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29-Aug-2025 6:19:11 pm

वीरेंद्र और रोहित सिंह तोमर की अग्रिम जमानत याचिका पर फिर सुनवाई

वीरेंद्र और रोहित सिंह तोमर की अग्रिम जमानत याचिका पर फिर सुनवाई

रायपुर/बिलासपुर। रायपुर के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह और रोहित सिंह तोमर की अग्रिम जमानत याचिका पर आज छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई होने वाली है। दोनों फरार आरोपितों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से यह याचिका दाखिल की है। पिछले सुनवाई सत्र में 19 अगस्त को चीफ जस्टिस की बैंच ने इस मामले की समीक्षा की थी। सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपितों के खिलाफ पूर्व में दर्ज कई मामले अभी भी लंबित हैं। इसके अलावा, वे गुंडा अधिनियम में भी संलिप्त पाए गए हैं। वर्तमान मामले में निचली अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इन मामलों के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक, रायपुर को निर्देश दिए गए थे कि वे इस मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें।
इस हलफनामे में दोनों भाइयों का आपराधिक इतिहास और उनके खिलाफ लंबित अन्य मामलों का विस्तार से विवरण दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि हलफनामे के माध्यम से कोर्ट को यह स्पष्ट किया जाएगा कि दोनों आरोपित केवल वर्तमान मामले में ही नहीं, बल्कि पिछले आपराधिक मामलों में भी संलिप्त हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अदालत द्वारा अग्रिम जमानत देने से पहले सभी पहलुओं का गहन अध्ययन किया जाता है। आरोपितों का आपराधिक रिकॉर्ड, उनके खिलाफ लंबित मामले और समाज में संभावित खतरे को ध्यान में रखा जाता है। इस बार भी हाईकोर्ट उसी प्रक्रिया के तहत सुनवाई करेगा।  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हलफनामे में दोनों आरोपितों के पूर्व आपराधिक इतिहास, उनके खिलाफ लंबित अन्य मामलों और निचली अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट का पूरी तरह उल्लेख होगा। इससे हाईकोर्ट को यह निर्णय लेने में मदद मिलेगी कि क्या अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए या नहीं। वहीं, दोनों आरोपितों के अधिवक्ताओं का कहना है कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और किसी भी तरह का खतरा नहीं पैदा करेंगे। उनका दावा है कि उन्हें अग्रिम जमानत मिलने से कानूनी प्रक्रिया में न्याय मिलने में आसानी होगी। हालांकि, पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारी इस मामले में सतर्क हैं। उनका कहना है कि दोनों आरोपितों का आपराधिक इतिहास और समाज पर संभावित प्रभाव गंभीरता से देखा जाना चाहिए। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए पुलिस ने अपने हलफनामे में सभी विवरण प्रस्तुत करने की तैयारी कर ली है। इस सुनवाई के परिणाम से रायपुर और बिलासपुर में कानून व्यवस्था और आपराधिक मामलों के प्रति जनता की प्रतिक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। न्यायालय के निर्णय का इंतजार पूरे जिले में निगाहों का केंद्र बना हुआ है।


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