैं, वहीं मन में एक भय व असुरक्षा की भावना समाज जाती है और तत्काल आँखें खोलने पर मजबूर हो जाते हैं। प्रकाश व दृष्टि से परे, जीवन का एक दूसरा रूप यह भी जानिए कि पूरी दुनिया में करीब 3 करोड़ लोग पूरी तरह से दृष्टिहीन हैं। भारत में 1 करोड़ 20 लाख लोग पूरी तरह से दृष्टिहीन हैं।  80 लाख लोगों की एक आँख खराब है तथा 4-5 करोड़ लोग कम दृष्टि के कारण घर से बाहर निकलने, मन-माफिक काम करने, चलने-फिरने से पूरी तरह बाधित हैं।
    प्रकृति ने जीव को दृष्टि एक ऐसा अमूल्य उपहार दिया है जिसकी कोई कीमत नहीं आंकी जा सकती है। जिस अंधकार में हम एक क्षण बिताने की कल्पना नहीं कर सकते, उसी गहन अंधकार में कितने ही लोग जिन्दगी गुजारने को मजबूर हैं। क्या इनके जीवन में प्रकाश की कोई किरण आ सकती है। इस प्रश्न का उत्तर नि:संदेह हाँ, इनमें से काफी लोग मरणोपरांत नेत्रदान से लाभ उठा सकते हैं। आंखों के स्वच्छ पटल अथवा कार्निया में सफेदी आने से होने वाले अंधत्व के उपचार के लिए नेत्र दान से प्राप्त कॉर्निया मिलना आवश्यक है
    डॉ. मिश्र ने कहा नेत्रदान वह प्रक्रिया है जिसमें मानव नेत्रदान द्वारा दान-दाताओं से उनकी मृत्यु के बाद ग्रहण किये जाते हैं। नेत्रदान से प्राप्त इन आँखों की स्वच्छ कार्निया को ऐसे दृष्टिहीन व्यक्ति जिनका जीवन कार्निया में सफेदी आ जाने से अंधकारमय हो गया है, को प्रत्यारोपित कर नेत्र ज्योति लौटायी जा सकती है।
    डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा हर स्वस्थ व्यक्ति जिसकी आँखें सही सलामत है, नेत्रदान की घोषणा कर सकता है। ऐसे व्यक्ति जो वायरल हिपेटाईटिस, पीलाया, यकृत रोग, रक्त कैंसर, टी.बी., मस्तिष्क ज्वर, सड्स् से संक्रमित होने से नेत्र नहीं लिये जाते। अप्राकृतिक मौत, एक्सीडेंट की हालत में मजिस्टे्रट की अनुमति से नेत्र ग्रहण किये जा सकते हैं। ऐसे दृष्टिहीन व्यक्ति जिनकी आँखों की कार्निया, किसी बैक्टीरिया, वायरल संक्रमण रोग, दुर्घटना, रासायनिक पदार्थों के गिरने जैसे एसिड, क्षार, घाव, अल्सर आदि के बाद सफेद व अपारदर्शी हो गई हो तथा उससे दृष्टि एकदम कम हो गई हो, का इलाज नेत्रदान से प्राप्त कार्निया प्रत्यारोपण से संभव है। लेकिन रेटिना या आँखों के परदे की बीमारी, परदा उखडऩा, लेंस की बीमारी, मोतियाबिंद, आप्टिक नर्व की बीमारी व चोटों का इलाज कार्निया प्रत्यारोपण से संभव नहीं है। जिन दृष्टिहीनों की आँख पूरी की पूरी, कैसर, चोट या संक्रमण से निकालना पड़ा हो, उन्हें नेत्रदान से लाभ नहीं होता।
    डॉ. मिश्र ने कहा हमारे देश में पिछले 30 वर्षों से राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाता है। 25अगस्त से 8 सितम्बर तक चलने वाला यह पखवाड़ा राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाता है। लेकिन आज भी नेत्रदान की संख्या पिछले कई वर्षों में अंगुलियों में गिनने लायक ही है। जिसके कारण नेत्रदान से लाभांवित होने वाले मरीजों की संख्या अल्प ही रही। जबकि देश के कुछ प्रदेशों में नेत्रदाताओं की संख्या आश्यचर्यजनक रूप से बढ़ी है। नेत्रदान को महादान की संज्ञा दी गई है, भारत में करीब 25 लाख मरीज कार्निया के रोगों से पीडि़त हैं जो नेत्रदान से प्राप्त आँख की बाट जोह रहे हैं, इसमें प्रतिवर्ष 20 हजार दृष्टिहीनों की संख्या जुड़ती जा रही है। जबकि शासकीय व निजी स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रयासों के बावजूद देश में एक साल में करीब बारह हजार नेत्र प्रत्यारोपण के ऑपरेशन हो पाते हैं। श्रीलंका जैसा छोटा देश भी नेत्रदान के मामले में पूरे भारतवर्ष से आगे है।
    डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा पहले  शिक्षा का पर्याप्त प्रसार न होने से लोगों में तरह-तरह के अंधविश्वास तथा भ्रांतियाँ जैसे कुछ लोग यह मानते हैं कि नेत्रदान देने से व्यक्ति अगले जन्म में जन्मांध होगा, तो कुछ लोग भावनात्मक कारणों से मृत शरीर के साथ चीर-फाड़ उचित नहीं मानते तथा नेत्र निकालने की अनुमति नहीं प्रदान करते हैं। तीसरा कारण है - जागरूकता व सामाजिक जिम्मेदारी का अभाव, जबकि भारत में दानवीरता के किस्से हमें सुनने को मिलते रहे हैं। बुद्ध दधीचि, बली व कर्ण जैसे दानवीर भारत की जनता के मानव में रचे बसे हैं, उसके बाद भी नेत्रदान की कम संख्या इस पुनीत कार्यक्रम को आगे बढऩे से रोक रही है 
    डॉ. मिश्र ने कहा कार्निया प्रत्यारोपण के ऑपरेशन में अच्छे परिणाम के लिए आवश्यक है कि दान देने वाले व्यक्ति की आँखें मृत्यु के उपरांत जल्द से जल्द निकाल ली जावे तथा प्रत्यारोपण का ऑपरेशन भी यथासंभव शीघ्र सम्पन्न हो सके। फिर भी छ: घंटों के अंदर दानदाता के शरीर से नेत्र निकाल लिये जाने चाहिए एवं 24 घंटों के अंदर प्रत्यारोपित हो जाने पर अच्छे परिणाम आते हैं।
    डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कई बार दान की घोषणा के बाद भी दानकर्ता के रिश्तेदार इस आशंका से अस्पताल में खबर नहीं करते कि मृत शरीर की चीर-फाड़ कर दुर्दशा क्यों की जावे। लेकिन इस मानसिकता को बदलना आवश्यक है जो निरंतर प्रचार व जन जागरण से ही संभव है।
    डॉ. मिश्र ने बताया छत्तीसगढ़ में स्थान-स्थान पर ऐसे सामाजिक संगठनों के सहयोग की आवश्यकता है। आवश्यकता पडऩे पर नेत्रदान व नेत्र प्रत्यारोपण के बीच कड़ी का काम कर सके, न केवल मरणासन्न व्यक्ति के परिवार को उस व्यक्ति के मरणोपरांत नेत्रदान के लिए प्रोत्साहित कर सके, बल्कि ऐसे व्यक्ति जिन्हें नेत्र प्रत्यारोपण की आवश्यकता है उन्हें भी नेत्रों के उपलब्ध होने की खबर जल्द से जल्द पहुँचाकर ऑपरेशन के लिए भर्ती करने व मानसिक रूप से तैयार होने में मदद कर सके। इसलिए निरंतर प्रचार व जन-जागरण की आवश्यकता है।
    डॉ. मिश्र ने आगे बताया वर्तमान में हमारे देश में 150 से अधिक नेत्र बैंक हैं। 
    आईये हम अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करें, ताकि दृष्टिहीनों के जीवन में प्रकाश की किरणें जगमगाने लगे. डॉ मिश्र फाउंडेशन इस सम्बंध में जागरूकता अभियान के माध्यम से नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रहा है लोगों को इस सम्बंध में पम्पलेट वितरित करने,परामर्श देने,तथा नेत्रदान के लिए फार्म भरवाने का कार्य किया जा रहा है .
     
     
  • श्रीचंद सुंदरानी को भाजपा जिलाध्यक्ष की कमान

    27-Aug-2020

     रायपुर : भाजपा संगठन में लंबे समय से चल रही खींचतान पर आज उस समय विराम लग गया जब प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने पूर्व विधायक और भाजपा प्रवक्ता श्रीचंद सुन्दरानी को भाजपा जिलाध्यक्ष रायपुर शहर की कमान सौंप दी। 

    जानकारों की माने तो सुन्दरानी की नियुक्ति की प्लानिंग पहले हो हो चुकी थी लेकिन अंतर्कलह से जूझ रही भाजपा के एक और नेता सच्चिदानंद उपासने भी इस दौड़ में शामिल थे ।  वहीं जिलाध्यक्ष बनाए जाने से लेकर तमाम अंदरुनी विवादों को लेकर पिछले दिनों व्हाट्सएप ग्रुप में भी दोनों नेता आपस में भीड़ गए थे जिससे भाजपा की अंदरूनी कलह एक बार फिर सड़क पर दिखी थी।

  • डोला ग्यारस को सभी मंदिरों के भगवान निकलेंगे जल क्रीड़ा करने

    27-Aug-2020

     राजनांदगांव : संस्कारधानी नगरी राजनांदगांव में रियासत काल से चली आ रही परंपरा के अनुसार नगर के प्रतिष्ठित मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठित भगवान राधा - कृष्ण एवं बाल गोपाल प्रतिवर्ष भादवा शुक्ल पक्ष एकादशी को जो डोल ग्यारस एवम् जल झूलनी एकादशी के नाम से प्रसिद्ध है , इस दिन अपने-अपने मंदिरों से डोले में विराजकर नगर भ्रमण करते हुए रानीसागर पहुंचा करते थे । वहां भगवान जल क्रीड़ा हेतु नाव में सवार होकर रानी सागर मैं सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति में जल क्रीड़ा किया करते थे । यह एकादशी जल झूलनी एकादशी के नाम पर विख्यात है । आषाढ़ शुक्ल ग्यारस को क्षीरसागर में विराजित भगवान विष्णु चार माह के लिए विश्राम करते है , भादवा शुक्ल ग्यारस को भगवान करवट लेते है , जिससे क्षीरसागर का जल हिलता है , अतः इस ग्यारस को जल झूलनी एकादशी के नाम से जाना जाता है । कार्तिक शुक्ल ग्यारस को देव उठते है । 

     जलक्रीड़ा के  इस आयोजन में रियासत काल के प्रमुख मंदिर श्री बलभद्र राधाकृष्ण मंदिर ,  श्री बाला बाबा मंदिर , श्री नोनी बाई कामता  बाड़ी मंदिर , श्री दुर्गा मंदिर , श्री बलभद्र जमात मंदिर ,श्री युगल किशोर मंदिर , शहर के श्री सत्यनारायण मंदिर , श्री मोतीनाथ मंदिर , श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर , श्री जलाराम राम मंदिर के डोले निकला करते हैं । इस वर्ष कोरेना महामारी को देखते हुए संस्कारधानी नगरी जल क्रीड़ा महोत्सव समिति की आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भगवान के डोले रानी सागर के स्थान पर श्री सत्यनारायण धर्मशाला पहुंचेंगे ।  श्री सत्यनारायण मंदिर समिति की ओर से धर्मशाला में कृत्रिम जलाशय का निर्माण किया जाएगा , लाइट की रोशनी में फव्वारे से निकलती बूंदों के बीच जलाशय में फूलों से सुसज्जित नाव में भगवान बैठकर जल क्रीड़ा का आनंद प्राप्त करेंगे । जलक्रीड़ा महोत्सव 29 अगस्त , शनिवार को आयोजित है । 
                   श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक लोहिया के अनुसार संस्कारधानी नगरी जल क्रीड़ा महोत्सव समिति की आयोजित बैठक में श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष विष्णु प्रसाद लोहिया , मंदिर के पुजारी पंडित कालू महाराज , मंदिर समिति के उत्सव प्रभारी राजेश शर्मा , पवन लोहिया ,  श्री मोतीनाथ मंदिर के अरुण खंडेलवाल , श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर के आशीष गांधी , पंडित वीरेंद्र मिश्र , श्री बलदेव राधा कृष्ण मंदिर दिग्विजय कॉलेज के दिलीप उपाध्याय ,श्री जलाराम राम मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला उपस्थित हुए । सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया की सभी मंदिरों के डोले अपने-अपने मंदिरों से निकलकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कामठी लाइन स्थित श्री सत्यनारायण धर्मशाला पहुंचेंगे ।  मंदिर समिति द्वारा यहां दोपहर 3:00 बजे से 6:00 बजे तक नौका विहार जलक्रीड़ा का कार्यक्रम आयोजित किया जावेगा ।  शहर में इस प्रकार का यह प्रथम आयोजन होने जा रहा है , जो अपने आप में नवीनता लिए हुए होगा । श्री सत्यनारायण मंदिर समिति वर्ष भर में अनेक धार्मिक कार्यक्रमों को सार्वजनिक रूप से उत्साह पूर्वक संपन्न करती आ रही है । जल क्रीड़ा महोत्सव को भी भव्यता प्रदान करने की दृष्टि से व्यापक तैयारियां की जा रही है । इस हेतु संतोष हुंका के मार्गदर्शन में कृत्रिम जलाशय का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है । श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के सचिव सुरेश अग्रवाल , कोषाध्यक्ष हरीश अग्रवाल , धर्मशाला प्रभारी राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्त माता - बहनों एवम् बंधुओं से आग्रह किया है कि सभी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे , मास्क लगाकर ही धर्मशाला में प्रवेश दिया जाएगा ,  तथा धर्मशाला के द्वार पर सैनिटाइजर रखा जाएगा जिसका उपयोग प्रत्येक श्रद्धालु भक्तों को करना होगा । अनावश्यक भीड़ ना हो इस हेतु धर्मशाला में एकबार में केवल दो मंदिरों के भगवान ही जलक्रीड़ा करने अंदर प्रवेश करेंगे । सभी मंदिरों के डोले धर्मशाला पहुंचने के लिए अलग - अलग समय निर्धारित किया जाएगा । 
  • एसपी प्रफुल्ल ठाकुर कोरोना की चपेट में

    27-Aug-2020

     महासमुंद : महासमुंद एसपी प्रफुल्ल ठाकुर की कोरोना रिपोर्ट पॉजेटिव आयी है। रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने खुद को होम आइसोलेट कर लिया है। होम आइसोलेशन में ही उनका इलाज होगा।

    SP ने मीडिया को दी जानकारी –

    “मेरी रैपिड टेस्ट रिपोर्ट पॉजेटिव आयी है, जिसके बाद मैंने अब खुद को आइसोलेट कर लिया है, होम आइसोलेशन में ही अब अपना इलाज कराऊंगा, अभी मेरी तबीयत बिल्कुल ठीक है, किसी भी तरह की दिक्कत महसूस नहीं हो रही है

     

    गौरतलब है कि कल ही हाईकोर्ट के जस्टिस और बिलासपुर के कलेक्टर की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजेटिव आयी थी। कोरोना रिपोर्ट एसपी की पॉजेटिव आने के बाद कई अन्य पुलिस अफसरों को भी अपना टेस्ट कराना होगा, वहीं कई बड़े अधिकारियो और कर्मचारियों को भी क्वारंटीन होना पड़ सकता है। 

  • भाजपा के दो बड़े नेताओं के बेटों में मारपीट

    27-Aug-2020

     कोरबा : जिले के रामपुर इलाके में बुधवार को भाजपा के दो बड़े नेताओं के बेटों में जोरदार मारपीट हो गई । इनमें से एक छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर का बेटा संदीप कंवर है तो दूसरा भाजपा नेता जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र पांडेय के बेटा शिवम पांडे है । बताया जा रहा है कि रजगामार मार्ग में संचालित सृष्टि मेडिकल कॉलेज को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के संबंध यह मारपीट की गई है  । मामला रामपुर चौकी पहुंच चुका है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। ननकीराम कंवर के खास समर्थक और करीबी लोगों में देवेंद्र पांडेय भी शामिल हैं।

    दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है। 

  • दुष्कर्म के मामले में घिरे डॉ आदिले फरार

    27-Aug-2020

     रायपुर : दुष्कर्म के मामले में बुरी तरह फंसे छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य शिक्षा के पूर्व डीएमई डॉ. एसएल आदिले की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रयास शुरू कर दिया है। बताया जाता हैं कि डॉ. आदिले फरार हो गए हैं। पुलिस को उनका पता नहीं चल रहा। वहीं खबर है कि अग्रिम जमानत के लिए डॉ. आदिले ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला थाना पुलिस ने बुधवार को उनके अशोका रत्न स्थित घर पर छापा भी मारा था, लेकिन वहां ताला लगा मिला। डॉ. आदिले का फोन भी लगातार बंद आ रहा है। अब पुलिस कॉल डिटेल निकालकर उन तक पहुंचने का प्रयास करेगी।

     
  • सड़क निर्माण में लिया जा रहा बच्चों से कार्य

    27-Aug-2020
    अम्बागढ़ चौकी : राजनांदगांव जिले के मोहला विकास खण्ड में प्रधानमंत्री सड़क योजना में नाबालिग बच्चों से काम करवाने का मामला सामने आया है। इस ब्लॉक में ग्राम पीडिंगपार से दुगा टोला चिहका टोला मार्ग में मुद्दतों बाद कार्य शुरू हुआ है । सड़क का ठेका बाफना कन्ट्रक्शंन दुर्ग को दिया गया है। कार्य के दौरान ठेकेदार बाल श्रमिक अधिनियम का धज्जी उड़ा रहे हैं। आस-पास के 13 से 16 साल के छोटे-छोटे बच्चों से कार्य करवाया जा रहा है जो बाल श्रम कानून का खुला उल्लंघन है । शिवसेना मोहला ब्लॉक ने ठेकेदार द्वारा बच्चों से काम कराये जाने की निंदा की है । उन्होंने शासन, प्रशासन से ठेकेदार पर नियमानुसार कार्यवाही कर नबालिक को बाल श्रम से मुक्त कराने की मांग की है । शिवसेना ग्रामीण जिला अध्यक्ष दिनेश ताम्रकार एंव मोहला विकासखण्ड के पदाधिकारी विधान सभा अध्यक्ष हेमन्त सोनी ,ब्लॉक अध्यक्ष भागबलि, तपसी यादव अन्य शिवसैनिकों ने बाल श्रम पर रोक नहीं लगाये जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। 
  • एक साथ 4 बेटियों को जन्म दिया महिला ने

    26-Aug-2020

     राजनांदगांव : राजनांदगांव शहर के एक निजी अस्पताल में एक महिला ने एक साथ चार बच्चियों को जन्म दिया है । बहुत कम रेयर केसो में ऐसा होता है कि एक साथ चार बच्चा जन्म ले। जिले के अंबागढ़ चौकी क्षेत्र की महिला कलेंद्री बाई ने एक साथ चार बेटियों को जन्म दिया । महिला की सिजेरियन डिलीवरी हुई है । परिजन ने पीड़ा होने पर महिला को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने प्रसव पीड़ा तेज होने पर महिला की सिजेरियन ऑपरेशन किया जहां महिला ने 4 बच्चों को जन्म दिया । बच्चे जन्म के समय थोड़े कमजोर थे लेकिन बच्चों की हालात में धीरे-धीरे सुधार है । महिला के पहले बच्चे के दौरान भी इस सिजेरियन डिलीवरी हुई थी उस दौरान भी बेटी ने जन्म लिया था । अब इन चार बच्चों को मिलकर महिला की 5 बेटियां हैं। 

  • डॉ. निगम शंकराचार्य विवि के पहले कुलपति नियुक्त

    26-Aug-2020

     रायपुर : छत्तीसगढ़ के राज्यपाल एवं कुलाधिपति अनुसुईया उइके ने प्रोफेसर (डॉ.) लक्ष्मीशंकर निगम को श्रीशंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जुनवानी, जिला दुर्ग का प्रथम कुलपति नियुक्त किया है। डॉ. निगम, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से हाल ही में सेवानिवृत हुए हैं । वे प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष पद पर थे। कुलपति के रूप में उनकी नियुक्ति छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन अधिनियम 2005 में प्रदत्त शक्तियों के तहत की गई है। 

  • हाईकोर्ट जस्टिस, कलेक्टर और कांग्रेस नेता कोरोना की चपेट में

    26-Aug-2020

    बिलासपुर : कोरोना संक्रमण को लेकर बिलासपुर में बड़ी खबर आ रही है। हाइकोर्ट जस्टिस श्री सावंत, कलेक्टर बिलासपुर सारांश मित्तर, कांग्रेस के क़द्दावर नेता अटल श्रीवास्तव संक्रमित पाए गए हैं। वहीं सीपत थाना प्रभारी के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद थाने को सील कर दिया गया है और उसका काम फ़िलहाल मस्तुरी थाने से किया जाएगा।

    जस्टिस श्री सावंत और IAS सारांश मित्तर की रिपोर्ट कुछ देर पहले पॉज़ीटिव आई है। विदित हो कि तीन दिन पहले ही कलेक्टर सारांश की रिपोर्ट निगेटिव आई थी लेकिन कल शाम जबकि वे घर पहुँचे तो उन्हें बुख़ार था, उन्होंने पहले एंटीजन टेस्ट कराया जिसमें वे पॉजीटिव पाए गए जिसके बाद आरटीपीसीआर टेस्ट कराया गया जिसकी रिपोर्ट अब से कुछ देर पहले पॉजीटिव आई है।

  • राईस मिल के मालिक ने मुरुम के लिए खुदवा दी तालाब पार की कृषि जमीन

    26-Aug-2020

    राजनांदगांव : ग्राम पंचायत तुमडीलेवा के आश्रित ग्राम परेवाडीह में निर्माणाधीन राइस मिल संचालक की मनमानी की पोल एक के बाद एक खुलती जा रही है । पहले तो बिना ग्राम सभा से अनुमोदन व डायवर्सन कराये राइस मिल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया । अब पिछले कुछ दिनों से खेत की जमीन को खुदवाकर मुरुम निकाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि ग्राम तुमडीलेवा स्थित तालाब के पार को खोद कर सैकड़ों डंफर मुरुम निकलवा लिया है। वह भी बिना उस स्थान को लीज कराये । ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के कुछ लोगों से मिलीभगत कर मुरुम खनन कर परिवहन किया जा रहा है। मुरुम का इस्तेमाल निर्माण स्थल के पटाव आदि में किया जा रहा है । यदि नियमानुसार लीज के बाद खुदाई होती तो  शासन व पंचायत के फंड में हजारों रूपए आते । बता दे कि कुछ दिनों पहले इस मनमानी की शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी ताकि नियम विरुद्ध हो रहे कार्य पर रोक लगाई जा सके । लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई कारवाई न होना संदेह को जन्म दे रहा है । 

    मुझे जानकारी नहीं - पारख

    जिस जमीन पर राईस मिल के लिए निर्माण कार्य चल रहा है उसके मालिक अजय कुमार पारख का कहना है कि ग्राम पंचायत से मिल के लिए एनओसी मिल गई है। मुरुम की अवैध खुदाई कर पटाव कार्य कराये जाने के सवाल पर उन्होंने जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया। उनका कहना है कि निर्माण का कार्य दुर्ग की पार्टी कर रही है, वो कहां से क्या ला रहे हैं मुझे नहीं मालूम। 

     

  • मुख्यमंत्री ने बिलासपुर -भोपाल वाणिज्यिक विमान सेवा शुरू करने के निर्णय का किया स्वागत

    25-Aug-2020

    रायपुर : मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल ने आज केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी को ट्वीट कर बिलासपुर से भोपाल कमर्शियल हवाई सेवाएं प्रारम्भ करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है की छत्तीसगढ़ को हवाई सेवा का असल फायदा तभी मिलेगा जब बिलासपुर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और मुम्बई जैसे महानगरों से जोड़ा जाएगा। यात्रियों की अधिक संख्या होने से आर्थिक रूप से भी ऐसा करना ज़्यादा लाभप्रद विकल्प होगा। उन्होंने आशा जताई है की केंद्र सरकार इस पर विचार करेगी।

  • स्टील प्लांट में नौकरी लगाने दर्जन भर लोगों से 50 लाख की ठगी

    25-Aug-2020

     जगदलपुर : नगरनार स्टील प्लांट में नौकरी लगाने के नाम पर दर्जन भर लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी के मामले में एक नर्स सहित 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है । पुलिस के मुताबिक बचेली निवासी दो युवक और धरमपुरा जगदलपुर निवासी एक महिला ने एनएमडीसी में नौकरी लगाने के नाम पर दर्जनभर लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी की है। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने महिला चंद्रकिरण ओगर और युवक नरेंद्र चौधरी व संजय दयाल के विरूद्ध धारा 420 व 120(बी) के तहत केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि आरोपित महिला महारानी अस्पताल में स्टाफ नर्स है। पुलिस आरोपितों की पतासाजी कर रही है।

  • महिला सचिव की हत्या

    25-Aug-2020

     बिलासपुर : बिलासपुर में चुनचुनिया पंचायत की महिला सचिव चंदना डडसेना की लाश घर के कमरे में मिली। प्रथम दृष्ट्या हत्या का मामला माना जा रहा है। उसका शव चादर में लिपटा हुआ था। महिला सचिव की मुंह और नाक दबाकर हत्या करने की आशंका है। बताया जाता है कि सरगांव के चुनचुनिया में पंचायत सचिव चंदना डडसेना (42) पत्नी स्व. विजय अपनी बेटी के साथ उसलापुर सतनामी मोहल्ला, गुप्ता कॉलोनी में रहती थीं। उनकी बेटी राजस्थान के कोटा में है। रोज की तरह वह मंगलवार को भी अपनी मां को कॉल कर रही थी, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहा था । इस पर बेटी ने अपने पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदार को कॉल किया और उन्हें जानकारी दी। रिश्तेदार उसे देखने घर पहुंचे तो दरवाजा बाहर से बंद था। कुंडी खोलकर अंदर गए तो महिला का शव बेडरूम में पड़ा हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • बिना एनओसी बन रही फैक्ट्री का हो रहा जमकर विरोध

    25-Aug-2020
    राजनांदगांव : राजनांदगांव जिले के ग्राम परेवाडीह भाठागांव से तुमड़ीलेवा मार्ग पर एक कम्पनी के द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य को लेकर बवाल शुरु हो गया है। ग्राम पंचायत के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बगैर अवैध रूप से हो रहे फैक्ट्री के निर्माण का विरोध भी शुरू हो गया है । गांव वालों ने इसपर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। 
    जानकारी के अनुसार परेवाडीह-भाठागांव से तुमड़ीलेवा मार्ग पर पारख कंपनी के द्वारा शशि कारस नाम के व्यक्ति से जमीन खरीद कर वहां पर फैक्टरी लगाने का काम मनमाने ढंग से शुरू कर दिया है। फैक्ट्री लगाने के लिए ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। उक्त कार्य पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई तो ग्रामीण कभी भी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य हो सकते हैं । 
     
     
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