नई दिल्ली: बांग्लादेश में एक बार फिर से तख्तापलट के संकेत दिखाई दे रहे हैं. सेना के प्रमुख जनरल वकार उस ज़मान ने सरकार को अवैध करार दे दिया है और मोहम्मद यूनुस ने इस्तीफा की धमकी दी है. राजधानी ढाका में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं और यूनुस समर्थक 'मार्च फॉर यूनुस' कार्यक्रम कर रहे हैं. इस बीच शनिवार को बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने राजनीतिक अस्थिरता और सेना से तनातनी के बीच सलाहकार परिषद की आपात बैठक बुलाई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये बैठक तब बुलाई गई है जब यूनुस ने इस्तीफे की इच्छा जाहिर की है. मोहम्मद यूनुस का बैठकों का लगातार सिलसिला शनिवार को जारी है. ईसीएनईसी (राष्ट्रीय आर्थिक परिषद की कार्यकारी समिति) की बैठक के बाद यूनुस ने सलाहकारों की बैठक बुलाई. इस बैठक के बाद यूनुस दो राजनीतिक दलों से मुलाकात करेंगे. शनिवार शाम सात बजे BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) और रात 8 बजे जमात-ए-इस्लामी के नेताओं से मुलाकात तय है. BNP के प्रवक्ता ने ये पुष्टि की है कि देश में मौजूद हालात को लेकर यह बैठक प्रस्तावित है.
बांग्लादेश में एक बार फिर से तख्तापलट के संकेत दिखाई दे रहे हैं. मोहम्मद यूनुस और बांग्लादेशी सेना के बीच अब तनाव बढ़ गया है. सेना के प्रमुख जनरल वकार उस ज़मान ने सरकार को अवैध करार दे दिया है तो बौखलाए मोहम्मद यूनुस ने भी इस्तीफा की धमकी दे दी है और इस बीच राजधानी ढाका में एक बार फिर से हिंसक प्रदर्शनी का दौर शुरू हो गया. अंतरिम सरकार के मुखिया यूनुस से कुछ विपक्षी दल से मुलाकात करेंगे. एक बार फिर से तख्तापलट की आहट पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया यूनुस की सेना से ठन गयी है. बांग्लादेश के लिए आने वाले कुछ दिन है. इन दिनों में या तो सेना यूनुस को हटा सकती है या फिर यूनुस सियासी दलों के साथ मिलकर फौज को बैकफुट पर धकेल सकते हैं.
महज नौ महीने पहले छात्रों के आंदोलन ने बांग्लादेश को भीतर तक हिला दिया था. शेख हसीना की सरकार के खिलाफ हिंसक बगावत हुई थी, जिसके बाद शेख हसीना को भागकर भारत में शरण लेनी पड़ी. 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में बिना किसी खून-खराबा के तख्ता पलट हो गया. शेख हसीना तब से भारत में है. शेख हसीना के जाने के बाद मोहम्मद यूनुस बतौर चीफ एडवाइजर बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया है. लेकिन नौ महीने के भीतर ही अब ये जंग फौज बनाम यूनुस हो गई है. फौज हर हाल में दिसंबर तक चुनाव कराने का अल्टीमेट अब दे चुकी है. जब की यूनुस. जनवरी से जून 2026 के बीच चुनाव की बात कह रहे हैं. यानी चुनाव टाल रहे हैं.
Adv