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Balrampur

  • बिरनीपारा में दर्दनाक हादसा, 7 वर्षीय बच्चे की मौके पर मौत, चालक फरार

    10-Aug-2025

    बलरामपुर। रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व पर जहां घर-घर में भाई-बहन के रिश्ते का जश्न मनाया जा रहा था, वहीं बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिरनीपारा में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। मामा के घर राखी मनाने पहुंचे 7 वर्षीय मासूम को तेज रफ्तार महतारी एक्सप्रेस (CG07CP 0541) ने रौंद दिया। हादसे में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, लडूवा खुट्टीपारा निवासी सोनिया एक्का अपने बेटे को लेकर रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर मामा के घर बिरनीपारा आई थीं। दिनभर घर में हंसी-खुशी का माहौल रहा, बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और रिश्तों का यह त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। लेकिन शाम होते-होते यह खुशी मातम में बदल गई। शाम को परिवार अपने घर लौटने की तैयारी में था। इसी दौरान सभी सदस्य गांव के मुख्य मार्ग पर यात्री वाहन का इंतजार कर रहे थे। बच्चा भी अपने परिवार के साथ सड़क किनारे खड़ा था।  
    तेज रफ्तार ने ली मासूम की जान गवाहों के अनुसार, चटकपुर की ओर से आ रही महतारी एक्सप्रेस ने अत्यधिक रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए बच्चे को चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्चे के सिर, चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी दौड़ पड़े। घायल मासूम को स्थानीय लोगों और परिजनों ने तुरंत राजपुर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार के बीच मातम छा गया और रक्षाबंधन का त्योहार इस परिवार के लिए एक दर्दनाक स्मृति बनकर रह गया।  
    पुलिस कार्रवाई और आरोपी की तलाश घटना की सूचना मिलते ही राजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। परिजनों की शिकायत पर महतारी एक्सप्रेस के चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी चालक हादसे के बाद वाहन छोड़कर फरार हो गया है और उसकी तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का प्रतीत होता है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।  
     गांव में शोक का माहौल गांव के लोग इस घटना से बेहद आक्रोशित और दुखी हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी चालक को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। कई ग्रामीणों ने कहा कि त्योहार के दिन इस तरह की घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए दर्दनाक है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों पर नियंत्रण के लिए पुलिस को कड़े कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही सड़क किनारे खड़े यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी उपाय जरूरी हैं। रक्षाबंधन, जो भाई-बहन के अटूट बंधन का प्रतीक है, इस परिवार के लिए काला दिन बन गया। जिस बच्चे ने सुबह अपनी बहन की राखी पर मुस्कुराते हुए मिठाई खाई थी, वही शाम होते-होते सफेद कपड़े में लिपटा हुआ था। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। 

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