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Raigarh

  • जिसे एक दिन पहले डॉक्टर ने मृत घोषित किया था वह चिता में आग लगते ही जी उठी

    20-Aug-2020

     रायगढ़ : रायगढ़ के मुरारीपाली ब्लॉक में एक सनसनीखेज वाक्या हुई है, यह वाक्या है मृत शरीर का चिता में आग लगते ही जीवित होने का । कभी - कभी इस तरह की बाते सुनने में  आती है तो भरोसा नहीं होता । लेकिन यहां ऐसी ही एक घटना सामने आई है । जिसकी चर्चा दूर - दूर तक हो रही है । मुरारीपाली ब्लॉक के परमानंद यादव के परिवार में यह चमत्कार हुआ। जानकारी के मुताबिक इनकी पांच साल की बच्ची रात को खाना खाने के बाद परिवार के साथ जमीन पर सो रही थी तभी एक सर्प ने बच्ची को डस लिया। बच्ची के परिवार वालों की नींद जब अचानक खुली तो वे सन्न रह गये क्योंकि उसके बिस्तर पर एक नाग कुंडली मारे बैठा था। परिजनों ने नाग से बच्ची को दूर किया और तुरंंत बिना देरी किए उसे जिला अस्पताल लेकर गये। जिला अस्पताल में शुरुआती जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। क्रिया कर्म के लिए परिवार वाले बच्ची के सुन्न पड़े शरीर को लेकर घर आ गए। अगले दिन सुबह सारे रिश्तेदार परमानंद के यहां इकट्ठे हुए । कर्मकांड के बाद बच्ची के शव के अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई। चिता में लकड़ी सजाई गई और बच्ची को विधान के साथ कफन समेत चिता पर लिटाया गया। कोरोना के काऱण पारिवारिक लोगों ने ही इस विधान में हिस्सा लिया। पंडित ने मंत्र पढ़ने शुरु किए और शरीर की आखिरी विदाई देने की प्रक्रिया शुरु हुई। सारे विधान के बाद पिता ने बच्ची की चिता को आग लगा दिया। चिता धूं-धूं करके जल ही रही थी कि अचानक चिता से रोने की आवाज आने लगी। पहले तो लोग इस तरह की आवाज सुनकर डर गए । फिर जब बच्ची जोर जोर से रोने लगी तो उसके पिता ने आनन-फानन में चिता से लकड़ियां हटाई और जिगर के टुकड़े को बाहर खींच लिया। हर कोई इस हैरान कर देने वाले दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गया। बच्ची भी अपने पिता के सीने से लिपटकर रोने लगी। आखिरकार जिस बच्ची को उसके परिवार ने अर्थी में श्मशान के लिए विदा किया था वो अपने पिता के  साथ गोद में वापस घर आई। जिसके बाद से घर में खुशहाली का माहौल है।

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