भारत की एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री के सबसे प्रतिष्ठित फंड हाउसों में से एक एलआईसी म्यूचुअल फंड है। सोमवार को एलआईसी म्यूचुअल फंड ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है। आज एलआईसी एमएप ने आईडीबीआई म्यूचुअल फंड को टेकओवर कर लिया है। कंपनी का मर्जर जुलाई २०२३ से प्रभावी है। एलआईसी ने एसेट अंडर मैनेजमेंट को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है। चालू वित्त वर्ष की जून अंत तक में कंपनी का एयूएम १८,४०० करोड़ रुपये था। वहीं आईडीबीआई म्यूचुअल फंड का एमएफ ३,६५० करोड़ रुपये था। एलआईसी ने प्रोडक्ट की पेशकश को बढ़ाने के लिए और उसमें विविधता लाने के लिए यह फैसला लिया है। इसके अलावा देश में एक अग्रणी फंड हाउस के रूप में उभरने के लिए प्रबंधन के तहत अपनी संपत्ति (एयूएम) बढ़ाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए यह फैसला लिया गया है। आईडीबीआई एमएफ के मर्जर पूरा होने के बाद आईडीबीआई एमएफ के २० स्कीम में से १० स्कीम को एलआईसी एमएफ की स्कीम के साथ विलय कर दिया जाएगा। बाकी के १० स्कीम को एलआईसी एमएफ द्वारा स्टैंडअलोन के आधार पर लिया जाएगा। इसके बाद एलआईसी की कुल योजना संख्या ३८,००० हो जाएगी।जुलाई २०२३ से प्रभावी है। एलआईसी ने एसेट अंडर मैनेजमेंट को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है। चालू वित्त वर्ष की जून अंत तक में कंपनी का एयूएम १८,४०० करोड़ रुपये था। वहीं आईडीबीआई म्यूचुअल फंड का एमएफ ३,६५० करोड़ रुपये था। एलआईसी ने प्रोडक्ट की पेशकश को बढ़ाने के लिए और उसमें विविधता लाने के लिए यह फैसला लिया है। इसके अलावा देश में एक अग्रणी फंड हाउस के रूप में उभरने के लिए प्रबंधन के तहत अपनी संपत्ति (एयूएम) बढ़ाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए यह फैसला लिया गया है। आईडीबीआई एमएफ के मर्जर पूरा होने के बाद आईडीबीआई एमएफ के २० स्कीम में से १० स्कीम को एलआईसी एमएफ की स्कीम के साथ विलय कर दिया जाएगा। बाकी के १० स्कीम को एलआईसी एमएफ द्वारा स्टैंडअलोन के आधार पर लिया जाएगा। इसके बाद एलआईसी की कुल योजना संख्या ३८,००० हो जाएगी।
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