गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कलेक्टर कार्यालय स्थित अरपा सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मंत्री ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति, और आमजन तक सुविधाएं समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण रूप से पहुंचाने को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से मंत्री जायसवाल ने जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत पर बल दिया और कहा कि "सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संपन्न करना होगा।"
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चल रही योजनाओं, आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण अभियान, तथा स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, तथा आपातकालीन सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित की जाए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति इस समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं एवं सुझावों को साझा किया। जिला अस्पताल का किया जाएगा उन्नयन मंत्री ने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला अस्पताल को और बेहतर सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें। उन्होंने निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा करने और समयसीमा में पूरा करने के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री का दो टूक निर्देश- लापरवाही बर्दाश्त नहीं मंत्री जायसवाल ने अधिकारियों से कहा कि "स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर अधिकारी और कर्मचारी की जवाबदेही तय होनी चाहिए। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है।"
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