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छत्तीसगढ़

  • लगातार बारिश से प्रदेश में कई इलाके जलमग्न, बीजापुर में बाढ़ के हालात

    16-Aug-2020

    रायपुर : लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के कई इलाके जलमग्न हो गए है। राजधानी रायपुर सहित बीजापुर और आस-पास के इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी है। बारिश का सबसे ज्यादा असर बीजापुर में दिख रहा है, यहां नदी नालों में उफान आने के साथ कई गांवों में घरों में पानी भर गया है। वहीं इससे कुछ मकान भी गिर गए हैं। बीजापुर में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। रायपुर में देर रात से बारिश का दौर जारी है। उधर बारिश को देखते हुए सुकमा में भी प्रशासन और पुलिस अलर्ट हो गई है। बस्तर के बीजापुर में बाढ़ के हालात हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर तटीय उड़ीसा उससे लगा हुआ उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा गंगेटिक पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रावाती घेरा 9.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। मानसून द्रोणिका बीकानेर, अजमेर, शिवपुरी, नौगांव, रीवा, डाल्टनगंज, पुरुलिया और उसके बाद निम्न दाब के क्षेत्र तक स्थित है। पूरब पश्चिम शियर जोन 19 डिग्री उत्तर में 5.8 किलोमीटर से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा भी हो सकती है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में हो रही बारिश का असर सामान्य जनजीवन पर भी पड़ा है। यहां के नदी-नाले उफान पर हैं। कमलेश्वरपुर से कुम्हरता जाने वाले मार्ग में पहाड़ का पानी बड़े-बड़े पत्थरों को लेकर सड़क पर आ गया है जिस कारण मार्ग में आवाजाही बंद हो चुकी है। कुम्हारता मैनपाट का दूरस्थ इलाका है। लगातार बारिश के कारण मार्ग के एक ओर पहाड़ी से मिट्टी, गिट्टी, पत्थर, झाड़ियां तेज बहाव में सड़क पर आ गई है, जिस कारण आवागमन बाधित हो गया है।

  • खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष ने किया ध्वजा रोहण

    15-Aug-2020

     रायपुर : स्वतंत्रता की 74 वीं वर्षगांठ पर छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्यालय में बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने ध्वजा रोहण कर विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित किया । 

  • पार्षद गौरी बाई ने किया ध्वजा रोहण

    15-Aug-2020

     आरंग : नगर पालिका परिषद आरंग के वार्ड क्रमांक 8 पार्षद गौरी बाई देवांगन ने वार्ड में कई जगह ध्वजारोहण किया । आजाद चौक, चूड़ी लाइन, रावतपारा में नियम का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ध्वजारोहण हर्षोल्लास के साथ किया गया जिसमें समस्त वार्ड वासी मौजूद थे । इस मौके पर गौरी पुत्र आचू देवांगन, टेकू देवांगन, देवेंद्र देवांगन, शुभम शर्मा, घनश्याम यादव, आशा शर्मा, बसंती यादव, अजय शुक्ला, पवन सोनकर आदि उपस्थित थे। 

  • वन मंत्री के ओएसडी ने फहराया ध्वज

    15-Aug-2020

     रायपुर : वन एवं परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के शंकर नगर स्थित आवास में उनके ओएसडी सुधीर कुमार सिसोदिया ने ध्वजारोहण किया । बंगले में तैनात पुलिस जवानों ने ध्वज को सलामी दी । इस मौके पर मंत्री के निज सहायक नंदकिशोर मिश्रा, ऑल इंडिया कांग्रेस संघ के उत्तर विधान सभा अध्यक्ष ताजुल अहमद तथा बंगले के कर्मचारी उपस्थित थे। 

  • इस सरकारी भवन में नहीं फहरा तिरंगा

    15-Aug-2020

    अंबागढ़ चौकी : राजनांदगांव जिले के अम्बागढ़ चौकी ब्लाक के एक सरकारी भवन में इस राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगा न फहराना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशिक्षण भवन विकास खण्ड अ. चौकी में 15 अगस्त की कोई तैयारी नहीं की गई थी । जबकि यहां करीब 5-6 साल से प्रशिक्षण का कार्यक्रम चलता आ रहा है। लाखों की लागत से बना यह भवन विरान रहता है। 15 अगस्त के दिन इस राष्ट्रीय पर्व को मनाना तो दूर झंडा फहराने वाले पोल तक की सफाई नहीं की गई। आज पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व को उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सरकारी भवनों ही नहीं गली मोहल्लों में भी तिरंगा फहराया गया। 

  • राजनांदगांव में मो. अकबर ने फहराया तिरंगा

    15-Aug-2020

     राजनांदगांव : राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में झंडा वंदन किया। 

  • संकटकाल में संकटमोचक बना अर्थव्यवस्था का छत्तीसगढ़ी माॅडल: मुख्यमंत्री

    15-Aug-2020
             रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस की 73वीं वर्षगाठ पर आज राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राऊण्ड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव की गाईडलाईन का पालन करते हुए स्वतंत्रता दिवस का संक्षिप्त और गरिमामय समारोह आयोजित किया गया।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में कहा है कि हमने आजादी की लड़ाई से न्याय की जो यात्रा शुरू की थी, उसे अब जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। किसानों के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना और ग्रामीण स्वावलंबन की सबसे बड़ी गोधन न्याय योजना शुरू की गई। यही ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ने के हमारे सपनों और इरादों का आधार है। आप सबके प्यार, सहयोग, समर्थन और सीधी भीगीदारी से ही यह संभव होगा। उन्होंने कहा कि सबसे बड़े वैश्विक संकट में संविधान से मिली शक्ति और समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य के रूप में मिली पहचान ने हमें रास्ता दिखाया। राज्य सरकार के रूप में हम तय कर सके कि यह समय समाज के सबसे कमजोर तबकों के आंसू पोछने और उन्हें सशक्त बनाने का होना चाहिए। मानवता की सेवा की गांधीवादी सोच और नेहरूवादी संस्थाओं एवं अधोसंरचनाओं ने ही हमें कोरोना से मुकाबला करने के योग्य बनाया। इसी रास्ते पर चलते हुए हमें आर्थिक मंदी और कोरोना संकटकाल में अर्थव्यवस्था को बचाए रखने में सफलता मिली। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी ने देश की एकता और अखण्डता के लिए कुर्बानी दी। उनकी कुर्बानियों के फलस्वरूप हम जाति, धर्म, सम्प्रदाय की सीमाओं से उठकर विकास की नई ऊंचाईयों पर पहुंचे।
    मुख्यमंत्री ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को कई सौगात दी। उन्होंने डाॅ. राधाबाई डायग्नोस्टिक सेंटर योजना और ’पढ़ई तुंहर पारा’ योजना भी शुरू करने की घोषणा की। डाॅ. राधाबाई डायग्नोस्टिक सेंटर योजना में रियायती दरों पर पैथोलाॅजी तथा अन्य जांच सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी। इसी प्रकार समुदाय की सहायता से बच्चों को पढ़ाने के लिए ’पढ़ई तुंहर पारा’ योजना शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगमों में स्थापित 101 ’मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालयों’ से नागरिकों को मिली सुविधाएं उत्साहवर्धक हैं। अब हम घर पहंुच सेवाओं के लिए नगरीय क्षेत्रों में ’मुख्यमंत्री मितान योजना’ शुरू कर रहे हैं, जिसमें काॅल सेंटर में फोन करके आवेदन, दस्तावेज आदि भेजे जा सकते हैं। आॅनलाइन तथा एसएमएस एलर्ट के माध्यम से न्यूनतम खर्च पर घर बैठे कई तरह की सेवाएं दी जाएंगी। विद्युत के पारेषण-वितरण तंत्र की मजबूती के लिए ‘‘मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना प्रारंभ होगी। प्रदेश में ‘महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, 4 नए उद्यानिकी काॅलेज तथा एक खाद्य तकनीकी एवं प्रसंस्करण काॅलेज खुलेंगे। दुग्ध उत्पादन और मछली पालन को बढ़ावा देने 3 विशिष्ट पाॅलीटेक्निक काॅलेज भी खोले जाएंगे। राम वन गमन पर्यटन परिपथ के निर्माण के पावन कार्य में प्रदेश की जनता की सहभागिता के लिए ‘राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकास कोष का गठन किया जाएगा। नवगठित जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में महंत बिसाहू दास जी के नाम से उद्यानिकी महाविद्यालय खुलेगा। प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने राज्य में होने वाली नई नियुक्तियों तथा पदोन्नति के लिए गठित की जाने वाली समितियों में महिला प्रतिनिधि की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। 
              मुख्यमंत्री ने कहा कि सुराजी तिहार के पावन बेरा म छत्तीसगढ़ के जम्मो सियान, दाई-दीदी, संगी-जहुंरिया, नोनी-बाबू मन ला गाड़ा-गाड़ा बधाई।
    भारत की आजादी की 73वीं सालगिरह के अवसर पर मैं अमर शहीदों गैंदसिंह, वीर नारायण सिंह, मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मी बाई, वीरांगना अवंति बाई लोधी और उन लाखों बलिदानियों को नमन करता हूं, जिन्होंने आजादी की अलख जगाई थी। 
    आजादी की लम्बी लड़ाई में देश को एकजुट करने और बुलंद भारत की बुनियाद रखने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू, डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद, डाॅ. भीमराव अम्बेडकर, लाल बहादुर शास्त्री, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुुल कलाम आजाद जैसे अनेक महान नेताओं के हम हमेशा ऋणी रहंेगे। राष्ट्रीय आंदोलन की चेतना से छत्तीसगढ़ को जोड़ने और आदर्श विकास की नींव रखने वाले वीर गुण्डाधूर, पं. रविशंकर शुक्ल, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, डाॅ. खूबचंद बघेल, पं. सुंदरलाल शर्मा, बैरिस्टर छेदीलाल, यतियतन लाल, मिनीमाता, डाॅ. राधाबाई, पं. वामनराव लाखे,
    महंत लक्ष्मीनारायण दास, अनंतराम बर्छिहा, मौलाना अब्दुल रऊफ खान, हनुमान सिंह, रोहिणी बाई परगनिहा, केकती बाई बघेल, श्रीमती बेला बाई जैसे अनेक क्रांतिवीरों और मनीषियों के योगदान के कारण हम सब शान से सिर उठाकर जी रहे हैं। मैं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन सभी पुरखों को सादर नमन करता हूं।
    आज का दिन शहादत की उस विरासत को भी याद करने का है, जिसमें गणेश शंकर विद्यार्थी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी जैसे हमारे पुरखों का बलिदान भी दर्ज है, जिन्होंने देश की एकता और अखण्डता को बचाये रखने के लिए कुर्बानी दी ताकि देश, अपने मूल्यों और सिद्धांतों पर अडिग रहे, और जाति, धर्म, सम्प्रदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचे। यह साल असहयोग आंदोलन का शताब्दी वर्ष भी है, 1 अगस्त 1920 को महात्मा गांधी का यह आह्वान निर्णायक साबित हुआ था कि हम असहयोग करेंगे लेकिन किसी भी हालत में हिंसा नहीं होनी चाहिए।
    महात्मा गांधी ने कहा था- मैं ऐसा भारत चाहता हूं, जिसमें गरीब से गरीब लोग भी यह महसूस करेंगे कि यह उनका देश है, जिसके निर्माण में उनकी आवाज का महत्व है, जिसमें विविध सम्प्रदायों के बीच पूरा मेल-जोल होगा।........ मैं ऐसा भारत चाहता हूं, जिसका शेष सारी दुनिया से शांति का संबंध हो। मेरे लिए हिन्द स्वराज्य का अर्थ है सब लोगों का राज्य-न्याय का राज्य। ..... हमारा स्वराज्य निर्भर करेगा, हमारी आंतरिक शक्ति पर, बड़ी से बड़ी कठिनाइयों से जूझने की ताकत पर।
    याद कीजिए  आजाद भारत के पहले उद्घोष को। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कहा था- ‘हमने नियति को मिलने का वचन दिया था और अब समय आ गया है कि हम अपने वचन को निभाएं।’ ....... अपने इस ऐतिहासिक भाषण में पंडित नेहरू ने कहा था कि ‘जब तक लोगों की आंखों में आंसू हैं और वे पीड़ित हैं, तब तक हमारा काम खत्म नहीं होगा।’
    भाइयांे और बहनांे, अपने देश के संघर्षों और इतिहास को भुलाकर, मूल्यविहीन और अवसरवादी समझौते करना भारत की तासीर नहीं है। देश को विभेदकारी शार्टकट नीतियों और योजनाओं की चमक से बहलाया तो जा सकता है, लेकिन इससे दीर्घजीवी समाधान सम्भव नहीं होते। देश अब एक बार फिर उस दोराहे पर खड़ा है, जहां एक ओर विभेद और युद्ध-उन्माद की चमक है, तो दूसरी ओर त्याग, बलिदान, मूल्य, समन्वय और अहिंसा की सनातन परंपरा और गांधीवादी विचारधारा है। निश्चित रूप से हमने गांधीवादी रास्ता चुना है। 
    आज हम आजादी के बाद सबसे बड़े वैश्विक संकट के बीच खड़े हैं। कोरोना और कोविड-19 के हमले ने पूरी दुनिया में इंसानियत को ही कसौटी पर रख दिया है और उन चेहरों को बेनकाब कर दिया है, जो विकास के अपने तौर-तरीकों को मानवीय बताते थे। ऐसे समय में हमें अपने संविधान से मिली शक्ति और समाजवादी, पंथ निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य के रूप में मिली पहचान ने ही संरक्षण और रास्ता दिया। इसी शक्ति के संरक्षण में हम राज्य सरकार के रूप में अपनी प्राथमिकता तय कर सकें कि यह समय समाज के सबसे कमजोर तबकों के आंसू पोंछने का, उसे सशक्त बनाने का ही होना चाहिए। मानवता की सेवा की गांधीवादी सोच और नेहरूवादी संस्थाओं व अधोसंरचनाओं ने ही हमें कोरोना से मुकाबला करने के योग्य बनाया।
    हम में से कोई भी, वह मंजर शायद ही कभी भूल पाए कि किस तरह विभिन्न राज्यों से अपना रोजगार, जमा पूंजी, घर-गृहस्थी खोकर प्रदेश के लाखों लोग चारों दिशाओं से पैदल आ रहे थे। हजारों लोग अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए थे। लाॅकडाउन के कारण उन्हें रहवास, भोजन, बच्चों के लिए दूध, दवा जैसी बहुत जरूरी सुविधाएं भी दूभर हो रही थीं, ऐसे समय में राज्य सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर प्रदेश की जनता तथा संस्थाओं ने अद्भुत कार्य किए। साढ़े 5 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी हुई। उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ घर पहुंचाने के लिए हर गांव में अर्थात् लगभग 22 हजार क्वारंटाइन सेंटर स्थापित किए गए। 
    इन श्रमवीरों को न सिर्फ मनरेगा के तहत रोजगार दिलाया गया बल्कि क्वारंटाइन सेंटर में ही इनके ‘स्किल मैपिंग’ की व्यवस्था की गई ताकि इन्हें प्रदेश में सम्मानजनक रोजगार दिलाया जा सके। इस दौर में  प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को भी चाक-चैबंद बनाया गया जिसके कारण संक्रमित लोगों की रिकवरी दर अन्य प्रदेशों से बेहतर रही तथा मृत्युदर भी काफी कम रही। 21 राज्यों तथा 3 केन्द्र शासित प्रदेशों में फंसे हमारे लगभग 3 लाख मजदूर साथियों को खाद्यान्न व अन्य राहत पहुंचायी गई। वहीं लाॅकडाउन की अवधि में लगभग 74 हजार मजदूरों को वेतन की बकाया राशि 171 करोड़ रू. का भी भुगतान कराया गया। 107 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से न सिर्फ हमारे प्रदेश के मजदूर वापस लाए गए बल्कि अन्य प्रदेशों के मजदूरों को उनके राज्यों में भेजने की भी व्यवस्था की गई।
    कोरोना महामारी के दौरान हमारी ‘सार्वभौम पीडीएस योजना’ भी कसौटी पर खरी उतरी। 57 लाख अंत्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित, निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को निःशुल्क चावल वितरण किया जा रहा है। आंगनवाड़ी तथा मध्याह्न भोजन योजना के हितग्राहियों को मिलने वाली पोषण सामग्री में कोई बाधा न आए, इसके लिए घर पहुंच सेवा दी जा रही है। इस तरह ‘मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान’ भली-भांति जारी रहा, जिससे कुपोषण में 13 प्रतिशत कमी आयी है। 
    भाइयों और बहनों, हम गांधी-नेहरू-पटेल-बोस-भगत सिंह-आजाद-लाल-बाल-पाल जैसे त्यागियों को अपना आदर्श मानने वाले लोग हैं, जिन्होंने आपदा को सिर्फ सेवा का अवसर माना था। विश्व इतिहास की सबसे दुखदायी और भयंकर त्रासदी के इस समय में हमारी सरकार ने सेवा के इसी सिद्धांत को अपनाया क्योंकि यही हमारी विरासत है। सेवा ही हमारा सनातन धर्म है। इसी रास्ते पर चलते हुए हमें आर्थिक मंदी और कोरोना संकट काल में अर्थव्यवस्था को बचाये रखने में सफलता मिली है।
    छत्तीसगढ़ में हमने अपनी संस्कृति, अपने खेतों, गांवों, जंगलों, वनोपजों, प्राकृतिक संसाधनों, लोककलाओं, परंपराओं और इन सबके बीच समन्वय से अपना रास्ता बना लिया। हमें गर्व है कि अर्थव्यवस्था का हमारा छत्तीसगढ़ी माॅडल संकट मोचक साबित हुआ।
    कोरोना संकट पूरी दुनिया के लिए एक सबक बनकर भी आया है कि महाशक्तियों का दम भरने वाले देश किस तरह एक वायरस के आगे बौने साबित हुए और अपनी भावी नीतियों को लेकर चिंतन करने पर विवश हुए हैं। तथाकथित विकास की जडं़े कितनी सतही थीं, जो ऐसा एक झटका भी नहीं सह पायीं। दुनिया यह जानना चाहती है कि छत्तीसगढ़ में विगत डेढ़ वर्ष में ऐसी कौन-सी शक्ति आ गई, जिसने गिरती अर्थव्यवस्था को थाम लिया। 
    मैं बताना चाहता हूं कि हमने किसानों, ग्रामीण आदिवासियों वन आश्रितों और आम जनता को मजबूती दी। 25 सौ रू. क्विंटल में धान खरीदी, कर्ज माफी, सिंचाई कर माफी, 4 हजार रू. मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण मजदूरी, 31 वनोपजों की समर्थन मूल्यों पर खरीदी, खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा, घरेलू बिजली बिल हाफ, सामान्य तथा औद्योगिक भूमि की गाइड लाइन में 30 प्रतिशत की कमी, आवासीय फ्लैट की पंजीयन दर में कमी, औद्योगिक भूमि के हस्तांतरण तथा लीज रेन्ट में कमी, राजस्व तथा श्रम संबंधी सुधार सहित बहुत सारे फैसले ऐसे हैं, जिससे गांवों से लेकर शहरों तक एक नया विश्वास जागा। किसानों, आदिवासियों और वन निवासियों की जेब में हमने 70 हजार करोड़ रू. की राशि डाली। निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के लोगों को हजारों करोड़ रू. की रियायत और राहत दी गई। इससे छत्तीसगढ़ की आम जनता की क्रय शक्ति जागी जिसने उद्योग और व्यापार जगत को सहारा दिया। 
    हमने बड़े और महंगे निर्माण से अर्थव्यस्था के संचालन का मिथक तोड़ दिया है। स्थानीय जनता की सोच से विकास का रास्ता अपनाया है जिसके कारण निवेश और विकास हमराही बन गए हैं। विकास की हमारी सोच, नीति और क्रियान्वयन के बीच इतना गहरा नाता है कि दो वार्षिक बजट काल पूरा होने के पहले ही हम इस दौरान देश के सबसे बड़े रोजगार सृजक राज्य बन गए हैं। लगातार घटती बेरोजगारी दर से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। शिक्षा, कौशल, खेलकूद, कला-संस्कृति और विविध क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़ाने से युवाओं की ऊर्जा तथा उत्पादकता का लाभ भी मिल रहा है।
    कोरोना काल में भी छत्तीसगढ़ में 26 लाख मीट्रिक टन लौह इस्पात सामग्रियों के उत्पादन और आपूर्ति से सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश को सहारा मिला है। जनकल्याणकारी कदमों के साथ कदम मिलाते हुए राज्य में औद्योगिक विकास की संभावनाओं ने कैसे आकार लिया, यह भी बताना चाहूंगा। विगत डेढ़ वर्षों में प्रदेश में 545 नए उद्योगों की स्थापना हुई जिसमें 13 हजार करोड़ रू. का पूंजी निवेश हुआ तथा 10 हजार लोगों को रोजगार मिला। 
    प्रदेश के हर विकासखण्ड में फूडपार्क स्थापित करने का लक्ष्य पूरा करने हेतु हमने  28 जिलों में 101 विकासखण्डों में भूमि का चिन्हांकन कर लिया है। 19 विकासखण्डों में 250 हेक्टेयर सरकारी भूमि का हस्तांतरण किया जा चुका है। रायपुर में ‘जेम्स एण्ड ज्वेलरी पार्क’ की स्थापना हेतु 350 करोड़ रू. की परियोजना पर कार्य शुरू हो चुका है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ परंपरागत तथा नए उद्यमों के विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 
    प्रदेश में बिजली का उत्पादन, उपलब्धता बढ़ाने के लिए कार्य कुशलता में वृद्धि की गई है। वहीं बिजली के उपभोग से रोजगार और खुशहाली में वृद्धि का रास्ता अपनाया है। इसके लिए पारेषण-वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए ‘मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना’ प्रारंभ की जा रही है। 
    सड़क अधोसंरचना के गुणवत्तापूर्ण विकास हेतु सभी शासकीय भवनों और सार्वजनिक सुविधाओं को पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना’ शुरू की गई है। छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम के अंतर्गत 900 किलोमीटर सड़कों का उन्नयन तथा निर्माण किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर आदिवासी अंचलों तक अधूरे सड़क नेटवर्क को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के अधूरे कार्यों को पूरा करने में हमारी तत्परता और सफलता से हमें तृतीय चरण के लिए 5 हजार 600 किलोमीटर से अधिक सड़कों और वृहद पुलों के निर्माण की स्वीकृति मिली है। इस मामले में छत्तीसगढ,़ देश में प्रथम स्थान पर है। आगामी तीन वर्षों में यह लक्ष्य भी पूरा कर लेंगे।
    प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ मैंने इसे अपनी अस्मिता और स्थानीय अवसरों से जोड़ने के लिए 3 प्रमुख कदम उठाने की घोषणा गणतंत्र दिवस के अवसर पर की थी। मुझे खुशी है कि प्रार्थना-सभाओं में संविधान पर चर्चा, स्थानीय बोली-भाषाओं में किताबें तथा छत्तीसगढ़ की महान विभूतियों की जीवनी पर पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है, शिक्षा सत्र जैसे ही नियमित रूप से प्रारंभ होगा, ये सारे कार्य किए जाएंगे।
    लाॅकडाउन के कारण प्रभावित शिक्षा को निरंतर जारी रखने के लिए हमने आॅनलाइन शिक्षा की योजना ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ शुरू की थी जिसका लाभ 22 लाख बच्चों को मिल रहा है तथा 2 लाख शिक्षक-शिक्षिकाएं इस व्यवस्था से जुड़े हैं। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए अब हम गांवों में समुदाय की सहायता से बच्चों को पढ़ाने के लिए ‘पढ़ई तुंहर पारा’ योजना शुरू कर रहे हैं। इंटरनेट के अभाव वाले अंचलों के लिए ‘ब्ल्यू टूथ’ आधारित व्यवस्था ‘बूल्टू के बोल’ का उपयोग किया जाएगा। 
    स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास के लिए एक ओर जहां 37 स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों का निर्माण किया जा रहा है वहीं कोरोना के उपचार हेतु 30 अस्पताल, 3 हजार 383 बिस्तर, 517 आईसीयू बिस्तर, 479 वेन्टिलेटर उपलब्ध कराए गए हैं। जिलों में 155 आइसोलेशन सेंटर विकसित किए गए, जहां लगभग 10 हजार बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है। टेस्टिंग सुविधा जो अभी 6 हजार 500 प्रतिदिन पहुंची है, उसे 10 हजार प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। वर्तमान में 1 हजार 900 हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, जिसे आगामी वर्ष तक 3 हजार 100 किए जाने का लक्ष्य है। 
    हमने 26 जनवरी 2020 को ‘डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना’ शुरू की थी, जिसके तहत मात्र सात महीनों में 256 करोड़ रू. व्यय कर 2 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। इसी प्रकार विशेष जरूरतों के लिए 20 लाख रू. तक मदद करने वाली देश की अव्वल ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना’ में सात माह में 4 करोड़ रू. व्यय कर 270 मरीजों का उपचार किया गया।
    स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बढ़ाने के लिए शहरी क्षेत्रों में ‘मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत प्रथम चरण में सभी 14 नगर निगमों में 70 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से चिकित्सक हर जरूरतमंद की चैखट पर पहुंचेंगे। ‘डाॅ. राधाबाई डायग्नोस्टिक सेंटर योजना’ भी शुरू की जाएगी, जो रियायती दरों पर पैथोलाॅजी तथा अन्य जांच सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
    नगर निगमों में स्थापित 101 ‘मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालयों’ से नागरिकों को मिली सुविधाएं उत्साहवर्धक हैं। अब हम घर पहुंच सेवाओं के लिए नगरीय क्षेत्रों में ‘मुख्यमंत्री मितान योजना’ शुरू करेंगे, जिसमें काॅल सेंटर में फोन करके आवेदन, दस्तावेज आदि भेजे जा सकते हैं। ‘आॅनलाइन’ तथा ‘एसएमएस एलर्ट’ के माध्यम से न्यूनतम खर्च पर घर बैठे कई तरह की सेवाएं दी जाएंगी। संस्कृति और परंपरागत रोजगार की संवाहक, हमारी ‘पौनी पसारी योजना’ के तहत 122 स्थानों पर बाजारों का निर्माण किया जा रहा है। मैं अपील करना चाहता हूं कि भूमिहीन परिवारों को शासकीय भूमि का पट्टा देने की योजना का लाभ, पात्र परिवार अधिक से अधिक संख्या में उठायें। पट्टों को फ्री होल्ड कर मालिकाना हक प्रदान करने का कार्य भी शुरू किया गया है। आवास योजना का लाभ भी हितग्राहियों को दिलाएंगे। इसके साथ ही पट्टे के मूल क्षेत्रफल से 50 प्रतिशत से अधिक में काबिज भूमि के नियमितीकरण का कार्य भी शुरू किया गया है। मुझे विश्वास है कि भूमिहीन परिवारों को धरती के अपने हिस्से पर हक दिलाने का यह काम एक ऐतिहासिक कीर्तिमान रचेगा।
    भाइयों एवं बहनों, आपको यह जानकर खुशी होगी कि हमने किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का वादा निभाते हुए भी एक कीर्तिमान बना लिया है। वर्ष 2019-20 में लगभग 13 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करायी गई। इस कार्य में और गति लाने के लिए एक ओर हमने ‘छत्तीसगढ़ सिंचाई विकास निगम,’ इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण का गठन किया है, वहीं दूसरी ओर ‘बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना’ को भी प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। मेरा वादा है कि मुआवजा और पुनर्वास पैकेज का निर्धारण बस्तर के लोगों से पूछकर किया जाएगा। हम एक ऐसी सर्वश्रेष्ठ परियोजना बनायेंगे, जो बस्तरवासियों के सपनों को सच करे। इस तरह हम पांच वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वर्तमान सिंचाई क्षमता को दोगुना करेंगे।
    किसान भाइयों और बहनों, हमें इस बात पर गर्व है कि हमारी सरकार किसान हितकारी सरकार कहलाती है। ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के तहत हमने आपको मिलने वाले 5 हजार 700 करोड़ रू. की पहली किस्त 1 हजार 500 करोड़ रू. दी थी। इसकी दूसरी किस्त राजीव जी की जयंती पर 20 अगस्त को दी जाएगी।
    हमारी ‘सुराजी गांव योजना’ तेजी से आकार ले रही है। नरवा, गरवा, घुरवा, बारी का तेजी से विकास हो रहा है। हमने वादा किया था कि गौठान को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लोक संस्कृति का आंगन बनायेंगे। इस क्रम में ‘गोधन न्याय योजना’ की शुरूआत भी हो चुकी है। अब गोबर को धन में बदलने का कार्य आपको करना है। व्यवस्था हमारी रहेगी और समृद्धि आपकी होगी। संग्रहण से भुगतान तक, वर्मी कम्पोस्ट बनाने से बेचने तक, गोबर के अन्य कलात्मक उपयोग से लेकर विपणन तक आपके सारे काम सुचारू ढंग से होंगे। ब्याज मुक्त कृषि ऋण के लिए हमने इस साल इतिहास का सबसे बड़ा 5 हजार 200 करोड़ रू. का लक्ष्य रखा है, जिसकी 72 प्रतिशत राशि का वितरण मात्र पांच माह में किया जा चुका है। आपके इस उत्साह के लिए साधुवाद। कृषि में इस निवेश का लाभ आपको आगामी फसल में मिलेगा।
    खेती-किसानी में नए ज्ञान की फसल उपजाने के लिए हम ‘महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय,’ 4 नए उद्यानिकी काॅलेज तथा 1 खाद्य तकनीकी एवं प्रसंस्करण काॅलेज भी खोलने जा रहे हैं। दुग्ध उत्पादन और मछली पालन को नए ज्ञान का सहारा देने के लिए 3 विशिष्ट पाॅलीटेक्निक काॅलेज भी खोले जायेंगे।
    न्याय योजनाओं की पहल के बाद अब इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए ‘भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ की घोषणा हमने की है, जिसे जल्दी ही साकार किया जाएगा। प्रदेश के विकास और खुशहाली में मजदूरों की भागीदारी तय करना भी हमारे पुरखों का सपना था और हमारा कत्र्तव्य है। ‘महात्मा गांधी नरेगा योजना’ ने संकट के इस दौर में अपनी सार्थकता सिद्ध की है। योजना के प्रारंभ से लेकर अभी तक सर्वाधिक प्रतिदिन 25 लाख श्रमिकों को रोजगार देने का कीर्तिमान भी हमने बनाया है। 100 दिवस रोजगार देने के मामले में भी हम देश में दूसरे स्थान पर रहे हैं। हमने मनरेगा को वन अधिकार पट्टे, पंचायतों में निर्माण कार्य, खाद्यान्न संरक्षण, जल संवर्धन, गौठान निर्माण जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्यों से जोड़कर इसकी उपयोगिता का दायरा बढ़ाया है। 
    वन अंचलों में रहने वाले हमारे आदिवासी भाई-बहनों, मुझे यह कहते हुए खुशी है कि आपके क्षेत्रों में अब आपके मन मुताबिक विकास की बयार बहने लगी है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की बीमा योजना बंद करके अगर कोई यह सोचता है कि वह आपकी प्रगति के रास्ते बंद कर देगा, तो यह मुगालता भी हमने समाप्त कर दिया है। हमने ‘शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना’ शुरू कर दी है, जिसमें न तो प्रीमियम भरना पड़ेगा और न ही दावों के भुगतान के लिए कई महीनों का दुखदायी इंतजार सहना पड़ेगा। 
    इसके साथ ही हमने 7 के स्थान पर 31 वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू कर दी है, जो लाखों परिवारों के जीवन का आधार बनेगा। हमारे नए प्रयासों का परिणाम भी मिलने लगा है। अल्पसमय में ही, हम देश में सर्वाधिक वनोपज संग्रह करने वाले राज्य बन गए हैं। यह सिलसिला तेजी से आगे बढ़ाएंगे जिसके जरिए हम साल में 2 हजार 500 करोड़ रू. की आय आपकी जेब में डालने का लक्ष्य पूरा करना चाहते हैं।
    ‘‘अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम-2006’’ हमारी विरासत का जगमगाता उदाहरण है। आप सबको विदित है कि इसका उचित क्रियान्वयन क्यों नहीं हो पाया ? किस वजह से निरस्त दावों का पहाड़ बना दिया गया था और सामुदायिक पट्टों के वितरण में क्यों अरुचि थी? हमने निर्णय लिया था कि निरस्त दावों की समीक्षा करेंगे और सामुदायिक पट्टे प्राथमिकता से देंगे। इस तरह अब नए सिरे से उच्च प्राथमिकता से वन अधिकार पट्टे दिए जा रहे हैं, जिससे आजीविका, स्वावलंबन और अधिकार का नया युग शुरू हुआ है। हमारी उपलब्धियां देश में सर्वोच्च हैं।
    आदिवासी अंचलों में वनोपज का कारोबार निश्चित तौर पर आपको सिर उठाकर जीने का अवसर देता है, लेकिन इसके साथ ही प्रसंस्करण की सुविधा जोड़ देने से अब बस्तर का काजू, बस्तर की इमली, बस्तर का मक्का, बस्तर की हल्दी जैसी ब्रांडिंग होने लगी है जो नई पीढ़ी के लिए रोजगार और आपका मुनाफा बढ़ाएगी। आपकी संस्कृति के साथ आपकी आर्थिक समृद्धि भी बढ़ाएगी। हम आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल, दक्षता, जरूरी अधोसंरचना के नए-नए द्वार खोल रहे हैं। ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान की सफलता उत्साहवर्धक है। वहीं आकांक्षी जिला ‘बीजापुर’ ने देश में अव्वल होने का परचम लहराया है।
    भगवान राम दुनिया में अरबों-खरबों लोगों के मन-मंदिर में विराजते हैं। हम कण-कण और रग-रग में उनकी उपस्थिति महसूस करते हैं। उनका छत्तीसगढ़ से गहरा नाता है। माता कौशल्या का मायका यानी रामजी का ननिहाल छत्तीसगढ़ है। इस नाते भगवान राम हमारी लोक आस्था में ‘भांचा राम’ के रूप में बसे हैं। इसके अलावा वनवास के दौरान रामजी का काफी समय छत्तीसगढ़ में ही बीता। लव-कुश के जन्म और महर्षि वाल्मीकि की छत्र-छाया में उनकी शिक्षा-दीक्षा जैसे अनेक प्रसंगों के साक्ष्य लोक आस्था को आनंदित व गौरवान्वित करते हैं।
    माता कौशल्या, भगवान राम और उनसे जुड़े विभिन्न प्रसंगों की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए हमने ‘कोरिया से सुकमा’ तक ‘राम वन गमन पर्यटन परिपथ’ विकास की योजना बनाई है और उसे शीघ्रता से क्रियान्वित भी कर रहे हैं। चंदखुरी में माता कौशल्या मंदिर परिसर को भव्य स्वरूप देने का कार्य शुरू किया गया है। इस पावन कार्य में प्रदेश की जनता को सहभागिता का अवसर देने के लिए ‘राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकास कोष’ का गठन किया जाएगा। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में एल.ई.डी. वाहनों के माध्यम से परिपथ का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। हम विश्व प्रसिद्ध बौद्ध आस्था केन्द्र, सिरपुर को विश्व मानचित्र में प्रतिष्ठित कराने के प्रयासों के साथ ही, यहां समुचित अधोसंरचनाओं का विकास कर रहे हैं। 
    हरेली, तीजा, भक्त माता कर्मा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस जैसे दिवसों पर अवकाश घोषित करके हमने जिस सांस्कृतिक उत्थान का आरंभ किया था, उसे अब शिखर पर पहुंचाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद’ का गठन किया गया है। नवा रायपुर में फिल्म सिटी का विकास किया जाएगा। रायपुर में स्वामी विवेकानंद स्मारक की स्थापना की कार्यवाही आरंभ कर दी गई है। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी खानपान एवं व्यंजनों को बढ़ावा देने हेतु प्रत्येक जिले में ‘गढ़ कलेवा’ केन्द्र खोला जाएगा। विडम्बना है कि राज्य गठन के बीसवें वर्ष तक भी छत्तीसगढ़ी भाषा को उसका वाजिब हक नहीं मिला है, इसलिए मैंने प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में स्थान दिलाने का आग्रह किया है।  
    हमने गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के गठन से इस अंचल के वर्षों पुराने सपने को पूरा किया है। मरवाही अनुभाग, मरवाही नगर पंचायत के साथ करोड़ों रू. के विकास कार्यों की सौगात दी गई है। आज मैं घोषणा करता हूं कि मरवाही में महंत बिसाहू दास जी के नाम से उद्यानिकी महाविद्यालय भी खोला जाएगा। मेरा वादा है कि यह नया जिला जनहितकारी योजनाओं और सर्वांगीण विकास के नए-नए शिखरों को छूएगा।
    प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा उनके हितों की रक्षा के लिए मैं घोषणा करता हूं कि राज्य में होने वाली नई नियुक्तियों तथा पदोन्नतियों के लिए गठित की जाने वाली समितियों में महिला प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। 
    मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हमने सुरक्षा बलों का मनोबल और सुविधाएं बढ़ाकर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार लाया है। पुलिस अधिकारियों- कर्मचारियों को मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। उनके अवकाश, अनुकंपा नियुक्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा रिस्पांस भत्ते के रूप में बड़ी राहत दी गई है। राज्य आपदा मोचन बल के जवानों को 50 प्रतिशत जोखिम भत्ता दिया गया है। वहीं महिला डेस्क, महिला हेल्पलाइन, सीनियर सिटिजन हेल्पलाइन, अंजोर रथ, पुलिस जनमित्र, ग्राम रक्षा समिति, स्पंदन आदि कार्यक्रमों से सामुदायिक पुलिसिंग को सुदृढ़ किया गया है। 
    मैंने कहा था कि नक्सल मोर्चे पर हमारा पहला प्रयास प्रभावित पक्षों के बीच परस्पर विश्वास और सद्भाव बहाली का होगा। प्रभावित अंचलों में स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने वाले विकास कार्य संचालित किए जायेंगे। आज मैं यह कह सकता हूं कि नक्सलवादी वारदातों में अंकुश तथा आदिवासी अंचलों में विकास के नए रंग हमारी रणनीति की सफलता का प्रतीक हैं। हमने आजादी की लड़ाई से न्याय की जो यात्रा शुरू की थी, उसे अब जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। यही ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ने के हमारे सपनों और इरादों का आधार है। आप सबके प्यार, सहयोग, समर्थन और सीधी भागीदारी से ही यह संभव होगा।
     
  • किराना व्यावसायी के बेटे की बेरहमी से पिटाई, पैर तोड़ कर फेका

    14-Aug-2020

     बिलासपुर : बिलासपुर के मस्तूरी थाना इलाके में भनेसर मिशन के पास पुरानी रंजिश के चलते शुक्रवार देर शाम आधा दर्जन बदमाशों ने बाईक सवार तीन युवकों की जमकर पिटाई कर दी और एक युवक का अपहरण कर लिया। अपहृत युवक की लाठी-डंडों और बेल्ट से जमकर पिटाई की गई। इतना ही नहीं आरोपियों ने युवक का पैर तोड़ दिया और फिर उसे अधमरा हालत में आईटीआई कोनी के पीछे फेंककर भाग निकले। युवक को गंभीर हालत में सिम्स में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि ग्राम पाराघाट, शंकर मोहल्ला निवासी सुरेश कुमार वस्त्रकार किराना दुकान चलाते हैं। उन्होंने शुक्रवार को अपने बेटे आशीष को जयरामनगर सामान खरीदने के लिए भेजा था। आशीष अपने दोस्त प्रियेश और एक अन्य के साथ निकला। तीनों शाम करीब 7 बजे लौट रहे थे। इसी दौरान अनुराग तिवारी अपने 6-7 साथियों के साथ दो बाइक में आए। भनेसर मिशन के सामने आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया और बाइक पर बैठे आशीष को नीचे खींच कर उतार लिया। आरोपियों ने उससे कहा कि अपनी आदत से नहीं सुधरेगा और डंडा, बेल्ट, हाथ-मुक्का से पीटना शुरू कर दिया। बीच-बचाव करने आए प्रियेश व उसके एक अन्य साथी को भी पीटकर भगा दिया। जबकि आशीष को आरोपी अपनी बाइक में बिठाकर ले गए। प्रियेश ने गांव आकर आशीष के पिता सुरेश को घटना की जानकारी दी तो वह थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस आशीष को ढूंढने निकली तो वह कोनी आईटीआई के पीछे सुनसान जगह पर पड़ा मिला। इसके बाद पुलिस ने उसे सिम्स में भर्ती कराया। उसकी हालत काफी गंभीर है। 

  • हुसैन खान ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई

    14-Aug-2020

     कवर्धा : यूथ कांग्रेस कवर्धा के विधान सभा संयोजक हुसैन खान ने समस्त क्षेत्र वासियों को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं मुबारकबाद दी है । 

  • हम करें राष्ट्र आराधन, प्रो.द्विवेदी की कलम से

    14-Aug-2020
                 राजनांदगांव : सर्वप्रमुख राष्ट्रीय पर्व एवं स्वाधीनता की गौरव वर्षगांठ दिवस पन्द्रह अगस्त के परम् पुनीत परिप्रेक्ष्य में नगर के विचार विज्ञ प्राध्यापक कृष्ण कुमार द्विवेदी ने विशिष्ट चिन्तन टीप में कहा कि स्वतंत्रता दिवस माँ भारती के असंख्य वीर सूपतों के अनुपम त्याग तपस्या और अमर बलिदानों की पुण्य गाथा का स्मरण कराने के साथ-साथ प्रत्येक भारतीय जन जन को राष्ट्र रक्षा, सेवा के सुदृढ़ संकल्प के लिए भी अभिप्रेरित करता है। हमारी स्वाधीनता के नब्बे वर्षीय (1857 से 1947) संघर्ष, आन्दोलन में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों के प्रति विनम्र श्रद्धा सुमन अर्पण, पावन स्मरण का यह राष्ट्रीय पर्व समस्त देशवासियों को हमारी एकता अखण्डता को अक्षुण्य बनाये रखने के महत्तम कर्तव्य दायित्व निर्वहन की भी प्रेरणा देता है। आगे प्राध्यापक द्विवेदी ने देश-धरती की युवा, किशोर, प्रबुद्ध पीढ़ी को आह्वान्वित किया कि महान् गौरवशाली अद्भूत प्रेरणादायी पंक्तियों - ''हम करें राष्ट्र आराधन, हम करें राष्ट्र अभिवादनÓÓ करे मन-प्राण से आत्मसात कर समग्र राष्ट्रबोध के साथ राष्ट्र की सेवा, विकास व सर्वकल्याण के साथ राष्ट्र की सेवा, विकास व सर्वकल्याण के लिये सतत् तत्पर हो। देश की स्वाधीनता के लिये शहीद हुये अमर सपूतों के स्वर्णिम सपनों का पूर्ण रूपेण साकार करने के लिये रचनात्मक पहल करें। यही सर्व देशवासियों का हमारी आजादी पर्व का सद्संकल्प होगा और शहीदों के प्रति सत्य सार्थक श्रद्धांजलि होगी।
     
  • मुख्यमंत्री ने ईआईए अधिसूचना के मसौदे पर उठाए सवाल

    14-Aug-2020
     बघेल ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखा पत्र
    रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिख कर पर्यावरण प्रभाव आंकलन (EIA) अधिसूचना के मसौदा पर सवाल उठाए हैं। श्री बघेल ने कहा कि यह मसौदा सतत विकास की प्रक्रिया को बाधित करेगा। उन्होंने पत्र के माध्यम से मसौदे को लेकर कुछ सुझाव और आपत्ति भी दर्ज कराई है।
    श्री बघेल ने केंद्रीय मंत्री को पत्र में लिखा है कि मैं पर्यावरण मंजूरी देने की नई प्रक्रिया को अधिक समीचीन और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस से जोड़ने के आपके उद्देश्य को समझता हूं।
    लेकिन ईआईए अधिसूचना, 2020 के मसौदे के प्रावधान पर्यावरणीय न्यायशास्त्र के अनुरूप नहीं हैं और ये "सतत विकास 'और ईआईए प्रक्रिया के अपने उद्देश्यों को पूरी नहीं करता है।
    सीएम बघेल ने लिखा है कि ईआईए अधिसूचना 2020 के मसौदा में पर्यावरण मंजूरी देने के संबंध में प्रदेश सरकार के विचारों और राय को शामिल नहीं किया गया है। वहीं, ईआईए अधिसूचना, 2020 के मसौदे में कोई ऐसा प्रावधान नहीं है, जो अनुसूची V और VI के तहत संवैधानिक अधिकारों की गारंटी देता हो।
    श्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि ईआईए अधिसूचना के प्रारूप में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक संवेदनशीलता को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
    पत्र में श्री बघेल ने उम्मीद जताई है कि ईआईए अधिसूचना 2020 के प्रारूप को अंतिम रूप देने से पहले उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।
  • गांव में घुसा तेंदुआ, दहशत

    14-Aug-2020

     कांकेर : दुधावा क्षेत्र के गांव सालेटोला व धनोरा में बीती रात एक तेंदुए ने जमकर उत्पात मचाया। एक घर में घुसकर गाय के दो बछड़ों को जहां अपना शिकार बनाया, वहीं एक महिला को भी घायल कर दिया। घटना के बाद से ही ग्रामीण दहशत में हैं। वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है और तेंदुए के गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। ग्राम धनोरा निवासी निलेश राय के कोठे में बंधे दो बछड़ों पर तेंदुए ने हमला कर उन्हें मार डाला और एक बछड़े को बुरी तरह से घायल कर दिया। जिसके बाद तेंदुआ वहां से भाग निकला। तेंदुए का आतंक यही समाप्त नहीं हुआ। रात में ग्राम सालेटोला निवासी वृद्धा पीलाबाई नाग पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुए का हमला होने पर बचाव में पीलाबाई ने आवाज लगाई। आवाज सुनकर उनका पुत्र वहां पहुंचा और शोर मचाने लगा। जिससे तेंदुआ भाग खड़ा हुआ, लेकिन तेंदुए ने पीलाबाई के सिर व पीठ पर नाखूनों से वार कर घायल कर दिया। जिसके बाद ग्रामीणों की पूरी रात दहशत में कटी। रातभर ग्रामीणों को तेंदुए का खौफ सताता रहा और ग्रामीण रात के अंधेरे में घरों से बाहर नहीं निकले। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ मंगलवार से ही गांव के आसपास घुम रहा था। इससे पहले भी क्षेत्र में तेंदुआ अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है। कुछ महीनों पहले भी तेंदुए ने एक गांव में घुसकर रात भर उत्पात मचाया था।

  • तृतीय लिंग वर्ग के आवेदकों को भी अब मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति

    13-Aug-2020
           रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य में तृतीय लिंग के आवेदकों को अनुकंपा नियुक्ति देने का बड़ा फैसला लिया है। उल्लेखनीय है कि ऐसे शासकीय सेवक जिनकी संतान अथवा आश्रित तृतीय लिंग वर्ग के हैं उन्हें उनके अविभावक की शासकीय सेवा के दौरान मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति देने का कोई प्रावधान नहीं था। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ऐसे आवेदकों की समस्याओं पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए तृतीय लिंग वर्ग के आवेदकों को भी अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने के निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग को दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जल्द ही इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
  • बिक गई बेश कीमती शासकीय सराय की भूमि

    13-Aug-2020
    राजस्व अनुविभागीय विभाग की घोर लापरवाही. 
    क्षेत्र के नागरिकों का राजस्व न्यालय से टुटा भरोसा. 
    निस्तार पत्रक, बंदोबस्त, नक्शा  व वर्तमान भौगोलिक स्थिती मे जमीन आसमान का अंतर. 
    पूँजीपतियों, रसूकदारों का है भूमि पर कब्जा. 
    तहसीलदार व पटवारी की संदेहस्पद भागीदारी.
             अम्बागढ़ चौकी : नगर पंचायत अम्बागढ़ चौकी में बेश कीमती सरकारी भूमि को षडयंत्र पूर्वक बेचे जाने का मामला सामने आया है। नगर  के मुख्य मार्ग कुमार लाल भीष्मदेव शाह चौक, वार्ड क्रमांक 2,  पर स्थित बेसकिमति शासकीय सराय की भूमि से की छेड़ खानी हुई है । इसे किसी अन्य व्यक्ति ने कूट रचित कर बेच दिया गया है। आखिर यह कार्य किसने और किसके इशारे से किया, यह बहुत ही महत्वपूर्ण  जांच का विषय है । नागरिकों के मन मे राजस्व विभाग के प्रति विश्वाश निरंतर टूटते जा रहा है। विषय वस्तु  खसरा नं. 160/1 रकबा 11 डिसमिल एंव खसरा नं. 162 रकबा 08 डिसमिल पृथक-पृथक से शासकीय सराय की भूमि निस्तार पत्रक पर अंकित है । दिनांक 08-10-1956 । दुर्ग जिला बालोद तहसील पटवारी हल्का नम्बर 106 चौकी अब सोचने वाली बात यह है कि खसरा नं.160/1 तीन भागो में कैसे बट गया । यह कैसे, कब,किसके इशारे से बनी जबकि मूल खसरा 160/1 मात्र 11 डिसमिल हो वह तीन भाग कैसे बनी यह जांच का विषय है । निरंतर संबंधित विषय पर आपत्ति, पेशी चलता रहा है किन्तु राजस्व विभाग द्वारा केवल पेशी पर पेशी, दिनांक पर दिनांक की कारवाही निरंतर प्रचलन पर है । गरीब पीस रहे हैं, पूँजीपति हंस रहे हैं। निरंतर राजस्व न्यालय के दर से न्याय मुँह मोड़ रहा है। आपत्ति व पेशी का परिणाम घोषित करने मे दुविधा कैसी यह समझ से परे है। 
              नगर के नागरिकों का कहना है कि पूर्व मे खसरा क्रमांक 160/1 अम्बागढ़ चौकी, शासकीय सराय की भूमि थी, जल निकास निस्तारण हेतु इस रकबा को चिन्हअंकित किया गया था व राजस्व बंदोबस्त मे स्थान सुनिश्चित किया गया किन्तु कुछ वर्षो मे  शासकीय सराय की भूमि मे पूँजीपतियों का बड़े बड़े घर निर्मित हो जाना कुछ भूमि का नामांतरण व रजिस्ट्री हो जाना, तहसीलदार व पटवारी की भूमिका पर निरंतर सवाल उठा रहे है । संबंधित भूमि ख़रीदी फरोख्त मे रिश्वत खोरी की महक आ रही । 
               शिवसेना नेता दिनेश ताम्रकार का कहना है कि  खसरा क्रमांक 160 / 1 शासकीय सराय की भूमि क्रय विक्रय, रजिस्ट्री, नामांकन व नामांतरण सामान्य निजी व्यक्ति के नाम,  राजस्व के किस धारा व नियम अनुरूप होता है राजस्व अधिकारी द्वारा नगर के नागरिकों को समाचार प्रकाशन के माध्यम से सूचनार्थ करना चाहिए,  जिससे नगर के पूँजीपति ही क्यों गरीब तबके के नागरिक भी इस राजस्व अधिनियम के नियमों का लाभ ले कर किसी शासकीय भूमि को अपने नाम करने मे कुशल हो और अगर शासकीय सराय भूमि का नामांतरण रजिस्ट्री किसी व्यक्ति विशेष नहीं हो सकता तो पूँजीपति द्वारा किया गया अतिक्रमण को हटाना  सुनिश्चित करें । तहसील अन्तर्गत समक्ष विषय पर कारवाही ना होना तहसीलदार व पटवारी की संदिग्ध भूमिका प्रदर्शित करता है । यह राजस्व न्यालय के लिए बहुत ही आलोचना का विषय है। 
  • गार्ड की पिटाई कर शराब दुकान का लॉकर उखाड़ ले भागे लुटेरे

    13-Aug-2020

     आरंग : आरंग के कुल्लू गांव स्थित शराब दुकान में देर रात 10 लाख की लूट हो गई। लुटेरों ने पहले तो वहां सो रहे दोनों गर्डों की जमकर पिटाई की और उन्हें बंधक बना कर दीवार में लगे लॉकर को उखाड़ कर ले भागे । बताया जाता है कि लुटेरे देर रात करीब 3 बजे आये थे । पुलिस पूछताछ में पता चला है कि लॉकर में करीब 10 लाख रुपए थे। गार्डों ने पुलिस को बताया कि बदमाश स्थानीय बोली और हिंदी में बात कर रहे थे। इसी के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि वह सभी स्थानीय ही हो सकते हैं। फिलहाल, अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आ सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • वन विभाग के सूमो और कार में भिडंत, 3 लोगों की मौत

    12-Aug-2020

     कांकेर : बीती रात केेशकाल में हुए जबरदस्त हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना रात करीब 10 बजे अवरभांठा के पास की है । भिडंत सरकारी वाहन और निजी वाहन के बीच हुई । सरकारी वाहन में सवार दोनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं, तो निजी कार में सवार तीन लोगों ने दम तोड़ दिया है। कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई वहीं अन्य दो युवकों ने अस्पताल ले जाते वक्त दम तोड़ दिया। दोनों को रायपुर रेफर ले जाया जा रहा था। वहीं सूमो में सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हैं जिनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरस गांव में इलाज जारी है। केशकाल निवासी रज्जू पांडेय उम्र 45 वर्ष, संतोष पाटिल उम्र 38 वर्ष व अनिल सिन्हा उम्र 40 वर्ष, ये तीनों कार क्रमांक सीजी 04 डीई 5000 में नारायणपुर से केशकाल की ओर जा रहे थे। वहीं वन विभाग के दो कर्मचारी सूमो वाहन में रायपुर से कोंडागांव की ओर जा रहे थे। तभी रात लगभग 10 बजे केशकाल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम आंवरभाठा के पास दोनों वाहनों की आमने सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए वहीं कार चालक रज्जू पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल फरसगांव पुलिस मौके पर पहुंची तथा सड़क पर पड़ी वाहनों को हटा कर यातायात बहाल किया गया।

  • डॉ. रमन सिंह की पत्नी कोरोना की चपेट में

    12-Aug-2020

     रायपुर : प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पत्नी श्रीमती वीणा सिंह कोरोना पजिटिव पाई गई है । डॉ. रमन सिंह ने ट्विट करते हुए जानकरी दी  है कि उनकी पत्नी वीणा सिंह कोरोना पॉजिटिव है । वीणा सिंह के कोरोना पाॅजिटिव पाए जाने के बाद अन्य सभी सदस्यों का सैम्पल जांच के लिए भेजा जा रहा है । तब तक सभी घर पर ही आइसोलेशन में रखे गए हैं । 

     

     

  • मुठभेड़ में 4 नक्सली ढेर

    12-Aug-2020

    सुकमा : सुकमा में बुधवार सुबह नक्सलियों के साथ हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबल के जवानों ने 4 नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए नक्सलियों में दो वर्दीधारी भी हैं। फिलहाल मारे गए नक्सलियों का शव लेकर जवान लौट रहे हैं। आने के बाद ही ज्यादा जानकारी मिल सकेगी। जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर मंगलवार रात ऑपरेशन लॉन्च किया गया था। जगरगुंडा थाने से सीआरपीएफ 223 बटालियन और डीआरजी के जवान और नरसपुरम कैंप से कोबरा 201 बटालियन के जवानों को रवाना किया गया। चिंतलनार क्षेत्र में 50 से ज्यादा नक्सलियों के मौजूद होने की सूचना मिली थी । जवान बुधवार सुबह करीब 6.30 बजे चिंतलनार और जगरगुंड़ा के बीच पूलनपाड़ के जंगलों में पहुंचे ही थे कि नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में जवानों ने भी कार्रवाई की। इस दौरान करीब 3.30 घंटे 9 बजे तक रुक-रुक कर फायरिंग चलती रही। जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। इसके बाद जवानों ने सर्चिंग में चार नक्सलियों के शव बरामद किए। इनमें दो वर्दी में थे, जबकि दो अन्य ग्रामीण वेशभूषा में थे। मौके से जवानों ने 3 भरमार बंदूक और एक 303 राइफल भी बरामद की है। मारे गए नक्सलियों के नाम अभी सामने नहीं आ सके हैं। 

  • कोरोना संक्रमित व्यक्ति ने लगाई एम्स की तीसरी मंजील से छलांग

    11-Aug-2020

     रायपुर : एम्स में भर्ती 65 वर्षीय कोरोना मरीज ने मंगलवार आधी रात के बाद 1:30 बजे तीसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी । पुलिस के मुताबिक लालपुर के बुजुर्ग को पॉजिटिव आने के बाद 8 अगस्त को एम्स में भर्ती किया गया था। देर रात बुजुर्ग ने बालकनी से छलांग लगा दी। उनकी गिरते ही मौत हो गई। बुजुर्ग के शव को एम्स की मरचुरी में रखा गया है। इधर, प्रदेश में भी कोरोना से पांच मौतों की खबर है। मंगलवार को रायपुर एडीएम समेत उनके परिजन भी पाजिटिव निकले हैं। स्वाथ्य मंत्री के बंगले से 10 केस मिले हैं। दुर्ग महापौर व बिलासपुर नगर निगम कमिश्नर भी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। मंगलवार को राजधानी में 105 और प्रदेश में 360 केस आए। रायपुर, राजनांदगांव में दो-दो व दुर्ग में 1 समेत 5 की मौत भी हुई है। प्रदेश में कोरोना से मृतकों की संख्या 105 पहुंच गई है, जिनमें सर्वाधिक 47 रायपुर के हैं। राजधानी समेत अभी अलग-अलग अस्पतालों में 3615 लोग भर्ती हैं। प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 12985 हो गई है। राहत की बात ये है कि अब तक 9239 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। मंगलवार को 222 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। प्रदेश में संक्रमण की सबसे तेज रफ्तार रायपुर में ही है। 

  • स्कूल कब खुलेंगे तय नहीं - शिक्षा मंत्री

    11-Aug-2020

     रायगढ़ : स्कूल शिक्षामंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम ने कहा है जब भी प्रदेश में स्कूल खुलेंगे, पहले हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल शुरू किए जाएंगे। प्रायमरी या मिडिल स्कूल को फिलहाल शुरू करना ठीक नहीं होगा। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मंत्री ने यह बातें कहीं। आगे उन्होंने कहा कि बड़ी क्लास के बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर पढ़ा सकते हैं, वो खुद भी अपना ख्याल रख सकते हैं। हालांकि प्रदेश में स्कूल कब खुलेंगे यह तय नहीं हो सका है। केंद्र सरकार ने 31 अगस्त तक स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। कोई भी फैसला 31 अगस्त के बाद ही होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम मंगलवार को जशपुर जाते वक्त रायगढ़ में रुके। उन्होंने जिले के सारंगढ़, बरमकेला और पुसौर ब्लॉकों के गांवों में चल रही पढ़ाई तुहंर दुआर स्कीम का जायजा लिया। ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेस ली जा रही है। ऑफलाइन क्लास में बच्चों को मुहल्लों में किसी एक जगह-जगह दूर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। मंत्री डॉ टेकाम ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूलों में पढ़ाई काफी नुकसान हुआ है, बच्चें पढ़ाई में पिछड़े नहीं इसके लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई कराने पर फोकस किया जा रहा है।

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