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Raipur

  • करोड़ों की ठगी का बड़ा पर्दाफाश, पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को पकड़ा

    19-Aug-2025

    कवर्धा। कबीरधाम जिले की पुलिस ने एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी निवेशकों को ऊंचा ब्याज और मूल राशि लौटाने का लालच देकर करोड़ों रुपए की ठगी कर चुके थे। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ विभिन्न जिलों में शिकायतें दर्ज थीं और लंबे समय से इनकी तलाश की जा रही थी। ऐसे खुला ठगी का मामला यह मामला अक्टूबर 2024 का है। कवर्धा निवासी शिव सोनी ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि DYPDHURWE BROTHERS CONSULTANTS PVT. LTD. / निवेश किंग नामक कंपनी के संचालकों ने निवेशकों को झूठे वादों से फंसाकर उनकी रकम हड़प ली। शिकायत में कंपनी के संचालक धर्मेश धुर्वे (35), यतीन्द्र धुर्वे (29) और नारायण प्रसाद धुर्वे (56), निवासी मठपारा कवर्धा पर गंभीर आरोप लगाए गए। आरोपियों ने निवेशकों को 10 प्रतिशत प्रतिमाह लाभांश और एक वर्ष बाद मूल राशि लौटाने का प्रलोभन दिया था। लेकिन तय समय पर न तो ब्याज दिया गया और न ही मूल राशि लौटाई गई। धीरे-धीरे जब निवेशकों को धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो मामला पुलिस तक पहुंचा।  
    \पुलिस ने की व्यापक जांच शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की गहन जांच की। साथ ही, उनके ठिकानों और परिचितों पर दबिश दी गई। 19 अगस्त 2025 को लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे। इनमें ठगी की रकम से खरीदी गई जमीनों और लग्जरी गाड़ियों के दस्तावेज शामिल हैं। आरोपियों ने बिलासपुर में 57 लाख की जमीन, कवर्धा में 1 करोड़ 10 लाख की भूमि खरीदी थी। इसके अलावा टाटा हैरियर और अर्टिगा जैसी महंगी गाड़ियां भी ठगी की रकम से ली गई थीं।  
     50 करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा जांच में अब तक यह सामने आया है कि कबीरधाम जिले में ही करीब 1 करोड़ 39 लाख रुपये की ठगी की गई। वहीं पूरे छत्तीसगढ़ में इस घोटाले की रकम 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस का अनुमान है कि ठगी का शिकार हुए निवेशकों की संख्या सैकड़ों में है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई कई जिलों में लगातार छापेमारी और साइबर जांच के बाद संभव हो पाई। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधियों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है। निवेशकों को ठगने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  
    aपुलिस टीम की बड़ी भूमिका इस कार्रवाई में थाना कोतवाली प्रभारी लालजी सिन्हा, पांडातराई थाना प्रभारी कमलाकांत शुक्ला, साइबर प्रभारी मनीष मिश्रा और अन्य अधिकारियों व जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने सबूत जुटाने से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी तक अहम योगदान दिया। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब उनकी अन्य संपत्तियों और बैंक खातों की जांच कर रही है, ताकि ठगी की पूरी रकम का पता लगाया जा सके। निवेशकों को चेतावनी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी लालच में आकर इस तरह की फर्जी कंपनियों में निवेश न करें। ऊंचा ब्याज और दोगुना पैसा लौटाने का लालच आमतौर पर ठगी का हिस्सा होता है। ऐसे मामलों में निवेशक अपनी मेहनत की कमाई खो देते हैं। यह मामला न केवल कबीरधाम जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए चेतावनी है कि फर्जी निवेश कंपनियां कैसे संगठित रूप से लोगों को निशाना बना रही हैं। पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित रूप से कई निवेशकों को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।

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