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छत्तीसगढ़

  • थानेदार ने जबरन चोरी मामले में फंसाया, युवक की आत्महत्या मामले में गंभीर आरोप

    01-Aug-2025
    कवर्धा। युवक की आत्महत्या मामले में थानेदार पर जबरन चोरी केस में फंसाने का आरोप लगा है, पूर्व सीएम ने x पोस्ट कर लिखा, बोड़ला के थानेदार राजेश चंट ने एक बड़ा कारनामा किया है. इसकी वजह से माखन लाल यादव नाम के युवक को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा है. इस आत्महत्या के विरोध में ग्रामीणों ने शव को लेकर प्रदर्शन भी किया. तब कहीं पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाया और मृतक के अंतिम संस्कार के लिए 25 हज़ार रुपए भी परिवार को दिए. बताया जा रहा है कि मामला चोरी के एक मामले में मृतक माखन लाल यादव के छोटे भाई गोपाल यादव को फंसाने का है. उनके करीबी लोगों का कहना है कि कुछ लोग चोरी का सामान लेकर गोपाल के पास पहुंचे थे और गोपाल ने इसके बारे में कुछ व्हाट्सऐप ग्रुप में लोगों से पूछ लिया कि चोरी का यह सामान किसका है?  पुलिस ने चोरों को पकड़ने की जगह गोपाल को हिरासत में ले लिया और उससे तीन लाख रुपए की मांग करने लगे. परिवार पर भी पैसे देने का दबाव डाला गया जिसकी वजह से माखन यादव ने आत्महत्या जैसा घातक क़दम उठाया. उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा के क्षेत्र में पुलिस इससे पहले भी कारनामे कर चुकी है. यह नया मामला अगर किसी निर्दोष को बेवजह फंसाने का है तो यह हम सबके लिए भी चिंता की बात है और विजय शर्मा जी के लिए भी. थानेदार और जांच अधिकारी को सख़्त आदेश दिए जाने की ज़रूरत है. 
  • पंडरी ब्वायस हॉस्टल में चोरी, अंतर्राज्यीय चोर पकड़ाए

    01-Aug-2025
    रायपुर। हॉस्टल से लैपटॉप और मोबाईल चोरी करने वाले तमिलनाडू के 3 अंजर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार हुए है।शिवनाथ सिन्हा ने थाना सिविल लाईन में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह शंकर नगर रायपुर में रहता है तथा उसका पंडरी में संध्या रेसीडेंसी के नाम से ब्वायस हॉस्टल है जिसमें पढ़ने एवं नौकरी करने वाले कुल 22 लडके अलग -अलग कमरों में रहते है। दिनांक 28.07.2025 को हॉस्टल के 03 अलग - अलग कमरों में रहने वाले लड़कों ने प्रार्थी को बताया कि उनके कमरे में रखा मोबाईल फोन, लैपटॉप एवं अन्य दस्तावेज नहीं है। कोई अज्ञात चोर हॉस्टल के 03 कमरों में प्रवेश कर कमरों में रखें कुल 04 नग मोबाईल फोन, 02 नग लैपटॉप एवं आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्रायविंग लायेसेंस, मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र को चोरी कर ले गया था, कि प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 345/25 धारा 331(4), 305 बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध किया गया। 
     चोरी की घटना को उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कीर्तन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संदीप मित्तल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन अजय कुमार (भा.पु.से.), उप पुलिस अधीक्षक क्राईम संजय सिंह, प्रभारी एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना प्रभारी सिविल लाईन को अज्ञात अरोपी की जल्द से जल्द पतासाजी कर गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया।  
    जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना सिविल लाईन पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर घटना के संबंध में प्रार्थी एवं हॉस्टल के कमरों में रहने वाले लड़को से विस्तृत पूछताछ कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना स्थल तथा उसके आस-पास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन करने के साथ-साथ प्रकरण में मुखबीर भी लगाये गये। तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से भी अज्ञात आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे थे। 
    इसी दौरान अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी में लगी टीम के सदस्यों को आरोपियों की उपस्थिति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा रेलवे स्टेशन पास स्थित एक होटल से घटना में संलिप्त वेल्लोर तमिलनाडू निवासी 03 अंतर्राज्यीय आरोपियों को पकड़कर प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर उनके द्वारा चोरी की उक्त घटना को अंजाम देना बताया गया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 02 नग लैपटॉप, 03 नग मोबाईल फोन एवं अन्य दस्तावेज जुमला कीमती लगभग 1,50,000/- रूपये जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही किया गया। गिरफ्तार आरोपी 01. सुरेश पिता कुप्पन उम्र 30 साल निवासी अमबूर तालूक, मरियाम्मन कोविल स्ट्रीट, थाना आमतूल तालूक, जिला वेल्लोर (तमिलनाडू)। 02. सेनमुगम कावेरी पिता कावेरी उम्र 32 साल निवासी उदययज पल्यम् थाना आमबूर जिला वेल्लोर (तामिलनाडू)। 03. मजूनाथन गणेश गोविंदासामी पिता गणेश गोविंदासामी उम्र 29 साल निवासी उदय राज फ्ल्यूम, थाना आमबूर, जिला वेल्लोर (तमिलनाडू)। 
  • तलवार से लोगों को किया भयभीत, बदमाश युवक गिरफ्तार

    01-Aug-2025
    रायगढ़। जिले में एक युवक शराब के नशे में तलवार लेकर घूमता नजर आया। वह आते-जाते लोगों तलवार दिखाकर डरा रहा था। जिसका वीडियो सामने आया है। मामले की जानकारी मिलने पर कोतरा रोड थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक, कल शाम साढ़े 7 बजे कोतरा रोड पुलिस को सूचना मिली कि भगवानपुर तालाब के पास एक युवक अपने हाथ में तलवार लेकर घूम रहा है। जिसके बाद तत्काल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान युवक तलवार लहराते हुए लोगों को डराते हुए मारने की धमकी दे रहा था। इससे आने-जाने वाले लोग डरे हुए थे। ऐसे में कोतरा रोड थाना के पुलिस जवान मौके पर पहुंचे, तो पुलिस को देखकर वह भागने लगा। तब पुलिस ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ करने पर उसने अपना नाम रितेश सारथी (22 साल) अटल आवास का रहने वाला बताया। रितेश शराब के नशे में तलवार लहराकर लोगों को डरा था। ऐसे में पुलिस ने उसके पास से तलवार बरामद किया और उसे गिरफ्तार कर थाना ले आए। जहां आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। 
  • NIA कोर्ट ने ननों की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

    01-Aug-2025
    बिलासपुर। मानव तस्करी के आरोप में दुर्ग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार 2 कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी मामले में बिलासपुर NIA कोर्ट में आज सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. पीड़ित पक्ष की बेल एप्लिकेशन पर निर्णय कल आएगा। बता दें कि ननों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को विपक्षी दल के नेताओं का एक डेलिगेशन दुर्ग पहुंचा था। इन नेताओं ने जेल में बंद दोनों ननों से मुलाकात की थी। इस दौरान गिरफ्तारी को गलत बताया था। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने मानव तस्करी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में केरलवासी दो नन की गिरफ्तारी को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की आलोचना की और इसे असंवैधानिक तथा अवैध बताया।छत्तीसगढ़ी फिल्में इस मुद्दे को लेकर रायपुर से लेकर दिल्ली तक सियासत में गहमा गहमी है। वहीं, दूसरी तरफ दुर्ग जिले की एक सत्र अदालत ने इस मामले में बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने बुधवार को कहा था कि उसे राज्य में मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार दो कैथोलिक नन की जमानत याचिका पर सुनवाई करने का अधिकार नहीं है। 
  • प्रदेश में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

    01-Aug-2025
    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को रासायनिक उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रदेश में 14.62 लाख मीटरिक टन लक्ष्य के विरूद्ध 14.47 लाख मीटरिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण किया गया और किसानों को अब तक 10.91 लाख मीटरिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। राज्य में डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) के व्यवहारिक विकल्प के रूप में नैनो डीएपी की बड़ी संख्या में भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था की गई है। राज्य में एनपीके और एसएसपी उर्वरकों के भंडारण और वितरण का लक्ष्य बढ़ाया गया है। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को ठोस डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी अथवा एनपीके और सिंगल सुपर फास्फेट खाद की अनुपातिक मात्रा का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। 
    राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को खेती-किसानी की सहूलियत प्रदान करने तथा साहूकारों से चगुंल से बचाने अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान करता है। राज्य में चालू खरीफ सीजन में किसानों को 5661 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण वितरण किया जा चुका है। यह लक्ष्य का 72 प्रतिशत है। ब्याज मुक्त ऋण वितरण से 12 लाख 76 हजार किसान लाभान्वित हुए है। इस वर्ष किसानों को 7300 करोड़ रूपए अल्प कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 में राज्य में 14 लाख 62 हजार मे.टन. उर्वरक का आबंटन (लक्ष्य) प्रदान किया गया है। इनमें यूरिया का लक्ष्य 7 लाख 12 हजार मीटरिक टन, डी.ए.पी. का 3 लाख 10 हजार मीटरिक टन, एन.पी.के. का 1 लाख 80 हजार मीटरिक टन, पोटाश का 60 हजार मीटरिक टन तथा सुपर फास्फेट का 2 लाख मीटरिक टन खाद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  28 जुलाई 2025 की स्थिति में राज्य में यूरिया 6 लाख 50 हजार 941 मीटरिक टन, डी.ए.पी. 2 लाख 48 मीटरिक टन, एन.पी.के. 2 लाख 31 हजार 890 मीटरिक टन खाद का भण्डारण किया जा चुका है। इसी प्रकार पोटाश 77 हजार 976 मीटरिक टन एवं सुपर फास्फेट 2 लाख 85 हजार 684 मीटरिक टन, इस प्रकार कुल 14 लाख 46 हजार 539 मीटरिक टन का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध अब तक किसानों को 10 लाख 91 हजार 545 मीटरिक टन रसायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है।  
    मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 88.73 प्रतिशत रासायनिक खाद वितरित मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में अब तक 88.73 प्रतिशत रासायनिक खाद का वितरण किया गया है। खरीफ सीजन 2025 के लिए जिले में किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा व्यापक कार्य योजना बनाई गई है। जिसके तहत उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज एवं उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। साथ ही गुणवत्ता परीक्षण हेतु निर्धारित मानकों के अनुसार नमूने भी एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जिले में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 10 प्रतिशत अधिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए उर्वरकों का भंडारण एवं वितरण किया जा रहा है। सहकारी क्षेत्र में कुल भंडारित 15,341.270 मेट्रिक टन उर्वरकों में से 13,612.473 मेट्रिक टन अर्थात 88.73 प्रतिशत उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में समितियों में 1,728.80 मेट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध हैं। वहीं निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से अऋणी किसानों को 1,944.015 मेट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया है।  
    मोहला जिले के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सहकारी विपणन संघ के डबल लॉक गोदाम में 491.08 मेट्रिक टन यूरिया, डीएपी एवं सुपर फॉस्फेट जैसे उर्वरक उपलब्ध हैं, जिन्हें समितियों की मांग के अनुरूप वितरित किया जा रहा है। इस वर्ष पहली बार नैनो टेक्नोलॉजी आधारित यूरिया एवं डीएपी उर्वरकों का भी पर्याप्त भंडारण किया गया है। नैनो उर्वरकों के उपयोग से किसानों को परिवहन लागत में कमी, कृषि लागत में बचत एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे लाभ मिल रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो उर्वरक भी पारंपरिक उर्वरकों के समान ही उत्पादन देने में सक्षम हैं। 
  • कमल विहार में कपल के बीच विवाद, प्रेमी ने दी वीडियो वायरल करने की धमकी

    01-Aug-2025
    रायपुर। कमल विहार के सेक्टर 12 में कल शाम एक र‌इसजादे ने एक युवती के साथ जमकर बवाल मचाया। उसने लड़की को पनाह देने वाले स्थानीय लोगों को भी धमकियां दी। वह युवक, युवती का कोई वीडियो उसके पिता को भेजने की धमकी दे रहा था। युवक युवती के बीच का संवाद वायरल वीडियो में भी देखा सुना जा सकता है। मिली जानकारी के अनुसार‌ गुरुवार ढलती शाम किया एसयूवी नंबर सीजी 04- पीवी 7733 में सवार एक युवक युवती कमल विहार के सेक्टर 12 आवासीय क्षेत्र पहुंचे थे। सेक्टर के सर्विस रोड पर दोनों के बीच हुई किसी बात से खिन्न युवती कार से उतर कर पास ही एक घर में चली गई।  
    इस पर युवक ने उस घर में रह रहे लोगों से युवती को बाहर भेजने कहता रहा। घर वालों की असहमति को देख युवक भद्दी गालियां देने लगा और धमकी दी कि युवती को उसके साथ नहीं भेजा तो कार से घर को तहस नहस (रौंद)कर देगा। इतना ही नहीं उसने युवती को भी धमकी दी कि वह साथ नहीं आई तो उसका कोई एक वीडियो उसके पिता को भेज देगा। इस पर युवती, युवक का नाम युवी लेते हुए उसे कहती है कि हमको किसी की परवाह नहीं है, न मेरी न बहन की भेज दो वीडियो जिसे भेजना है। और युवक को वहां से चले जाने कहती, है। साथ ही वीडियो बना रहे एक अन्य युवक से कहती है कि वीडियो न बनाएं, मुझे कोई कंप्लेंट नहीं करनी है। रहवासियों ने इस घटना की पुलिस को फोन पर शिकायत की। इस पर युवक उनसे भी गाली गलौज करता है। मुजगहन थानेदार ने पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत मिली है जांच चल रही है। शीघ्र कार्रवाई करेंगे। 
  • रायगढ़ पुलिस की विशेष पहल : मवेशियों की सुरक्षा के लिए रेडियम पट्टी पहनाने अभियान शुरू

    01-Aug-2025
    रायगढ़। जिले में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन में एक अनूठा अभियान चलाया गया, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग सहित शहरी क्षेत्रों में घूम रहे मवेशियों के गले में रेडियम पट्टा और सिंगों पर रेडियम टेप लगाए गए। इस कार्य का उद्देश्य न केवल वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि रात के समय सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों को भी दुर्घटनाओं से बचाना है। कल शाम के समय स्वयं एसपी दिव्यांग पटेल ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग, नेशनल हाईवे-49 पर पहुंचे और अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं जवानों के साथ सड़कों पर घूमते मवेशियों के गले में रेडियम पट्टी बांधी। इस दौरान सीएसपी अनिल विश्वकर्मा, डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, निरीक्षक सुखनंदन पटेल, निरीक्षक राकेश शर्मा, अमित शुक्ला और निरीक्षक मोहन भारद्वाज भी उपस्थित रहे और पूरे उत्साह से इस नेक पहल में भाग लिया । इस दौरान अधिकारियों ने मवेशियों के लिए हरा चारा भी उपलब्ध कराया गया था । इससे पहले डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने शहर और हाइवे पर मवेशियों के सिंगों पर रेडियम टेप लगाए जाने की कार्रवाई की गई थी। पुलिस अधिकारियों की यह पहल वाहन चालकों को दूर से ही मवेशियों की उपस्थिति का आभास कराने की दिशा में कारगर कदम मानी जा रही है।  अभियान के दौरान मवेशी पालकों को समझाइश भी दी गई कि वे अपने मवेशियों को खुला छोड़कर सड़क पर न घुमने दें, जिससे मवेशी और वाहन दोनों सुरक्षित रहें। एसपी श्री दिव्यांग पटेल ने जिले के सभी डीएसपी, थाना प्रभारियों और ट्रैफिक पुलिस को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में इस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण करें और मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें। पुलिस की यह मानवीय और सुरक्षात्मक पहल न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि पशुओं की रक्षा में भी मील का पत्थर साबित होगी। 
  • किराए के कमरे में युवक-युवती आपत्तिजनक स्थिति में मिले

    31-Jul-2025
    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत बंगालीपारा इलाके में मंगलवार की देर शाम एक शर्मनाक व आपत्तिजनक मामला सामने आया। पीएससी की तैयारी कर रहे एक युवक के किराए के कमरे में युवक और युवती को आपत्तिजनक हालत में पाया गया। मोहल्ले के लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और हिंदू संगठन के प्रतिनिधियों ने जब कमरे में दबिश दी, तो अंदर का नज़ारा चौंकाने वाला था। मामले की पुष्टि करते हुए सरकंडा पुलिस ने बताया कि युवक सरगुजा जिले के लखनपुर का रहने वाला अर्श अली है, जो बंगालीपारा क्षेत्र में एक किराए के मकान में रहकर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की तैयारी कर रहा है। वह एक स्थानीय कोचिंग संस्थान से भी जुड़ा हुआ है।छत्तीसगढ़ी फिल्में स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति इलाके के लोगों का कहना है कि अर्श अली द्वारा पिछले कुछ समय से लगातार अलग-अलग युवतियों को अपने कमरे में लाया जा रहा था, जिससे पूरे मोहल्ले में अस्वस्थ वातावरण बनता जा रहा था। लोगों को संदेह था कि युवक का आचरण अनुशासनहीन है और वह शराब तथा अन्य आपत्तिजनक गतिविधियों में संलिप्त है। मोहल्लेवालों ने इस बारे में हिंदू संगठन के स्थानीय कार्यकर्ताओं को सूचित किया। संगठन के कुछ प्रतिनिधियों ने इस पर संज्ञान लिया और पुलिस के साथ मिलकर मंगलवार शाम को संयुक्त रूप से युवक के कमरे पर छापा मारा। कमरे में मिली आपत्तिजनक स्थिति छापेमारी के दौरान पुलिस ने युवक को एक युवती के साथ कमरे में आपत्तिजनक अवस्था में पाया। पूछताछ में युवक ने पहले युवती को मित्र बताया, फिर बहन कहने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने औपचारिक रूप से दोनों की पहचान की जांच की, तो स्पष्ट हो गया कि दोनों के बीच भाई-बहन जैसा कोई संबंध नहीं है। बताया जा रहा है कि युवती भी सरगुजा जिले की ही रहने वाली है और संभवतः कोचिंग या पढ़ाई के सिलसिले में बिलासपुर आई हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती के परिजनों से संपर्क किया और उसे उनके हवाले कर दिया।  युवक पर की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पुलिस ने युवक अर्श अली के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 151 (सार्वजनिक शांति भंग की आशंका) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल स्थानीय समाज में अशांति पैदा करती हैं, बल्कि पढ़ाई के नाम पर रह रहे युवाओं की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। पुलिस द्वारा कमरे की तलाशी में कुछ शराब की बोतलें और संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद की गई हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त किया गया है। यदि जांच में अन्य आपत्तिजनक सामग्री या गतिविधियां सामने आती हैं, तो आगे सख्त धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।  
    किरायेदार सत्यापन की आवश्यकता पर बल पुलिस ने इस मामले को चेतावनी स्वरूप लेते हुए मकान मालिकों से किरायेदारों का नियमित सत्यापन कराने की अपील की है। सरकंडा थाना प्रभारी ने कहा कि “अक्सर देखा जाता है कि छात्र बनकर कुछ लोग गलत इरादों से शहरों में किराए पर रहना शुरू कर देते हैं और फिर धीरे-धीरे आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं। मकान मालिकों को चाहिए कि वे अपने किरायेदारों का थाने में जाकर पुलिस वेरिफिकेशन अवश्य कराएं।” घटना के बाद हिंदू संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि “बिलासपुर जैसे शैक्षणिक केंद्र में इस तरह की गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पढ़ाई के नाम पर किराए में रहकर धार्मिक और सामाजिक मर्यादा के विपरीत कार्य करना बेहद शर्मनाक है। हम पुलिस से मांग करते हैं कि इस मामले में उच्चस्तरीय जांच हो और युवक के मोबाइल व अन्य संचार माध्यमों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच भी की जाए।” 
  • छत्तीसगढ़ में व्यापार और वाणिज्य को मिलेगी नई गति

    31-Jul-2025
    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पारित माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, राज्य में व्यापार एवं वाणिज्य को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को कानूनी राहत, कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कर मामलों का शीघ्र निराकरण और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। विधेयक में इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रावधानों को और स्पष्ट किया गया है ताकि कारोबार, कर भुगतान और क्रेडिट के उपयोग में पारदर्शिता आ सके। विशेष श्रेणी के लेन-देन (जैसे सेज, निर्यात, वेयरहाउस परिसंचरण) को स्पष्ट परिभाषित किया गया है। साथ ही वित्त अधिनियम, 2025 के केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप कई तकनीकी और प्रक्रियागत बदलाव किए गए हैं। माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर नियम में संशोधन किया गया है। अब आईजीएसटी में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के अंतर्गत प्राप्त इनपूट टैक्स क्रेडिट का वितरण अपनी शाखाओं में करने की अनुमति मिलेगी। छत्तीसगढ़ी फिल्में  इससे जीएसटी अधिनियम की विसंगतियां दूर होंगी और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा। विधेयक में ऐसे पेनाल्टी की राशि जिसमें टैक्स डिमांड शामिल नहीं है ऐसे प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए पूर्व डिपोजिट 25 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार वाउचर टैक्स निर्धारण को और अधिक स्पष्ट किया गया है। पहले जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर कर निर्धारण के संबंध स्थिति स्पष्ट नही थी इस पर जीएसटी कब लगेगा इन्हें जारी करने के समय या इन्हें रिडीम करते समय इस संबंध में विभिन्न एंडवास रूलिंग अथारिटी मत भिन्नता थी। संशोधन विधेयक के अनुसार अब वाउचर रिडीम करते समय जीएसटी लगेगा।  
    तंबाकू आदि उत्पादों के लिए ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिससे उनकी आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी हो सकेगी। ऐसे उत्पादों के सभी यूनिट पैकेट में एक क्यूआर कोड अंकित करना होगा, जिसे स्कैन करने पर निर्माता, उत्पाद, एमआरपी, विक्रेता, बिल आदेश, भुगतान के सभी रिकार्ड आदि जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही निर्माता और होलसेलर को इन यूनिट पैकेट के मूव्हमेंट का रिकार्ड रखना होगा। ताकि जांच एजेंसियों को किसी भी समय ऐसी सूचनाएं उपलब्ध हो सके।   विशेष आर्थिक क्षेत्र को प्रोत्साहन के तहत इन विशेष क्षेत्रों के वेयर हाउस में रखे गए वस्तुओं के निर्यात किए जाने से पूर्व वस्तुओं के फिजिकल मूवमेंट के बिना क्रय विक्रय किए जाने पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। यह बदलाव सेज में निवेश और कारोबार को बढ़ावा देगा तथा ये क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। विधेयक में ‘प्लांट या मशीनरी’ शब्दों के स्थान पर ‘प्लांट और मशीनरी‘ शब्दो को प्रतिस्थापित किया गया है। प्लांट शब्द में ‘भवन‘ सम्मिलित नहीं होगा एवं इस पर इनपुट क्रेडिट की पात्रता नहीं होगी। डिजिटल मुहर, डिजिटल चिन्ह या किसी प्रकार का अन्य चिन्हांकन सहित ‘विशिष्ट पहचान चिह्नांकन’ का प्रावधान भी शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ की उपलब्धियांछत्तीसगढ़ी फिल्में छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024-25 में राज्य को 16,299 करोड़ रूपए जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38 प्रतिशत है। इस वर्ष 18 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई और छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। राज्य के भीतर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की सीमा 50,000 रूपए से बढ़ाकर 1,00,000 रूपए कर दी गई है, जिससे 26 प्रतिशत छोटे व्यापारियों को कागजी कार्यवाही से राहत मिली है।नई सरकार के गठन के बाद से 43,612 नए पंजीकरण किए गए हैं। पंजीकरण प्रक्रिया को 13 दिनों से घटाकर अब सिर्फ 2 दिन में पूर्ण किया जा रहा है। पूर्व में केवल 15 जिलों में जीएसटी कार्यालय थे, अब राज्य के 33 जिलों में कार्यालय स्थापित कर दिये गये हैं। कर अपवंचन की रोकथाम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स और बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट का गठन किया गया है। 
  • फरार धोखाधड़ी का आरोपी मुंबई से गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

    31-Jul-2025
    सारंगढ़ बिलाईगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय के निर्देशन पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना सरिया में दर्ज एक धोखाधड़ी के प्रकरण में डेढ़ साल से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती निमिषा पांडेय और उप पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश मिश्रा के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी प्रमोद यादव के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तार आरोपी जगन्नाथ नायक पिता दुबराज नायक (उम्र 24 वर्ष), निवासी खैरमाल, थाना सरायपाली, जिला महासमुंद का रहने वाला है। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण दिनांक 09 मार्च 2024 को स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंस लिमिटेड के शाखा प्रबंधक लक्ष्मीनारायण सिदार ने थाना सरिया में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के कर्मचारी जगन्नाथ नायक और रेशम सेठ द्वारा लोन लेने वाले पंद्रह ग्राहकों से किश्त की राशि वसूली गई, लेकिन उस रकम को कंपनी में जमा न करते हुए स्वयं गबन कर लिया गया। इस धोखाधड़ी से कंपनी को कुल ₹3,22,052 का नुकसान हुआ। मामले में पुलिस ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ धारा 420, 409, 34 भादवि के तहत अपराध क्रमांक 51/2024 दर्ज किया था। मामले की विवेचना के दौरान आरोपी जगन्नाथ नायक लगातार फरार चल रहा था। साइबर सेल की तकनीकी सहायता और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी मुंबई में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम को मुंबई रवाना किया गया, जहां से आरोपी को पकड़ा गया। आरोपी ने कबूला जुर्म पुलिस पूछताछ में आरोपी जगन्नाथ नायक ने गबन की पूरी घटना को स्वीकार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। 
  • रायपुर सेंट्रल जेल में ही रहेंगे सूर्यकांत तिवारी

    31-Jul-2025
    रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को अब अन्य किसी जेल में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। जेल प्रशासन द्वारा दाखिल की गई अर्जी को रायपुर स्थित ACB-EOW की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद सूर्यकांत तिवारी फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में ही बंद रहेंगे, जहां वह कई महीनों से न्यायिक हिरासत में है। बता दें कि सूर्यकांत तिवारी को ईडी और ईओडब्ल्यू द्वारा छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।छत्तीसगढ़ी व्यंजन जेल प्रशासन ने की थी शिफ्टिंग की मांग मामले की जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई 2025 को रायपुर सेंट्रल जेल प्रशासन की एक टीम सूर्यकांत तिवारी के बैरक की अचानक जांच के लिए पहुंची थी। इस दौरान सूर्यकांत ने न केवल जांच में सहयोग करने से इनकार किया, बल्कि जेलकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया। इस व्यवहार से नाराज होकर जेल प्रशासन ने विशेष अदालत में याचिका दाखिल करते हुए उसे रायपुर जेल से किसी अन्य जेल में शिफ्ट करने की अनुमति मांगी थी। आवेदन में बताया गया कि सूर्यकांत तिवारी बार-बार जेल में अराजकता फैलाने की कोशिश करता है और प्रशासनिक कार्यों में सहयोग नहीं करता, जिससे अन्य कैदियों पर भी बुरा असर पड़ता है।  
    कोर्ट ने नहीं माना जेल प्रशासन का पक्ष हालांकि, बुधवार को इस अर्जी पर हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने जेल प्रशासन की दलीलों को अपर्याप्त मानते हुए अर्जी को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक किसी बंदी का व्यवहार जेल मैनुअल के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में न आए या सुरक्षा को खतरा न हो, तब तक बंदी को शिफ्ट करने का आधार नहीं बनता। इस तरह से अदालत के फैसले के बाद सूर्यकांत तिवारी रायपुर सेंट्रल जेल में ही अपनी न्यायिक हिरासत में रहेगा। 
     घोटाले के मुख्य आरोपी के रूप में सूर्यकांत तिवारी गौरतलब है कि यह मामला छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 570 करोड़ रुपये के कोल लेवी घोटाले से जुड़ा है, जिसमें राज्य के खनिज विभाग, पुलिस, परिवहन और कोयला कारोबार से जुड़े अधिकारियों और निजी कारोबारियों की मिलीभगत सामने आई थी। इस घोटाले में आरोप है कि कोयले के परिवहन, पीट पास, और परमिट जारी करने के नाम पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध वसूली की जाती थी। पूरे घोटाले की साजिश रचने और संचालन का आरोप सूर्यकांत तिवारी पर है, जो कथित रूप से एक सुव्यवस्थित नेटवर्क के जरिए यह वसूली करवाता था। उसकी टीम द्वारा संग्रहित राशि को आगे अधिकारियों और राजनीतिक नेटवर्क तक पहुंचाया जाता था।छत्तीसगढ़ी व्यंजन  बड़े अफसर भी रहे आरोपी, लेकिन अब जेल से बाहर इस मामले में निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू, सौम्या चौरसिया और समीर विश्नोई भी नामजद रहे हैं। ईडी और ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद इन सभी को जेल भेजा गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद ये तीनों अब जेल से बाहर हैं। हालांकि, सूर्यकांत तिवारी अभी भी मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में है, और उसकी जमानत याचिकाओं को बार-बार खारिज किया जा चुका है। ऐसा माना जाता है कि पूरे घोटाले का किंगपिन वही था और सबसे अधिक आर्थिक लाभ भी उसी ने उठाया। सूर्यकांत की गतिविधियों पर नजर जेल प्रशासन की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि सूर्यकांत तिवारी जेल में दबाव बनाने और व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करता है। सूत्रों की मानें तो वह जेल में भी अपने प्रभाव का उपयोग कर रहा था, जिससे वहां के नियमों और अनुशासन का उल्लंघन हो रहा था। हालांकि अब कोर्ट द्वारा स्थानांतरण की अर्जी खारिज कर दी गई है, इसलिए जेल प्रशासन को उसी जेल में उसके व्यवहार पर सख्त निगरानी और नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं।
     
  • छत्तीसगढ़ में कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण के नियमों में बड़ा बदलाव

    31-Jul-2025
    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कल मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रीपरिषद की बैठक में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह प्रस्ताव राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित है, जिसमें किसानों, भू-अर्जन से प्रभावित हितग्राहियों और राजस्व से जुड़े मामलों में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। 
    अनुमोदित प्रस्ताव के तहत ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जिस तरह की अनियमितताएँ सामने आई थीं, उनसे बचने के लिए यह व्यवस्था मददगार होगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को विलोपित करने के साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा। इस प्रस्ताव के लागू होने से भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों में विवादों की संख्या घटेगी और किसानों को पारदर्शी और न्यायसंगत मुआवजा मिल सकेगा।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि यह निर्णय नीति निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। उन्होंने इस निर्णय को किसानों और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हितग्राहियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उनका मानना है कि गाइडलाइन दरों की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाकर हम न सिर्फ किसानों को न्याय दिलाएंगे बल्कि राज्य की विकास परियोजनाओं की रफ्तार को भी गति देंगे। यह बदलाव राज्य में भूमि मूल्य निर्धारण की प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और विवाद-मुक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास होगा। 
  • प्रमिल मौसी मेढ़े का निधन, बृजमोहन अग्रवाल ने जताया शोक

    31-Jul-2025
    रायपुर। राष्ट्र सेवा और मातृशक्ति के जागरण को समर्पित जीवन की एक प्रेरणास्पद यात्रा का वंदनीय अवसान हो गया। राष्ट्र सेविका समिति की पूर्व प्रमुख संचालिका वंदनीय प्रमिल मौसी मेढ़े जी के देवलोकगमन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और समाज ने एक दृढ़ विचारधारा की प्रतिनिधि, स्नेहमयी मार्गदर्शिका और तपस्विनी राष्ट्र सेविका को खो दिया है। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रमिल मौसी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह समाचार अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक है। उन्होंने कहा कि मौसी जी का संपूर्ण जीवन भारत माता की सेवा, मातृशक्ति के जागरण और सामाजिक चेतना को समर्पित रहा। उनकी सादगी, अनुशासन, मातृत्व भाव और संगठन कौशल से हम सभी स्वयंसेवक सदैव प्रेरणा लेते रहे हैं।  प्रमिल मौसी ने शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया। राष्ट्र सेविका समिति के माध्यम से उन्होंने गांव-गांव, घर-घर जाकर महिलाओं में आत्मबल, आत्मगौरव और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध का संचार किया। वे स्त्रियों को संगठित कर उनमें आत्मविश्वास जगाने की एक सशक्त प्रेरणा रहीं। उनकी वाणी में जहां वात्सल्य था, वहीं जीवन में त्याग और तपस्या का अनुपम संगम देखने को मिलता था। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “आज हम सबने एक मार्गदर्शक, एक स्नेहमयी संरक्षिका और एक दृढ़ राष्ट्रभक्त व्यक्तित्व को खोया है। उनका योगदान अमिट और अपूरणीय है।” उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा, “प्रमिल मौसी को कोटिशः नमन। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।” 
  • चार साल से फरार स्थायी वारंटी को केरजू पुलिस ने किया गिरफ्तार

    31-Jul-2025
    अंबिकापुर। जिले की केरजू चौकी पुलिस ने चार साल से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। आबकारी एक्ट के मामले में वांछित आरोपी गणेश्वर, पिता मेघनाथ, निवासी ढोढ़ागांव, थाना सीतापुर को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर धर दबोचा और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में थाना सीतापुर में अपराध क्रमांक 01/21, धारा 36(च) आबकारी एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोपी गणेश्वर फरार चल रहा था। पुलिस द्वारा बार-बार समन जारी किए जाने के बावजूद वह न्यायालय में पेश नहीं हुआ। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण न्यायालय ने उसके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया था।  
    चार वर्षों से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए केरजू चौकी पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। हाल ही में मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाया और आरोपी को उसके ही गांव ढोढ़ागांव से गिरफ्तार कर लिया। इस सफल कार्रवाई में केरजू चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक राजेश्वर महंत के नेतृत्व में आरक्षक दिलसुख लकड़ा, महेंद्र नाग और अनुराग टोप्पो ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस की यह तत्परता और सूझबूझ कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है। स्थायी वारंटी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में कानून का भय स्थापित हुआ है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में भी पुलिस की कार्रवाई तेज कर दी गई है। 
  • धमतरी के पुलिसकर्मियों के लिए हुआ लिखित आदेश जारी, हेलमेट पहनना अनिवार्य

    31-Jul-2025
    धमतरी। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार द्वारा सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्त्वपूर्ण एवं अनुकरणीय पहल करते हुए लिखित आदेश जारी कर निर्देशित किया गया है कि एसपी कार्यालय सहित जिले के समस्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करें। एसपी परिहार ने कहा कि “पुलिस विभाग न केवल कानून का पालन कराता है, बल्कि स्वयं भी आचरण में अनुशासन एवं उदाहरण प्रस्तुत करना आवश्यक है। हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरण का नियमित उपयोग हमारे जीवन की रक्षा कर सकता है, इसलिए यह अब प्रत्येक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है कि वह स्वयं के लिए यह सुरक्षा कवच अपनाए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस कर्मियों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण है जितनी आम नागरिकों की। हेलमेट का उपयोग महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि सतर्कता और सजगता का प्रतीक है। 
    इसके अतिरिक्त, एसपी. धमतरी ने जिले के अन्य शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपेक्षा की है कि वे भी दोपहिया वाहन संचालन के दौरान हेलमेट का अनिवार्य उपयोग करें, ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित हो और अनुशासित नागरिक व्यवहार को बल मिले। इस निर्णय का उद्देश्य केवल औपचारिक आदेश जारी करना नहीं है, बल्कि एक सुदृढ़ और जिम्मेदार कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देना है, जिसमें अनुशासन, सुरक्षा एवं जन-जागरूकता प्रमुख बिंदु हों। यह पहल न केवल विभागीय अनुशासन को सशक्त बनाएगी, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करेगी। 
  • नेवरी धार नदी पर नहीं बना पुल, स्कूल जाने नदी पार करते हैं बच्चे

    31-Jul-2025
    मनेंद्रगढ़। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के खड़गवां विकासखंड के बेलबहरा और फुनगा ग्राम पंचायत के ग्रामीण बच्चों को आज भी स्कूल जाने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। नेवरी धार नदी पर अब तक पुल या पुलिया नहीं बन सकी है, जिससे हर दिन लगभग 20 से 25 छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर स्कूल आते-जाते हैं। यह समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन आज तक जिम्मेदारों ने बच्चों की इस परेशानी की सुध नहीं ली।  
    ग्राम पंचायत फुनगा में प्राथमिक से लेकर हाई स्कूल तक की शिक्षा की सुविधा है, जहां बेलबहरा और अन्य आस-पास के गांवों के बच्चे अध्ययन के लिए आते हैं। इन बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए नेवरी धार नदी पार करनी पड़ती है। गर्मियों और सामान्य मौसम में नदी का जलस्तर कम रहता है, जिससे बच्चे किसी तरह से पार कर लेते हैं, लेकिन जैसे ही बारिश का मौसम आता है, यह नदी खतरनाक रूप ले लेती है। बरसात के दिनों में नेवरी धार नदी में जलप्रवाह तेज हो जाता है। कई बार बच्चे स्कूल पहुंच तो जाते हैं लेकिन बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से वापस नहीं लौट पाते और स्कूल में ही फंसे रह जाते हैं। उन्हें नदी की बाढ़ थमने का इंतजार करना पड़ता है। इस स्थिति में बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। कई बार तो उनके कपड़े, बैग और किताबें तक पानी में भीग जाती हैं, जिससे उन्हें मानसिक और शैक्षणिक दोनों तरह से परेशानी होती है।  छात्र-छात्राओं ने रखी अपनी बात हाई स्कूल फुनगा की कक्षा 10वीं की छात्रा मनीषा ने बताया कि बारिश के दौरान जब नदी में पानी ज्यादा हो जाता है, तब वे स्कूल नहीं जा पाते और अगर स्कूल चले भी गए तो घर लौटना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा, "कई बार हमारा बैग और किताबें भीग जाती हैं। अगर पुल बन जाता तो हम रोजाना नियमित रूप से स्कूल जा पाते।" वहीं कक्षा 10वीं की छात्रा पूजा ने बताया, “यह नेवरी धार नदी है, इसमें पुल नहीं है। बाढ़ के समय हम स्कूल नहीं जा पाते, और अगर स्कूल में हैं तो घर नहीं लौट पाते। हम सरकार से यही मांग करते हैं कि पुल जल्द से जल्द बनाया जाए ताकि हम बिना डर के स्कूल जा सकें और अच्छी पढ़ाई कर सकें।” कक्षा 12वीं के छात्र देव सिंह ने कहा, “बारिश में नदी में इतना पानी आ जाता है कि हम स्कूल नहीं जा पाते। कई बार हमारी ड्रेस, किताबें, बैग सब भीग जाते हैं। पुल बनने से हमारी बहुत बड़ी समस्या हल हो जाएगी और हम नियमित स्कूल जा सकेंगे।”  शिक्षकों ने भी जताई चिंता माध्यमिक शाला फुनगा के शिक्षक अनिल कुमार ने भी बच्चों की इस समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “हमारे स्कूल में कक्षा 1 से लेकर 10वीं तक के बच्चे पढ़ते हैं। जब नदी में पानी बढ़ता है तो बच्चे स्कूल नहीं आ पाते। वर्तमान में खेतों में काम का सीजन भी चल रहा है, ऐसे में उपस्थिति और भी कम हो गई है। लेकिन बारिश के दिनों में बच्चों का नदी पार करना काफी जोखिम भरा हो जाता है।” सिर्फ डेढ़ किलोमीटर की दूरी, लेकिन पुल की कमी से बना है जोखिम का सफर  बेलबहरा से फुनगा की दूरी मात्र डेढ़ किलोमीटर है। अगर नेवरी धार नदी पर एक मजबूत पुल बन जाए, तो न केवल स्कूली बच्चों को राहत मिलेगी, बल्कि दोनों गांवों के आपसी आवागमन और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सवाल अब सवाल यह उठता है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी इतनी गंभीर समस्या के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अब तक इस ओर ध्यान क्यों नहीं दिया? हर साल बच्चों की जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना एक सामान्य बात बन चुकी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई बड़ा हादसा हो गया, तब शायद जिम्मेदार जागेंगे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी। 
  • वित्त मंत्री चौधरी का अमेरिका दौरा, प्रवासी छत्तीसगढ़वासियों से मिलेंगे

    30-Jul-2025
    रायपुर। वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी बुधवार को कैबिनेट बैठक के उपरांत सात दिवसीय अमेरिका यात्रा पर रवाना होंगे। इस यात्रा का उद्देश्य अमेरिका में बसे प्रवासी छत्तीसगढ़वासियों से संवाद स्थापित कर उन्हें राज्य के विकास अभियान से जोड़ना है।
    वित्त मंत्री चौधरी इस दौरान अमेरिका में रह रहे छत्तीसगढ़ी मूल के नागरिकों को प्रदेश के समग्र विकास में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करेंगे तथा उन्हें वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में तैयार ‘‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’’ से अवगत कराएंगे। वे आगामी एनआरआई शिखर सम्मेलन में प्रवासियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए भी आमंत्रण देंगे।
    अपनी यात्रा के दौरान मंत्री चौधरी अमेरिका में अध्ययनरत छत्तीसगढ़ी युवाओं से संवाद कर उनके लिए एक सशक्त सपोर्ट सिस्टम के निर्माण की दिशा में सुझाव प्राप्त करेंगे। साथ ही स्टार्टअप्स के क्षेत्र में कार्यरत युवाओं के अनुभवों को साझा कर उन्हें छत्तीसगढ़ में नवाचार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने का प्रयास करेंगे। इसके अतिरिक्त, वे निवेशकों और उद्यमियों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे, जिससे राज्य में आर्थिक विकास को गति मिले।
    चौधरी प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को राज्य के रजत जयंती समारोह में सहभागी बनने के लिए भी आमंत्रित करेंगे। उनकी यह विदेश यात्रा 7 दिनों की होगी, जिसके दौरान वे विभिन्न शहरों में प्रवासी समुदाय, छात्र, निवेशक और उद्योगपतियों से संवाद करेंगे।
  • मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: PWD के 5 अधिकारी गिरफ्तार, 2 रिटायर्ड EE भी शामिल

    30-Jul-2025
    बीजापुर। पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में बीजापुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये सभी गंगालूर-मिरतुल सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार में लिप्त थे, जिसकी खबर पत्रकार चंद्राकर ने उजागर की थी।
    ये हैं गिरफ्तार अफसर
        डीआर साहू – सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता (EE)
        वीके चौहान – सेवानिवृत्त अभियंता
        एचएन पात्र – वर्तमान EE
        प्रमोद सिंह कंवर – एसडीओ, बीजापुर
        संतोष दास – उप अभियंता
    ASP चंद्रकांत गवर्ना ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की है। सभी अधिकारियों को दो दिन की रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
     
    पत्रकार ने खोली थी भ्रष्टाचार की पोल
    पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने PWD द्वारा बनाई जा रही गंगालूर-मिरतुल सड़क में घोटाले का खुलासा किया था। इसके कुछ ही दिन बाद 1 जनवरी को वे लापता हो गए। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 3 जनवरी को उनका शव एक ठेकेदार के सेप्टिक टैंक में बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
     
    क्यों अहम है ये गिरफ्तारी?
    चंद्राकर की हत्या को पत्रकारिता पर हमला और भ्रष्टाचार छिपाने की साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। यह पहली बार है जब मामले में सरकारी अफसरों की संलिप्तता सामने आई है।
     
    अधिकारियों की गिरफ्तारी से यह भी स्पष्ट हुआ है कि सड़क निर्माण घोटाले में उच्च स्तर तक मिलीभगत थी।
     
    आगे की कार्रवाई
    पुलिस ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। एसआईटी जांच भी चल रही है और अब अफसरों से पूछताछ के आधार पर ठेकेदार और अन्य रसूखदारों की भूमिका की जांच तेज हो सकती है।
     
    यह मामला छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा, भ्रष्टाचार पर रिपोर्टिंग और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े गंभीर सवाल खड़ा करता है। पत्रकार संगठनों ने दोषियों को जल्द सजा देने की मांग की है।
  • कैबिनेट का निर्णय: जिला खनिज संस्थान न्यास नियम में होगा संशोधन

    30-Jul-2025
    रायपुर। मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में मंत्रिपरिषद ने भारत सरकार के खान मंत्रालय के नवीन दिशा-निर्देश और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)-2024 के संशोधित गाईडलाईन्स के अनुसार छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में संशोधन किये जाने का निर्णय लिया गया है।
     
    इससे न्यास के पास उपलब्ध राशि का न्यूनतम 70 प्रतिशत राशि का व्यय उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र जैसे पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं निःशक्तजन के कल्याण के साथ ही कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, आवास, पशुपालन के समग्र विकास पर किया जाएगा।
     
    मंत्रिपरिषद द्वारा साधारण रेत के उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा रेत के उत्खनन एवं नियमन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2019 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय (अनुसूचित क्षेत्र हेतु) नियम 2023 को निरसित करते हुए नवीन नियम ‘‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025‘‘ का अनुमोदन किया गया।
     
    इससे रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिससे आम जनता को उचित दरों पर रेत उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही रेत उत्खनन में पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रस्तावित नियमों में रेत खदान आवंटन की कार्यवाही इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के माध्यम से की जाएगी। इससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।
     
    कृषि भूमि के बाजार मूल्य दरों के निर्धारण के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य कर पंजीयन विभाग से प्राप्त प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया, जिसके तहत ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जिस तरह की अनियमितताएँ सामने आई थीं, उनसे बचने के लिए यह व्यवस्था मददगार होगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को विलोपित करने के साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा।
     
    मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (cscs) को नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में क्रिकेट अकादमी की स्थापना के लिए 7.96 एकड़ भूमि आबंटित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। 
     
    नवा रायपुर में अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी की स्थापना से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उनके कौशल और प्रतिभा को निखारने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेगी।
     
    छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य के कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता अर्जित की है। क्रिकेट अकादमी की स्थापना से  राज्य के खिलाड़ियों को क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा वहीं छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी।
  • बीजापुर में CRPF जवान ने खुद को मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस...

    30-Jul-2025
    बीजापुर। बीजापुर जिले से बुधवार सुबह एक दर्दनाक खबर सामने आई है। सीआरपीएफ की 22वीं बटालियन में तैनात जवान पप्पू यादव ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना सुबह करीब 5 बजे की है, जब जवान ने अपनी सर्विस राइफल से खुद के गले में गोली मार ली, जो सिर को चीरते हुए बाहर निकल गई। जवान की मौके पर ही मौत हो गई।
    बिहार से लौटकर ड्यूटी पर आया था जवान
    मृतक जवान पप्पू यादव बिहार के भोजपुर जिले के ग्राम ठाकुरी, थाना चाल पोखरी का निवासी था। वह एक दिन पहले ही, 29 जुलाई को छुट्टी से लौटकर ड्यूटी पर आया था। फिलहाल आत्महत्या के पीछे का कारण साफ नहीं है। जवान के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
    पुलिस ने दर्ज किया मामला
    घटना की सूचना मिलते ही नैमेड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सीआरपीएफ और पुलिस अधिकारी मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
    गार्ड ऑफ ऑनर के बाद शव भेजा जाएगा गांव
    पोस्टमार्टम के बाद शहीद जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और फिर शव को भोजपुर (बिहार) स्थित उसके पैतृक गांव भेजा जाएगा।
     
    बटालियन में मातम
    इस घटना से बटालियन में शोक का माहौल है। साथियों के मुताबिक, पप्पू यादव कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित जवान था, इसलिए यह कदम चौंकाने वाला है। जवान की आत्महत्या ने सीआरपीएफ में मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन जैसे गंभीर विषयों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और बटालियन प्रशासन आत्महत्या की वजह तलाशने में जुटे हैं।
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