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Raipur

  • बस्तर में भारी बारिश से सरगीगुड़ा में बड़ा भूस्खलन, 500 मीटर पहाड़ हुआ समतल, बड़ा हादसा टला

    30-Aug-2025

    बस्तर। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा ब्लॉक में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश की वजह से बुधवार को सरगीगुड़ा गांव के पास बड़ा भूस्खलन हुआ। इस घटना में सरगीगुड़ा पहाड़ का लगभग 500 मीटर ऊंचा हिस्सा टूटकर नीचे बह गया और समतल हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर करीब अचानक पहाड़ टूटने की आवाज आई और बड़े-बड़े पत्थर नीचे गिरने लगे। देखते ही देखते पूरा पहाड़ी क्षेत्र दरक गया। लेकिन  आदेश सरगीगुड़ा गांव की आबादी लगभग 300 मीटर दूर होने से किसी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई। हालांकि, ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और भूस्खलन क्षेत्र का जायजा लिया। आसपास के ग्रामीणों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से पहाड़ी इलाके में न जाने की अपील की गई। प्रारंभिक सर्वे में बड़ा खुलासा वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल का प्रारंभिक सर्वे किया। सर्वे में पता चला कि लगभग 5 एकड़ क्षेत्रफल में फैला यह पहाड़ पूरी तरह समतल हो गया है। मिट्टी और चट्टानों का भारी मात्रा में खिसककर नीचे आना इस इलाके में अब तक की सबसे बड़ी प्राकृतिक घटनाओं में से एक माना जा रहा है। इसी दौरान बस्तानार इलाके में भी भूस्खलन की एक और घटना दर्ज हुई, जिसकी वजह से कुछ घंटों तक आवागमन प्रभावित रहा। सड़कों पर बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी जम जाने से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। राहत की बात यह रही कि दोनों घटनाओं में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई। भूस्खलन के कारणों को लेकर भू-विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही भारी बारिश से पहाड़ियों की मिट्टी और चट्टानें कमजोर होकर खिसक जाती हैं। यह प्रक्रिया बरसात में और तेज हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ हफ्तों से बस्तर में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, जिसने पहाड़ की संरचना को कमजोर कर दिया। ग्रामीणों का भी कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतनी तेज और लगातार बारिश नहीं देखी थी। कई निचले इलाकों में खेतों और मकानों में पानी भर गया है। लोगों को डर है कि यदि बारिश का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा, तो आने वाले दिनों में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
    वन विभाग की सतर्कता अपील चित्रकोट उप वन मंडलाधिकारी योगेश कुमार रात्रे ने इस घटना पर चिंता जताते हुए ग्रामीणों और पर्यटकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है। बारिश से जमीन खिसकने और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं, ऐसे में सुरक्षा नियमों का पालन करना हर किसी के लिए जरूरी है। उन्होंने विशेष तौर पर यह भी कहा कि पर्यटक स्थानों, खासकर चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे झरनों के आसपास जाते समय लोग बेहद सतर्क रहें, क्योंकि इन इलाकों में भी चट्टानों और मिट्टी के खिसकने का खतरा हमेशा बना रहता है।
    मौसम अपडेट मौसम विभाग के अनुसार, बस्तर में मानसून सक्रिय बना हुआ है। शुक्रवार को जिले में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकतम तापमान 30°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहा। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि शनिवार को दोपहर से शाम तक भारी बारिश हो सकती है। यदि आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहता है तो पहाड़ी और नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को और सतर्क रहना होगा। प्रशासन ने भी अलर्ट जारी किया है और आपदा प्रबंधन दल को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।  ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन सतर्क घटना के बाद सरगीगुड़ा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों के आसपास नजर रख रहे हैं और पहाड़ी इलाकों से दूर रहने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने राहत और बचाव दल को अलर्ट पर रखा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र का दौरा किया और प्रशासन से मांग की कि प्रभावित इलाके में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाएं।

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